UP Potter GST Notice: उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. हरचंदपुर इलाके के रहने वाले मोहम्मद सईद नाम के कुम्हार को ₹1.25 करोड़ का GST नोटिस मिला है. सईद मिट्टी के गिलास और छोटे बर्तन बनाकर बेचते है. उनकी रोज की कमाई इतनी कम है कि मुश्किल से ही घर का खर्च चल पाता है. करोड़ों रुपये का टैक्स नोटिस मिलना एक झटका है. जो कभी कोई सोचा भी नही था.
सईद का कहना है कि उन्होंने कभी कोई कंपनी नहीं चलाई और न ही किसी बड़े बिजनेस से उनका कोई कनेक्शन है. नोटिस में उन्हें बिहार के पटना में चल रही चार कंपनियों से जुड़ा बताया गया है. यह सुनकर उनका पूरा परिवार हैरान रह गया है. सईद को शक है कि उनके आधार और पैन कार्ड का इस्तेमाल करके नकली फर्म बनाई गई है.
परिवार को किस पर शक है?
परिवार के मुताबिक कई साल पहले गांव के एक व्यक्ति ने लोन दिलाने के बहाने उन्हें पैन और आधार कार्ड दिलाने में मदद की थी. बाद में कागज खो गए या कभी मिले ही नहीं है. अब शक है कि इन डॉक्यूमेंट्स का गलत इस्तेमाल किया गया है. पहला नोटिस कुछ महीने पहले आया था, लेकिन कम पढ़े-लिखे होने की वजह से परिवार को इसकी गंभीरता समझ नहीं आई है. 15 फरवरी को दूसरा नोटिस आने के बाद ही उन्हें मामले के बारे में पता चला है.
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सईद के दो बेटे मिट्टी के बर्तन बनाने में उनकी मदद करते थे. जबकि बेटियं घर का काम संभालती है. परिवार का कहना है कि वे दो रुपये में मिट्टी के बर्तन बेचते है और 100 पीस पर 10 से 20 रुपये की मामूली कमाई करते है. ऐसे में करोड़ों का टैक्स देना सोचना भी मुश्किल है.
इस स्थिति से परेशान होकर सईद और उनका परिवार डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के ऑफिस गए और जांच की मांग की है. उनका कहना है कि अगर उन्होंने कोई गलती की है तो उन्हें सजा मिलनी चाहिए, लेकिन अगर वे बेगुनाह हैं तो उन्हें इंसाफ मिलना चाहिए. हालांकि प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई ऑफिशियल बयान नहीं आया है. यह घटना पहचान के डॉक्यूमेंट्स की सिक्योरिटी और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर भी सवाल उठाती है.
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एक्सपर्ट्स का मानना है कि लोगों को अपने आधार और पैन की जानकारी किसी के साथ शेयर करते समय सावधान रहना चाहिए. साथ ही प्रशासन को ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच करनी चाहिए ताकि किसी बेगुनाह पर बेवजह बोझ न पड़े.