High Uric Acid Symptoms: आजकल खराब खान-पान और बदलती जीवनशैली के कारण यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या तेजी से बढ़ रही है. जब शरीर में यूरिक एसिड का स्तर सामान्य से ज्यादा हो जाता है, तो यह जोड़ों में क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है. इससे तेज दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं. स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के कुछ अंग ऐसे होते हैं जो बढ़े हुए यूरिक एसिड का साफ संकेत देते हैं.
शरीर के कौन से अंग देते हैं संकेत
बढ़ा हुआ यूरिक एसिड सबसे पहले जोड़ों को प्रभावित करता है. आमतौर पर इसका असर पैरों के अंगूठे, एड़ी, टखनों, घुटनों और उंगलियों के जोड़ों में दिखाई देता है. इन हिस्सों में सूजन, लालिमा और दर्द महसूस होने लगता है. कई बार जोड़ों में जकड़न इतनी बढ़ जाती है कि चलना या हाथों से काम करना मुश्किल हो जाता है.
तीव्र दर्द कहां होता है
डॉक्टरों के अनुसार यूरिक एसिड बढ़ने पर सबसे अधिक तेज दर्द पैरों के अंगूठे के जोड़ में होता है. इसे मेडिकल भाषा में गाउट अटैक भी कहा जाता है. यह दर्द अचानक शुरू हो सकता है और अक्सर रात के समय ज्यादा महसूस होता है. इसके अलावा टखनों, घुटनों और कलाई में भी तेज दर्द और सूजन हो सकती है. दर्द इतना तीव्र हो सकता है कि हल्का स्पर्श भी असहनीय लगता है.
यूरिक एसिड बढ़ने के प्रमुख कारण
विशेषज्ञों का कहना है कि यूरिक एसिड बढ़ने के पीछे कई कारण जिम्मेदार हो सकते हैं. सबसे बड़ा कारण असंतुलित आहार और खराब जीवनशैली है. अधिक मात्रा में रेड मीट, सीफूड, शराब, मीठे पेय और प्रोसेस्ड फूड का सेवन करने से शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ सकता है. इसके अलावा मोटापा, कम पानी पीना, शारीरिक गतिविधि की कमी और किडनी की कमजोरी भी इस समस्या को बढ़ा सकती है. कुछ मामलों में आनुवंशिक कारण या कुछ दवाओं का सेवन भी यूरिक एसिड बढ़ने का कारण बन सकता है.
किन लोगों में ज्यादा खतरा
डॉक्टरों के मुताबिक, मोटापे से ग्रस्त लोग, डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर के मरीज और अधिक शराब पीने वाले लोगों में यूरिक एसिड बढ़ने का खतरा ज्यादा होता है. इसके अलावा जो लोग लंबे समय तक बैठे रहते हैं या व्यायाम नहीं करते, उनमें भी यह समस्या तेजी से बढ़ सकती है.
कैसे करें बचाव
यूरिक एसिड को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली बेहद जरूरी है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि ज्यादा पानी पिएं, हरी सब्जियां और फल खाएं तथा नियमित रूप से व्यायाम करें. इसके साथ ही रेड मीट, शराब, मीठे पेय और जंक फूड का सेवन कम करना चाहिए.