Home > देश > Mohan Bhagwat: ‘3 बच्चे पैदा करें हिंदू और तेज होना चाहिए घर वापसी का काम’, मोहन भागवत ने सनातनियों को दे दी बड़ी सलाह

Mohan Bhagwat: ‘3 बच्चे पैदा करें हिंदू और तेज होना चाहिए घर वापसी का काम’, मोहन भागवत ने सनातनियों को दे दी बड़ी सलाह

Mohan Bhagwat: हाल ही में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने एक ऐसा बयान दिया है जिसे जानने के बाद हर कोई हैरान है. हाल ही में दिए बयान में मोहन भागवत ने कहा है कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन हमें सावधान रहना होगा.

By: Heena Khan | Published: February 18, 2026 10:17:39 AM IST



Mohan Bhagwat: हाल ही में RSS प्रमुख मोहन भागवत ने एक ऐसा बयान दिया है जिसे जानने के बाद हर कोई हैरान है. हाल ही में दिए बयान में मोहन भागवत ने कहा है कि हिंदू समाज को किसी से खतरा नहीं है, लेकिन हमें सावधान रहना होगा. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने मंगलवार को यह बात कही. बता दें कि वो निराला नगर के सरस्वती शिशु मंदिर में सामाजिक सद्भाव मीटिंग में बोल रहे थे. घटती हिंदू आबादी पर चिंता जताते हुए उन्होंने लालच और ज़बरदस्ती से होने वाले धर्मांतरण को रोकने की अपील की. ​​उन्होंने कहा कि “घर वापसी” की प्रक्रिया को तेज़ किया जाना चाहिए. उन्होंने हिंदू धर्म में लौटने वालों की देखभाल करने की अहमियत पर भी ज़ोर दिया. चलिए जान लेते हैं कि उन्होंने क्या कहा और हिंदू समाज को क्या संदेश दिया. 

बढ़ती घुसपैठ पर जताई चिंता 

बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों का पता लगाकर उन्हें खत्म किया जाना चाहिए और देश से निकाल दिया जाना चाहिए. हाल ही में उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि हिंदुओं को कम से कम तीन बच्चे पैदा करने चाहिए. जी हां! उन्होंने कहा कि पहले कोई भेदभाव नहीं था, लेकिन समय के साथ भेदभाव एक आदत बन गई है, जिसे ठीक करना होगा. मीटिंग में सिख, बौद्ध और जैन समुदायों के साथ-साथ रामकृष्ण मिशन, इस्कॉन, जय गुरुदेव, शिव शांति आश्रम, आर्ट ऑफ़ लिविंग, संत निरंकारी आश्रम, संत कृपाल आश्रम, कबीर मिशन, गोरक्ष पीठ, आर्य समाज, संत रविदास पीठ, दिव्यानंद आश्रम और ब्रह्म विद्या निकेतन के प्रतिनिधि शामिल हुए.

Delhi Weather: सुबह-सुबह दिल्ली में बारिश, अभी तूफान आना भी बाकी, IMD ने दे दी चेतावनी

भारतीय महिलाओं को दिया संदेश 

इस दौरान मोहन भागवत ने कहा कि परिवार की नींव मातृशक्ति होती है. हमारी परंपरा में पुरुषों को कमाने का अधिकार था, लेकिन माताएं तय करती थीं कि पैसा कैसे खर्च किया जाए. शादी के बाद मातृशक्ति दूसरे घर आती है और सभी को अपना बना लेती है. इसके अलावा वो कहते हैं कि महिला को हमें अबला नहीं मानना है, वह असुर मर्दिनी है. वहीं UGC गाइडलाइंस के बारे में एक सवाल के जवाब में मोहन भागवत ने कहा कि सभी को कानून मानना ​​चाहिए. अगर कानून गलत है, तो उसे बदलने का तरीका है. जातियां झगड़े की वजह नहीं बननी चाहिए. अगर समाज में अपनेपन की भावना होगी, तो ऐसी समस्याएं नहीं आएंगी.

Jaipur Weather: कहीं बारिश तो कहीं ओलों की मार! आज राजस्थान के इन जिलों में संभलकर रहें, IMD का येलो अलर्ट जारी

Advertisement