Gold-Silver Price: सोना और चांदी की घटती-बढ़ती कीमतों ने सबको हैरान कर रखा है. लगातार कीमतों में अचानक से उछाल आ जाना और अचानक से ही कीमत गिर जाना, आम जनता से लेकर इन्वेस्टरों तक की टेंशन बढ़ा रहा है. लेकिन क्या आपने सोचा कि ऐसा क्यों हो रहा है? आज हम आपको अपने लेख के माध्यम से ये ही बताने वाले हैं. दरअसल, बुधवार तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद सोने और चांदी की कीमतों पर सबकी नज़र बनी हुई है. शुक्रवार को दोनों धातुओं में कुछ गिरावट देखी गई, जिससे इस गिरावट के पीछे के कारणों के बारे में अटकलें लगाई जा रही हैं. शनिवार को कीमतें काफी हद तक एक दायरे में बनी रहीं.
सोना-चांदी के हालिया दाम
न्यूज़ एजेंसी की एक रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना ₹14,000 या 7.65 प्रतिशत गिरकर ₹1,69,000 प्रति 10 ग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गया. गुरुवार को यह धातु ₹12,000 की बढ़ोतरी के बाद ₹1,83,000 प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गई थी. इस बीच, चांदी ₹20,000 या लगभग 5 प्रतिशत गिरकर ₹3,84,500 प्रति किलोग्राम (सभी टैक्स सहित) हो गई. पिछले सत्र में, यह सफेद धातु ₹19,500 उछलकर ₹4,04,500 प्रति किलोग्राम के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई थी.
आज भारतीय शहरों में सोने और चांदी की कीमतें क्या हैं?
गुड रिटर्न्स के मुताबिक, दिल्ली में 31 जनवरी को 24-कैरेट सोने की कीमत ₹16,934 प्रति ग्राम, 22-कैरेट सोने की कीमत ₹15,524 प्रति ग्राम और 18-कैरेट सोने की कीमत, जिसे 999 सोना भी कहा जाता है, ₹12,704 प्रति ग्राम थी. दिल्ली में चांदी की कीमतें ₹394.9 प्रति ग्राम थीं, जो ₹3,94,900 प्रति किलोग्राम के बराबर है. मुंबई में, 31 जनवरी को 24-कैरेट सोने की कीमत ₹16,919 प्रति ग्राम थी, जबकि 22-कैरेट सोने की कीमत ₹15,509 प्रति ग्राम और 18-कैरेट सोने की कीमत ₹12,689 थी. मुंबई में चांदी की कीमतें दिल्ली के समान ही थीं, ₹394.90 प्रति ग्राम या ₹3,94,900 प्रति किलोग्राम. हैदराबाद शहर में सोने के दाम मुंबई के बराबर थे, जिसमें 24 कैरेट सोने की कीमत ₹16,919 प्रति ग्राम, 22 कैरेट सोने की कीमत ₹15,509 प्रति ग्राम और 18 कैरेट सोने की कीमत ₹12,689 प्रति ग्राम थी. हालांकि, शहर में चांदी प्रीमियम पर ट्रेड हो रही थी, जिसकी कीमत ₹404.90 प्रति ग्राम और ₹4,04,900 प्रति किलोग्राम थी.
क्या है वजह?
सोने और चांदी की कीमतों में तेज़ उतार-चढ़ाव की सबसे बड़ी वजह वैश्विक आर्थिक और भू-राजनीतिक अनिश्चितता है. जब अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने या घटने की अटकलें लगती हैं, डॉलर मज़बूत या कमज़ोर होता है, या फिर युद्ध, मंदी और बैंकिंग संकट जैसे हालात बनते हैं, तो निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर सोने-चांदी जैसे धातु की ओर भागते हैं. जैसे ही हालात थोड़े स्थिर दिखते हैं, मुनाफावसूली शुरू हो जाती है और कीमतें अचानक गिरने लगती हैं.
भारत में क्यों हो रहा सस्ता महंगा
भारत में सोने-चांदी की कीमतें सिर्फ अंतरराष्ट्रीय रेट पर नहीं, बल्कि रुपये की स्थिति पर भी निर्भर करती हैं. जब डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर होता है, तो सोना-चांदी महंगे हो जाते हैं, भले ही ग्लोबल कीमतें स्थिर हों. इसके अलावा शादी-ब्याह और त्योहारों के सीजन में मांग बढ़ने से दाम चढ़ते हैं, जबकि सरकार के आयात शुल्क, GST और रिज़र्व बैंक की नीतियों में बदलाव भी कीमतों में अचानक हलचल पैदा करते हैं.
समझदारी से लें काम
आम निवेशकों के लिए यह समझना ज़रूरी है कि सोना और चांदी लंबे समय के लिए सुरक्षित निवेश माने जाते हैं, न कि रोज़ाना ट्रेडिंग के लिए. तेज़ी या गिरावट देखकर घबराकर खरीद-बिक्री करना नुकसानदेह हो सकता है. बेहतर यही है कि निवेश को चरणों में किया जाए, अपने पोर्टफोलियो में संतुलन रखा जाए और शॉर्ट टर्म शोर की बजाय लॉन्ग टर्म ट्रेंड पर ध्यान दिया जाए, तभी सोना-चांदी सच में फायदा दिला पाएंगे.