India AI Impact Summit 2026: इंडिया एआइ इंपैक्ट समिट, 2026 भारत के लिए इस क्षेत्र में नई उड़ान भरने जा रहा है. भारत को विकसित देशों की श्रेणी में लाने के लिए केंद्र में सत्तासीन नरेन्द्र मोदी सरकार ने एआई इंडस्ट्री के क्षेत्र में अपनी पैर जमाने की कोशिश शुरू कर दी है. विकसित भारत के सपने को सच करने के लिए केंद्र सरकार सही दिशा में चल रही है. एआई इंपैक्ट समिट 2026 भी उसी कड़ी का एक हिस्सा है.जानकारों का कहना है कि आने वाले समय में विदेश की बड़ी कंपनियों से लेकर देसी स्टार्टअप तक हर किसी को इस क्षेत्र में मौका मिलेगा.
स्टीव हांके ने की पीएम मोदी की तारीफ
अमेरिकी एप्लाइड इकोनॉमिस्ट (व्यावहारिक अर्थशास्त्री), लेखक और जॉन हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर स्टीव हांके ने ट्वीट करते हुए लिखा ‘इस सप्ताह, AI इम्पैक्ट समिट में भारत अपनी ‘ग्लोबल AI कॉमन्स’ पहल को आगे बढ़ाएगा. कोई और नहीं बल्कि AI क्षेत्र के दिग्गज यान लेकन (@ylecun) भी ओपन और सहयोगी AI का समर्थन करते हैं और उनका कहना है कि, ‘भारत को इसमें एक महत्वपूर्ण भूमिका निभानी है. मोदी भारत को सही दिशा में ले जा रहे हैं.’
This week, at the AI Impact Summit, India will push its “Global AI Commons” initiative.
None other than AI pioneer @ylecun supports open, collaborative AI and says, “India has an important role to play.”
MODI HAS INDIA MOVING IN THE RIGHT DIRECTION. pic.twitter.com/msIQrYup96
— Steve Hanke (@steve_hanke) February 17, 2026
AI इम्पैक्ट समिट में 300,000 से ज़्यादा लोग पहुंचे
बीजेपी के राज्यसभा के सदस्य राजीव चन्द्रशेखर ने एक्स पर पोस्ट कर जानकारी दी है कि भारत के एआई समिट में पहले ही 300,000 से ज़्यादा लोग आ चुके हैं – जबकि दूसरे समिट में कुछ हज़ार लोग ही आते हैं. इसका कारण यह है कि बड़ी संख्या में भारतीय PM के डिजिटल, टेक और AI के विज़न में स्टेकहोल्डर हैं, जो भारत का भविष्य बना रहे हैं.
India under PM @narendramodi ji has demonstrated to the world how tech and innovation can be harnessed for the benefit of 1.4 billion India via #IndiaDPI.
Tech is not just abt research, innovation as far as India is concerned. Tech has driven and drives real transformation in… pic.twitter.com/gs4eApZ8Na
— Rajeev Chandrasekhar 🇮🇳 (@RajeevRC_X) February 18, 2026
समिट के बड़े लेवल की देश भर के साथ-साथ दुनिया भर में भी बहुत तारीफ़ हुई है. टेक लीडर्स और विज़िटर्स ने स्टार्टअप बूथ्स पर आसान एंट्री, ज़्यादा लोगों की मौजूदगी और ज़बरदस्त एनर्जी के लिए ऑर्गनाइज़र्स की तारीफ़ की है.
पीक XV पार्टनर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन ने X पर अपना अनुभव शेयर किया, जिसमें पहले दिन समिट में आए लोगों की बड़ी संख्या के बारे में बताया. राजन ने कहा, “मज़ेदार बात: #IndiaAISummit2026 में @SarvamAI लॉन्च में शामिल होने वालों की संख्या, 2025 में पेरिस में हुए पूरे AI समिट में शामिल होने वालों की कुल संख्या से ज़्यादा है!”
बेंगलुरु के AI स्टार्टअप के फाउंडर धनंजय यादव ने स्टार्टअप बूथ्स पर आसान एंट्री, ज़्यादा लोगों की मौजूदगी और ज़बरदस्त एनर्जी के लिए दिल्ली पुलिस की “बहुत ज़्यादा प्रोएक्टिव और सपोर्टिव” होने के लिए तारीफ़ की. उन्होंने समिट में एग्ज़िबिट करना कितना सस्ता है, इस पर ज़ोर देते हुए कहा, “पांच दिन के पॉड की कीमत Rs 25,000 है, जबकि US या यूरोप में ऐसी ही जगहों की कीमत लगभग $199 या उससे ज़्यादा होगी, जो शुरुआती फ़ाउंडर्स के लिए बहुत आसान है.”
