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Amalaki Ekadashi 2026 Date: कब पड़ रही है आमला एकादशी? समझें इसका धार्मिक महत्व और पूजा विधि

Amalaki Ekadashi 2026 | Amalaki Ekadashi 2026 kab hai: आमलकी एकादशी फाल्गुन शुक्ल पक्ष की महत्वपूर्ण एकादशी मानी जाती है, जिसे आमला या आंवला एकादशी और रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है और आंवले के वृक्ष का पूजन अत्यंत फलदायी माना गया है. आइए जानते हैं कब है आमलकी एकादशी...

By: Ranjana Sharma | Last Updated: February 18, 2026 2:55:23 PM IST



Amalaki Ekadashi 2026 | Amalaki Ekadashi 2026 Kab hai: फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को आमलकी एकादशी कहा जाता है. इसे आमला एकादशी, आंवला एकादशी और रंगभरी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन भगवान विष्णु की विशेष पूजा का विधान है. धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत को रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से पापों और दोषों का नाश होता है तथा जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

आमलकी एकादशी कब है

पंचांग के अनुसार फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि 27 फरवरी को प्रातः 12:33 बजे शुरू होगी और उसी दिन रात 10:32 बजे समाप्त होगी. उदयातिथि के आधार पर आमलकी एकादशी 27 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी. इसी दिन रंगभरी एकादशी भी मनाई जाती है.

रंगभरी एकादशी और काशी की परंपरा

धार्मिक नगरी वाराणसी में इस दिन रंगभरी एकादशी का विशेष उत्सव मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती को रंग और गुलाल अर्पित किए जाते हैं. शिव मंदिरों में विशेष पूजन और उत्सव का आयोजन होता है.

बन रहे हैं 4 शुभ योग

इस वर्ष आमलकी एकादशी पर चार शुभ योग बनने का संयोग है, जिससे इस व्रत का महत्व और बढ़ जाता है. शुभ योग में किया गया व्रत, जप और दान विशेष फलदायी माना जाता है.

पूजा विधि

  • प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें.
  • भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप-धूप जलाएं.
  • आंवले के वृक्ष की पूजा करें और जल अर्पित करें.
  • तुलसी दल, पीले पुष्प और फल अर्पित करें.
  • ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जप करें.
  • दिनभर व्रत रखें और द्वादशी तिथि में पारण करें.

आध्यात्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार आमलकी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है और उसे मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिलता है. आंवले के वृक्ष को भगवान विष्णु का प्रिय माना गया है, इसलिए इस दिन उसकी पूजा का विशेष महत्व है. आमलकी एकादशी भक्ति, रंग और उल्लास का पर्व है, जो होली से पहले आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का संदेश देता है.

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