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लोगों का ‘शौक’ हुआ धुआं-धुआं, सिगरेट और शराब के बढ़ गए दाम; नोट करें लेटेस्ट रेट्स

Alcohol Cigarettes Costlier: कल केंद्र सरकार ने अपना बजट पेश किया है और उसके बाद नशीले पदार्थ महंगे हो गए है. लोगों के मन में एक सवाल है कि अब शराब और सिगरेट के क्या दाम होंगे. अगर आप भी जानना चाहते हैं तो ये खबर आपके लिए है-

By: sanskritij jaipuria | Published: February 2, 2026 1:23:16 PM IST



Alcohol Cigarettes Costlier: केंद्र सरकार ने बजट 2026-27 में शराब और दूसरे नशे जैसे सिगरेट के सामानों पर टैक्स बढ़ाने का फैसला किया है. इस फैसले से शराब पीने वालों को ज्यादा पैसे खर्च करने पड़ सकते हैं. वहीं, कुछ रोजमर्रा के जरूरी सामान सस्ते होने से आम लोगों को थोड़ी राहत भी मिली है. बजट में शराब पर लगने वाले कुछ करों में बढ़ोतरी की गई है. सरकार ने टैक्स कलेक्शन एट सोर्स (TCS) की दर को 1 प्रतिशत से बढ़ाकर 2 प्रतिशत कर दिया है. इसके अलावा आयात की जाने वाली शराब और देश में बनने वाली शराब पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने के संकेत भी दिए गए हैं

जानकारों का मानना है कि इन बदलावों के कारण शराब की खुदरा कीमतों में 10 से 20 प्रतिशत तक इजाफा हो सकता है. खासकर महंगे और विदेशी ब्रांड ज्यादा महंगे हो सकते हैं. शहरों में बार और शराब की दुकानों पर इसका असर जल्दी दिख सकता है, जबकि गांवों में बिकने वाली स्थानीय शराब भी इससे अछूती नहीं रहेगी.

सिगरेट के भी बढ़े दाम

सिगरेट पीने वालों के लिए यहे खबर राहत देने वाली नहीं है. अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाए जाने के बाद रविवार से सिगरेट की कीमतों में तेज. बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अब 10 सिगरेट की एक पैकेट पर न्यूनतम 22 से 25 रुपये तक ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं. वितरकों का कहना है कि 76 मिमी लंबाई वाली प्रीमियम सिगरेटें ब्रांड के अनुसार प्रति 10 सिगरेट के पैकेट पर लगभग 50 से 55 रुपये तक महंगी हो गई हैं.

फिलहाल कंपनियों ने नई अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) की आधिकारिक घोषणा नहीं की है. इसके बावजूद, वितरक पुराने स्टॉक की बिलिंग खुदरा दुकानदारों को 40 प्रतिशत जीएसटी के साथ कर रहे हैं. रविवार को थोक बाजार बंद होने के चलते व्यापारियों को उम्मीद है कि सोमवार से नई कीमतों के साथ ताजा स्टॉक बाजार में पहुंच जाएगा. मध्यम श्रेणी में लोकप्रिय सिगरेट ‘विल्स नेवी कट’, जो पहले 95 रुपये प्रति पैकेट मिलती थी, अब इसकी कीमत बढ़कर लगभग 120 रुपये प्रति पैकेट तक पहुंच सकती है.

शराब के अलावा और क्या हुआ महंगा-सस्ता

बजट में शराब के साथ-साथ सिगरेट, पान मसाला और कुछ लग्जरी चीजों पर भी टैक्स बढ़ाया गया है. वहीं, मोबाइल फोन, चमड़े से बने सामान, कुछ जरूरी दवाइयां, माइक्रोवेव ओवन और विदेश यात्रा से जुड़ी चीजें सस्ती हुई हैं. सरकार ने जरूरी सामान सस्ते करके लोगों के खर्च को संतुलित रखने की कोशिश की है.

सरकार का उद्देश्य क्या है

सरकार का कहना है कि शराब, सिगरेट और तंबाकू जैसी चीजों पर टैक्स बढ़ाने से दो फायदे होंगे. पहला, इससे सरकार को ज्यादा राजस्व मिलेगा. दूसरा, लोगों को इन चीजों के ज्यादा इस्तेमाल से रोकने में मदद मिलेगी.

हालांकि, शराब पर टैक्स लगाने में राज्य सरकारों की भी बड़ी भूमिका होती है. इसलिए हर राज्य में शराब की कीमत अलग-अलग हो सकती है. अंतिम कीमत इस बात पर निर्भर करेगी कि राज्य सरकारें अपने स्तर पर एक्साइज ड्यूटी में क्या बदलाव करती हैं.

1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम

शराब पर टैक्स से जुड़े ये बदलाव 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगे. इसके बाद शराब बनाने वाली कंपनियां और दुकानदार नई कीमतें तय करेंगे. कुल मिलाकर, बजट 2026 में सरकार ने एक तरफ आम जरूरत की चीजों पर राहत दी है, तो दूसरी तरफ नशे से जुड़े सामानों पर सख्ती दिखाई है. इसका सीधा असर शराब पीने वालों की जेब पर पड़ सकता है.
 

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