Iran Supreme Leader: ईरान में मची तबाही के बाद से ही ईरान की राजनीति गड़बड़ाई हुई है. वहीं ईरान में नए लीडर नियुक्त होने के खबरों के बीच मोजतबा खामेनेई का नाम नए सुप्रीम लीडर के तौर पर सामने आया है, लेकिन अब उनसे जुड़े कुछ ऐसे राज़ सामने आ रहे हैं जिसे जानने के बाद आप हैरान रह जाएंगे. दरअसल, हाल ही में उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में पुराने डिप्लोमैटिक खुलासे सामने आए हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक अली खामेनेई की मौत के बाद 88 मेंबर वाली असेंबली ऑफ एक्सपोर्ट्स ने मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुना. लेकिन, उनके अपॉइंटमेंट को लेकर पॉलिटिकल और धार्मिक हलकों में बहस तेज हो गई है.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एक US डिप्लोमैट द्वारा लीक की गई जानकारी में कहा गया कि, मोजतबा खामेनेई को अपनी शुरुआती शादीशुदा जिंदगी में हेल्थ प्रॉब्लम का सामना करना पड़ा था. विकीलीक्स द्वारा जारी किए गए डॉक्यूमेंट्स और न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें कंसीव करने में दिक्कत हो रही थी, जिसके कारण उन्हें ब्रिटेन में इलाज करवाना पड़ा. जी हां! ये खबर सामने आ रही है कि मोजतबा खामेनेई नपुंसक हैं?
कहां चल रहा इलाज
इस बीच एक और खबर सामने आ रही है. दरअसल, रिपोर्ट्स के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई का लंदन के वेलिंगटन हॉस्पिटल और क्रॉमवेल हॉस्पिटल में कई बार इलाज हुआ. खबर है कि उन्हें कम से कम चार बार क्लिनिक में भर्ती कराया गया, एक बार तो करीब दो महीने के लिए. इलाज के बाद उनकी पत्नी प्रेग्नेंट हो गईं. इन्ही रिपोर्ट्स से ये भी जानकारी मिली है कि अपनी पक्की शादी से पहले, मोजतबा ने दो टेम्पररी शादियां भी की थीं, जिन्हें इस्लामिक कानून के तहत सही माना जाता है. बाद में उन्होंने ईरान की पार्लियामेंट के एक पुराने स्पीकर के परिवार के एक सदस्य से शादी की. परिवार को जल्द ही बच्चे की उम्मीद थी, जिसके चलते उनका इलाज शुरू हुआ.
जानें कौन हैं मोजतबा ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि 56 साल के मोजतबा खामेनेई को एक मीडियम लेवल का शिया मौलवी कहा जाता है, सिर्फ यही नहीं , उन्होंने लंबे समय तक ईरान के पावर स्ट्रक्चर में पर्दे के पीछे एक असरदार भूमिका भी निभाई है. वहीं कहा जाता है कि उन्हें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) और बासिज मिलिशिया का भी सपोर्ट है. लेकिन, उनके अपॉइंटमेंट को लेकर अच्छा-खासा विवाद बना हुआ है. ऐसा इसलिए क्योंकि ईरान की इस्लामिक क्रांति की सोच खानदानी ताकत को नहीं मानती. कई राजनीतिक और धार्मिक ग्रुप इस पर सवाल उठा रहे हैं और इसे “राजशाही सिस्टम” कह रहे हैं.
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