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Mahashivratri 2026 Date: महाशिवरात्रि 2026 कब है? जानें पूजा का शुभ मुहूर्त, महत्व और विधि

Mahashivratri 2026 Date| Mahashivratri Kab Hai: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि का विशेष महत्व है. यह दिन भगवान शिव और शक्ति के मिलन का दिन है. महाशिवरात्रि का पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष के चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है. साल 2026 में महाशिवरात्रि का पर्व किस दिन पड़ेगा और किस दिन रखा जाएगा व्रत जानें.

By: Tavishi Kalra | Last Updated: January 30, 2026 11:45:12 AM IST



Mahashivratri 2026 Date| Mahashivratri Kab Hai : महाशिवरात्रि के पर्व का इंतजार लोग पूरे सालभर करते हैं. इस दिन को शिव जी की पूजा के लिए सबसे उत्तम दिन माना गया है. इस दिन भक्त व्रत करते हैं शिव जी की आराधना करते हैं. पंचांग के अनुसार , फाल्गुन माह में आने वाली मासिक शिवरात्रि को महा शिवरात्रि के रूप में मनाया जाता है.

महाशिवरात्रि 2026 तिथि (Mahashivratri 2026 Date and Puja time)

महाशिवरात्रि का पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ता है. इस बार चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 फरवरी, 2026 को शाम 5 बजकर 4 मिनट पर बोही, चतुर्दशी तिथि का अंत 16 फरवरी 2026 को शाम 5 बजकर 34 मिनट पर होगी. महाशिवरात्रि व्रत का 15 फरवरी, 2026 रविवार के दिन रखा जाएगा. 

शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)

इस दिन निशिता काल पूजा का समय रात 12 बजकर 09 मिनट से लेकर रात 1 बजकर 01 मिनट तक रहेगा. इस दौरान पूजा की कुल अवधि 51 मिनट रहेगी.

महाशिवरात्रि व्रत का पारण 16 फरवरी 2026, सोमवार को 06:59 से 15:24 तक कर सकते हैं.

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रात्रि पूजा का महत्व

महाशिवरात्रि के दिन रात्रि में या रात के समय पूजा करने का विशेष महत्व है, इस दिन सन्ध्याकाल में स्नान कर पूजा करनी चाहिए. व्रत का पूर्ण फल प्राप्त करने भक्तों को इस 4 चार की पूजा के दौरान विशेष फल की प्राप्ति होती है. शिवरात्रि पूजा रात्रि के समय एक बार या चार बार की जा सकती है. रात्रि के चार प्रहर होते हैं, और हर प्रहर में शिव पूजा की जा सकती है.

4 पहर पूजा का शुभ मुहूर्त

रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – शाम 6:11 से रात 9:23 तक रहेगा
रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – रात 9:23 से रात 00:35 तक रहेगा
रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – रात 00:35+ से 03:47 तक रहेगा
रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – सुबह 03:47+ से सुबह 06:59 तक रहेगा.

महाशिवरात्रि पूजा विधि (Mahashivratri Ki Puja Kaise Karen)

महाशिवरात्रि के दिन देवों के देव महादेव की पूजा विधि-विधान के साथ करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. इस दिन सुबह उठकर व्रत का संकल्प लें, शुभ मुहूर्त में भगवान शिव का पंचामृत से अभिषेक या रुद्राभिषेक करें. भगवान शिव को दूध, दही, घी, शहद, गंगाजल, गन्ने का रस, आदि अर्पित करें इसके बाद भगवान शिव को चंदन, भस्म आदि का तिलक लगाएं.

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता 

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