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Republic Day 2026: इस साल दिल्ली सहित इन राज्यों में नहीं निकलेगी झांकी, चेक करें अपने राज्य का नाम

Republic Day 2026 Tableau: कल देश भर में 77वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा. ऐसे में बहुत से राज्यों में झांकी निकलेगी, लेकिन कुछ राज्य ऐसे हैं जो इस बार झांकि नहीं निकालेंगे. आइए जानते हैं कि वे कौन से राज्या है-

By: sanskritij jaipuria | Published: January 25, 2026 8:28:57 AM IST



Republic Day 2026 Tableau: बस एक दिन और फिर भारत अपना 77वां गणतंत्र दिवस मनाएगा. हर साल 26 जनवरी को लोग पूरे उत्साह, सम्मान और देशभक्ति के साथ मनाते है. इस खास मौके पर नई दिल्ली का कर्तव्य पथ एक बार फिर देश की सैन्य शक्ति और विकास की कहानी का सजीव मंच बनेगा. इस साल का गणतंत्र दिवस समारोह इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि ये राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 साल पूरे होने को समर्पित है, जो भारत के स्वतंत्रता संग्राम और राष्ट्रप्रेम की भावना का प्रतीक रहा है.

गणतंत्र दिवस की परेड सिर्फ सेना की ताकत दिखाने का कार्यक्रम नहीं है. ये भारत की अलग-अलग संस्कृतियों और लोगों की एकता का उत्सव भी है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सुंदर झांकियां देश की पुरानी परंपराओं और आज की नई उपलब्धियों को एक साथ दिखाती हैं.

आत्मनिर्भर भारत का संदेश  

इस साल की परेड में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के विचार पर खास ध्यान दिया गया है. झांकियां, आधुनिक हथियार और सैनिकों की परेड लोगों के दिल में देश के लिए गर्व और एकता की भावना पैदा करेगी.

इस बार की थीम क्या है?

सरकार ने गणतंत्र दिवस 2026 के लिए दो मेन थीम तय की हैं-

 ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’
 ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’

इन थीम्स के तहत कुल 30 झांकियां प्रस्तुत की जाएंगी, जिनमें राज्य, केंद्र शासित प्रदेश और केंद्र सरकार के मंत्रालय शामिल होंगे.

 झांकियों में दिखेगा इतिहास 

इस सााल झांकियों के जरिए एक ओर जहां ‘वंदे मातरम्’ और स्वतंत्रता आंदोलन की झलक देखने को मिलेगी, वहीं दूसरी ओर रक्षा, तकनीक, कृषि और उद्योग जैसे क्षेत्रों में भारत की आधुनिक प्रगति को भी दिखाया जाएगा.

 किन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां होंगी शामिल?

जिन जगहों की झांकियां शामिल होंगी उनके नाम है- उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी,पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मणिपुर, नागालैंड, गुजरात और महाराष्ट्र.

केंद्र सरकार के मंत्रालयों की खास प्रस्तुति

केंद्र सरकार के 13 मंत्रालय अपनी झांकियों के माध्यम से देश की उपलब्धियों को दर्शाएंगे.
संस्कृति मंत्रालय की झांकी ‘वंदे मातरम्: राष्ट्र की आत्मा’ इस समारोह का मेन आकर्षण होगी. इसके अलावा रक्षा, शिक्षा, आयुष, गृह मंत्रालय (NDRF) और कौशल विकास मंत्रालय भी अपनी प्रगति को प्रदर्शित करेंगे.

 इन राज्यों की झांकियां इस साल नहीं होंगी शामिल

रोटेशन नीति के तहत इस साल अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम, त्रिपुरा, सिक्किम, मेघालय, झारखंड, गोवा, दिल्ली, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की झांकियां परेड में शामिल नहीं होंगी. इसका उद्देश्य ये सुनिश्चित करना है कि हर राज्य को तीन साल के चक्र में समान अवसर मिल सके.

झांकियों को चुनने का तरीका बहुत ध्यान से और साफ-सुथरा होता है. विशेषज्ञ झांकियों के डिजाइन, रंग, संगीत और संदेश को देखकर तय करते हैं कि कौन सी झांकी सही है. पहले उनका ड्राफ्ट और 3D मॉडल देखा जाता है, फिर ही मंजूरी मिलती है.

 विशेष अतिथि और जनजातीय भागीदारी

इस साल समारोह में देशभर से 400 जनजातीय अतिथियों को आमंत्रित किया गया है. साथ ही टेक्नोलॉजी, स्टार्ट-अप और स्वयं सहायता समूहों से जुड़े करीब 5,000 विशेष मेहमान भी कार्यक्रम का हिस्सा बनेंगे.

दर्शकों के लिए बनाए गए एनक्लोजर भारत की मेन नदियों गंगा, यमुना और गोदावरी के नाम पर रखे गए हैं. वहीं ‘बीटिंग द रिट्रीट’ समारोह के एनक्लोजर भारतीय वाद्य यंत्रों जैसे वीणा और मृदंगम के नाम से सजाए गए हैं.

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