Home > खेल > रिजेक्शन पर रिजेक्शन! पापा को आया अटैक… फिर वर्ल्ड कप में शैफाली ने उड़ाए सबके होश, मुश्किल दौर से चैंपियन बनने तक का सफर

रिजेक्शन पर रिजेक्शन! पापा को आया अटैक… फिर वर्ल्ड कप में शैफाली ने उड़ाए सबके होश, मुश्किल दौर से चैंपियन बनने तक का सफर

Shafali Verma: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC महिला वर्ल्ड कप 2025 जीतकर इतिहास रच दिया. फाइनल मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराकर देश को गर्व का मौका दिया. इस जीत में टीम की हर खिलाड़ी का योगदान रहा, लेकिन शेफाली वर्मा की कहानी सबसे ज़्यादा खास रही.

By: Heena Khan | Published: January 28, 2026 7:54:45 AM IST



Shafali Verma: भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ICC महिला वर्ल्ड कप 2025 जीतकर इतिहास रच दिया. फाइनल मुकाबले में भारत ने साउथ अफ्रीका को हराकर देश को गर्व का मौका दिया. इस जीत में टीम की हर खिलाड़ी का योगदान रहा, लेकिन शेफाली वर्मा की कहानी सबसे ज़्यादा खास रही. उनकी एंट्री अचानक हुई और उन्होंने फाइनल में ऐसा प्रदर्शन किया कि मैच का रुख ही बदल दिया. शेफाली ने न सिर्फ़ शानदार बल्लेबाज़ी की, बल्कि गेंदबाज़ी में भी अहम विकेट लेकर टीम को जीत दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई. यह जीत दिखाती है कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से किसी भी मुश्किल को पार किया जा सकता है.

टीम में वापसी और फाइनल का हीरो बनना

शेफाली वर्मा शुरुआत में वर्ल्ड कप टीम का हिस्सा नहीं थीं. खराब फॉर्म की वजह से उन्हें टीम से बाहर कर दिया गया था. लेकिन टूर्नामेंट के दौरान बांग्लादेश के खिलाफ आखिरी ग्रुप मैच में प्रतिका रावल चोटिल हो गईं और बाहर हो गईं. इसके बाद शेफाली को रिप्लेसमेंट के तौर पर टीम में शामिल किया गया. उनका पहला मैच ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल था, जहां वो खास प्रदर्शन नहीं कर पाईं. लेकिन फाइनल में उन्होंने खुद को साबित कर दिया. शेफाली ने 87 रनों की शानदार पारी खेली और साथ ही दो विकेट भी लिए. उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. ऐसा लगा जैसे किस्मत ने उन्हें दूसरा मौका दिया और उन्होंने उसे दोनों हाथों से पकड़ लिया.

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मुश्किल दौर से गुजरीं शेफाली चैंपियन बनने तक का सफर

वर्ल्ड कप से कुछ महीने पहले शेफाली अपनी ज़िंदगी के सबसे कठिन समय से गुजर रही थीं. लगातार खराब प्रदर्शन के कारण उन्हें ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए टीम से बाहर कर दिया गया था. इसी दौरान उनके पिता की तबीयत भी बहुत खराब हो गई और उन्हें हार्ट अटैक आया. शेफाली ने अपने पिता को तुरंत यह बात नहीं बताई कि उन्हें टीम से निकाल दिया गया है, क्योंकि वे अस्पताल में भर्ती थे. मीडिया को दिए इंटरव्यू में शेफाली ने बताया कि उन्होंने एक हफ्ते बाद अपने पिता को यह बात बताई. निजी और पेशेवर मुश्किलों के बावजूद शेफाली ने हिम्मत नहीं हारी. मेहनत और भरोसे के दम पर उन्होंने वापसी की और वर्ल्ड कप फाइनल की हीरो बन गईं. यह कहानी हर खिलाड़ी के लिए प्रेरणा है.

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