Fun fact: the number of attendees at the @SarvamAI launch at the #IndiaAISummit2026 is higher than the total number of attendees at the entire AI Summit in Paris in 2025! pic.twitter.com/P3tYXS9Cpk
— Rajan Anandan (@RajanAnandan) February 18, 2026
डिजिटल राइट्स एक्टिविस्ट और मीडियानामा के फ़ाउंडर निखिल पाहवा ने समिट के बड़े असर पर ज़ोर दिया. उन्होंने बताया कि यह समिट कैसे एक “बदलाव लाने वाला पल” है, और कहा कि भारत का इस इवेंट को होस्ट करने का पैमाना देश के AI लक्ष्यों के लिए बहुत ज़रूरी है.
“इस तरह का समिट, जिसमें सरकार इतनी बैंडविड्थ देती है, भले ही एजेंडा फ़्लैट हो या ऑर्गनाइज़ेशन सही न हो, AI को मिनिस्ट्रीज़ और राज्य सरकारों के लिए प्राथमिकता देता है. इससे मिनिस्ट्रीज़, इंडस्ट्रीज़ और स्टूडेंट्स में AI सोच फैलने को बढ़ावा मिलता है, जिससे AI को अपनाने में बढ़ोतरी होती है, खासकर गवर्नेंस में. इससे अपनाने में लगने वाला समय कम हो जाता है, जैसा कि डिजिटल इंडिया का असर हुआ है.”
पाहवा ने कहा, “250,000 अटेंडीज़, खासकर स्टूडेंट्स के साथ, हम एक माइंडसेट चेंज की शुरुआत देख रहे हैं. हालांकि इंडिया कुछ एरिया में US और चीन से पीछे रह सकता है, लेकिन एजुकेशन, हेल्थकेयर, डिफेंस, कॉमर्स, गवर्नेंस, मैन्युफैक्चरिंग और फार्मास्युटिकल रिसर्च में सेक्टरल डिफ्यूजन में मौके बने हुए हैं. यह डिजिटल इंडिया जैसे मोमेंट की शुरुआत है, और मुझे बहुत उम्मीद है.”
इंडियन फिल्ममेकर शेखर कपूर ने यंग अटेंडीज़ में देश जोश
Auditorium overflowed with young people eager to listen and learn about AI at India AI Impact Summit.
The enthusiasm and eagerness convinces me that India is soon going to be a superpower in AI.
But we need to look at AI from an Indian point of view. Just like we looked at… pic.twitter.com/gd80fDylRb
— Shekhar Kapur (@shekharkapur) February 17, 2026
“ऑडिटोरियम AI के बारे में सुनने और सीखने के लिए उत्सुक यंग लोगों से भरा हुआ था. जोश मुझे यकीन दिलाता है कि इंडिया जल्द ही AI में एक सुपरपावर बनने वाला है. लेकिन हमें AI को इंडियन नजरिए से देखने की जरूरत है. वेस्टर्न मॉडल्स यहां काम नहीं करेंगे; इंडिया में AI का उदय पिरामिड के नीचे से होगा, जहां इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है और जहां असली जरूरत-बेस्ड इंट्यूशन मौजूद है.”
मेगा AI इम्पैक्ट समिट 2026
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इनॉगर किया गया, यह समिट दस एरिया में फैला है जो 70,000 स्क्वायर मीटर से ज्यादा एरिया में फैला है. यह ग्लोबल टेक फर्म, स्टार्टअप, एकेडेमिया, रिसर्च इंस्टीट्यूशन, यूनियन मिनिस्ट्री, राज्य सरकारों और इंटरनेशनल पार्टनर को एक साथ लाता है.
इस एग्ज़िबिशन में 300 से ज़्यादा क्यूरेटेड पवेलियन और तीन थीम वाले पिलर्स: पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस पर लाइव डेमोंस्ट्रेशन शामिल हैं. एक खास बात यह है कि इसमें 600 से ज़्यादा हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप शामिल हो रहे हैं, जिनमें से कई बड़े पैमाने पर और असल दुनिया के कॉन्टेक्स्ट में इस्तेमाल किए गए AI सॉल्यूशन दिखा रहे हैं.
India AI Impact Summit is about many stories on indigenous innovations and achievements. It is a marquee event for display of present and future AI technologies at international level.
Each such story is a testament to India’s growing AI ecosystem. There are hundreds of stalls… pic.twitter.com/R4QCy0fTkW
— Tapas Bhattachary (@tapasjournalist) February 18, 2026