Ancient Indian Birth Control: बर्थ कंट्रोल के बारे में चर्चाएँ अक्सर मॉडर्न लगती हैं. कई लोग मानते हैं कि यह हाल के दिनों में ही आम हुआ है. लेकिन अब ऑनलाइन बहुत ज़्यादा शेयर हो रहा एक वीडियो कुछ और ही दावा करता है. इसमें कहा गया है कि पुराने भारत में लोग प्रेग्नेंसी रोकने के तरीकों के बारे में पहले से ही जानते थे.
क्लिप पुराने ग्रंथों और तरीकों के बारे में बात करती है. इससे पता चलता है कि बर्थ कंट्रोल को छिपाया नहीं जाता था या इसे शर्मनाक नहीं माना जाता था. इसके बजाय, इस पर खुले तौर पर चर्चा की जाती थी और इसे ऑर्गनाइज़्ड तरीके से मैनेज भी किया जाता था.
भारत में बर्थ कंट्रोल 2000 साल पहले से था मौजूद
वीडियो एक आदमी के यह कहने से शुरू होता है, “भारत में बर्थ कंट्रोल दो हज़ार साल पहले से मौजूद था. कामसूत्र में इन तरीकों पर खुलकर चर्चा की गई थी, खासकर उन गणिकाओं के लिए जिनका करियर राजाओं को खुश करने और प्रेग्नेंसी से बचने पर निर्भर करता था.”
वह आगे बताए गए तरीकों के बारे में बताता है. उसके अनुसार, कुछ औरतें नीम जैसे पौधों से बने कड़वे हर्बल मिक्स पीती थीं. वह कहता है कि वे दवा वाले पेस्ट में भीगे हुए कॉटन इन्सर्ट और वजाइनल रूप से लगाए जाने वाले हर्बल तेलों का भी इस्तेमाल करती थीं. सेक्स के बाद सफाई के तरीके भी अपनाए जाते थे और माना जाता था कि इससे प्रेग्नेंसी की संभावना कम हो जाती है.
साथ ही, वह मानता है कि ये सभी तरीके सुरक्षित नहीं थे. उन्होंने साफ़-साफ़ कहा कि उनमें से कुछ “एकदम खतरनाक” थे. फिर भी, उनका कहना है कि इससे पता चलता है कि समाज ने प्रेग्नेंसी रोकने को शर्मिंदा नहीं किया.
अर्थशास्त्रों में क्या लिखा है?
वह आगे कहते हैं, “और सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसमें सरकार कैसे शामिल थी. अर्थशास्त्र में असल में वेश्याओं की हेल्थ और भलाई पर सरकारी निगरानी का रिकॉर्ड है.” उनके अनुसार, इसका मतलब है कि बर्थ कंट्रोल को प्रैक्टिकल हेल्थकेयर माना जाता था.
वीडियो के कैप्शन में लिखा है, “क्या आप जानते हैं कि 2,000 साल पहले पुराने भारत में बर्थ कंट्रोल मौजूद था? यह टैबू नहीं था. यह हेल्थकेयर था. इस पर खुलकर चर्चा होती थी. ज़िम्मेदारी से मैनेज किया जाता था. जहाँ ज़रूरत होती थी, वहाँ इसका इस्तेमाल किया जाता था.”
कमेंट्स में दर्शकों के मिले-जुले रिएक्शन
यह क्लिप 16 जनवरी को शेयर की गई थी और इसे अब तक दो लाख से ज़्यादा व्यूज़ मिल चुके हैं. इस पर अलग-अलग राय रखने वाले लोगों के कई कमेंट्स भी आए हैं. एक यूज़र ने लिखा, “मुझे पक्का नहीं पता, लेकिन मैंने कहीं पढ़ा है कि पुरानी चीनी सभ्यता में भी कॉन्ट्रासेप्टिव दवा मौजूद थी…लेकिन इसका इस्तेमाल ज़्यादातर रखैलें करती थीं.” एक और ने कमेंट किया, “लेकिन क्या उन्हें हर काम के लिए जातियों में नहीं रखा गया था?”
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