Donald Trump: टैरिफ वॉर को लेकर कहीं न कहीं भारत और अमेरिका के रिश्ते बिगड़ते हुए नजर आ रहे थे. लेकिन अब राहत की खबर ये है कि लंबे समय से चल रही टैरिफ वॉर शनिवार को आधिकारिक तौर पर खत्म हो गई. जी हां व्हाइट हाउस की तरफ से जारी एक जॉइंट स्टेटमेंट के अनुसार, दोनों देश एक अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट के फ्रेमवर्क पर राजी हो गए हैं. वहीं आपको बता दें कि इस एग्रीमेंट ने टैरिफ वॉर तो खत्म किया ही है, साथ ही दोनों देशों के बीच ट्रेड संबंधों में एक नए रणनीतिक दौर की शुरुआत भी कर दी है. जानकारी के मुताबिक इस एग्रीमेंट की सबसे अहम घोषणा यह है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर साइन किए हैं, जिससे रूस से तेल इंपोर्ट करने की वजह से भारत पर लगाए गए 25% टैरिफ को हटा दिया गया है.
नया फ्रेमवर्क तैयार
जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह व्हाइट हाउस द्वारा जारी एक जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया है कि भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका पारस्परिक और आपसी फायदे वाले व्यापार पर एक अंतरिम समझौते के लिए एक फ्रेमवर्क पर सहमत हुए हैं. बताया जा रहा है कि ये फ्रेमवर्क दोनों देशों की द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) बातचीत के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है, जिसे फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शुरू किया था.
अमेरिका की किन शर्तों पर माना भारत
- इस फ्रेमवर्क के मुताबिक, भारत ने सभी अमेरिकी औद्योगिक सामानों और अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ खत्म करने या काफी कम करने पर सहमति जता दी है. बताया जा रहा है कि इनमें सूखे डिस्टिलर ग्रेन (DDGs), पशु आहार के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला ज्वार, मेवे, ताजे और प्रोसेस्ड फल, सोयाबीन तेल, साथ ही वाइन और स्पिरिट शामिल हैं.
- इसके अलावा, अमेरिका एक कार्यकारी आदेश के तहत भारतीय मूल के सामानों पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा. इन सामानों में कपड़ा और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, ऑर्गेनिक रसायन, घरेलू साज-सज्जा, हस्तशिल्प और कुछ श्रेणियों की मशीनरी शामिल हैं.
- वहीं अंतरिम समझौते के सफल समापन के अधीन, वाशिंगटन भारतीय निर्यात की एक विस्तृत श्रृंखला पर पारस्परिक टैरिफ भी हटा देगा, जिसमें जेनेरिक दवाएं, रत्न और हीरे, और विमान के पुर्जे शामिल हैं.
- व्हाइट हाउस ने ये भी कहा कि अमेरिका भारत से कुछ विमानों और विमान के पुर्जों पर अतिरिक्त टैरिफ हटा देगा, जो पहले एल्यूमीनियम, स्टील और तांबे के आयात को कवर करने वाली अलग-अलग घोषणाओं के तहत राष्ट्रीय सुरक्षा के आधार पर लगाए गए थे. इस बीच, भारत को अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप, अमेरिका को निर्यात किए जाने वाले ऑटोमोटिव पुर्जों के लिए एक तरजीही टैरिफ दर कोटा मिलेगा.
- जेनेरिक दवाओं और फार्मास्युटिकल सामग्री पर बातचीत का परिणाम चल रही अमेरिकी जांच के निष्कर्षों पर निर्भर करेगा. दोनों देशों ने आपसी हित के क्षेत्रों में एक-दूसरे को लगातार तरजीही बाजार पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्धता जताई है. उन्होंने इस बात पर भी सहमति व्यक्त की कि मूल के नियम स्थापित किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि समझौते के लाभ मुख्य रूप से भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका को मिलें.
- अंतरिम समझौते का एक मुख्य फोकस गैर-टैरिफ बाधाओं को हटाना होगा. भारत ने अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों को प्रभावित करने वाले लंबे समय से चले आ रहे मुद्दों को संबोधित करने, सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) सामानों के लिए प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को हटाने, और छह महीने के भीतर यह समीक्षा करने पर सहमति व्यक्त की है कि क्या अमेरिकी-विकसित या अंतरराष्ट्रीय मानकों और परीक्षण आवश्यकताओं को पहचाने गए क्षेत्रों में अमेरिकी निर्यात के लिए भारतीय बाजार में स्वीकार किया जा सकता है.
- भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि निर्यात को प्रभावित करने वाली लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को हल करने के लिए भी काम करेगा. नियामक सहयोग में सुधार के लिए, दोनों पक्षों ने तकनीकी नियमों के अनुपालन को सुविधाजनक बनाने के लिए आपसी सहमति वाले क्षेत्रों में मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करने का अपना इरादा बताया.
- बयान में कहा गया है कि यदि कोई भी देश भविष्य में अपने सहमत टैरिफ स्तरों में संशोधन करता है, तो दूसरे पक्ष को तदनुसार अपनी प्रतिबद्धताओं को समायोजित करने का अधिकार होगा. व्हाइट हाउस ने कहा कि अमेरिका और भारत एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) के तहत बातचीत के ज़रिए मार्केट एक्सेस को और बढ़ाने के लिए काम करेंगे.
- वॉशिंगटन ने यह भी संकेत दिया कि वह बातचीत के दौरान भारतीय सामानों पर टैरिफ में और कटौती के भारत के अनुरोध पर विचार करेगा. दोनों पक्ष सप्लाई चेन की मज़बूती में सुधार करने और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए आर्थिक सुरक्षा पर तालमेल को मज़बूत करने पर सहमत हुए.
- भारत ने अगले पांच सालों में अमेरिका से 500 अरब डॉलर का सामान खरीदने का इरादा ज़ाहिर किया है. उम्मीद है कि इन खरीद में अमेरिकी एनर्जी प्रोडक्ट्स, एयरक्राफ्ट और एयरक्राफ्ट पार्ट्स, कीमती धातुएं, टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स और कोकिंग कोल शामिल होंगे.
- दोनों देशों ने ग्राफ़िक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) और डेटा सेंटर में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरणों जैसे टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स में व्यापार को काफी बढ़ाने की भी योजना बनाई है, साथ ही महत्वपूर्ण टेक्नोलॉजी में गहरा संयुक्त सहयोग भी करेंगे.
- अमेरिका और भारत ने डिजिटल व्यापार को प्रभावित करने वाली भेदभावपूर्ण या बोझिल प्रथाओं को दूर करने और मज़बूत, महत्वाकांक्षी और आपसी फ़ायदे वाले डिजिटल व्यापार नियमों की दिशा में एक साफ़ रास्ता बनाने के लिए भी प्रतिबद्धता जताई.