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Bihar Politics: लालू प्रसाद क्यों आए बैकफुट पर? तेजस्वी यादव क्यों बनाए गए RJD के कार्यवाहक अध्यक्ष

Tejashwi Yadav Rashtriya Janata Dal Acting President: तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल का राष्ट्रीय कार्यवाहक अध्यक्ष बनाया गया है . RJD नेता भोला यादव ने तेजस्वी यादव के नाम का प्रस्ताव रखा. इस पर विरोध नहीं हुआ और तेजस्वी को यह पद मिल गया.

By: JP Yadav | Published: January 25, 2026 1:58:42 PM IST



Tejashwi Yadav Rashtriya Janata Dal Acting President: बिहार की राजनीति में रविवार (25 जनवरी, 2026) का दिन राष्ट्रीय जनता दल और तेजस्वी यादव के अहम रहा. वरिष्ठ नेता तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल का कार्यकारी अध्यक्ष चुना गया है. बिहार की राजधानी पटना के नामी होटल में रविवार को RJD की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में भोला यादव इसका प्रस्ताव ने रखा. बताया जा रहा है कि बैठक में मौजूद राष्ट्रीय जनता दल के मुखिया लालू प्रसाद के निर्देश पर लाए गए इस प्रस्ताव पर कार्यकारिणी के सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया. जो शुरुआती जानकारी सामने आ रही है कि उसके मुताबिक, लालू प्रसाद प्रसाद की सेहत खराब रहने और उनकी अस्वस्थता को देखते हुए RJD ने पार्टी के इतिहास में पहली बार कार्यवाहक अध्यक्ष चुना है.

पटना में RJD के राष्ट्रीय कार्यकारिणी की रविवार (25 जनवरी, 2026) को बैठक हुई. वहीं, तेजस्वी यादव को राष्ट्रीय जनता दल (RJD) का नया राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने के दौरान इस अहम बैठक में लालू प्रसाद यादव के अलावा पूर्व सीएम राबड़ी देवी और मीसा भारती के अलावा कई दिग्गज नेता मौजूद रहे. चयन प्रक्रिया की कड़ी में RJD के बिहार प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने तेजस्वी यादव को RJD का कार्यकारी अध्यक्ष चुने जाने का प्रस्ताव रखा, जिसका किसी ने विरोध नहीं किया. सूत्रों के मुताबिक, यह प्रस्ताव लालू प्रसाद के निर्देश पर इस प्रस्ताव पर कार्यकारिणी के सदस्यों ने हाथ उठाकर समर्थन किया. इसके बाद तेजस्वी को अध्यक्ष की सभी शक्तियां दे दी गईं हैं. इस दौरान लालू प्रसाद यादव ने इसका सर्टिफिकेट तेजस्वी यादव को सौंपा. इस दौरान वहां मौजूद नेताओं ने तालियां बजाकर स्वागत किया. 

सूत्रों के मुताबिक, लालू प्रसाद यादव की उम्र 80 वर्ष से अधिक की हो चुकी है. इसके साथ ही उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ है. ऐसे में वह ज्यादा सक्रिय रहने की स्थिति में नहीं हैं. वर्ष 1997 में जनता दल से अलग होकर राजद बना था, जिसके बाद लालू ही पार्टी के सर्वेसर्वा बने हुए हैं. चारा घोटाले में सजा मिलने के बाद भी उन्होंने यह पद नहीं छोड़ा. 

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