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Jamia Professor Viral Video: जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी (JMI) पॉलिटेक्निक से जुड़े एक विवाद में दिल्ली पुलिस ने कानूनी कार्रवाई तेज कर दी है. जामिया यूनिवर्सिटी के पॉलिटेक्निक में कार्यरत यूडीसी (UDC) रामफूल मीणा की शिकायत पर सिविल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रियाजुद्दीन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज
पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर जामिया नगर थाना में एफआईआर संख्या 33/26 दर्ज की गई है. यह मामला अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(r) तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2) के तहत दर्ज किया गया है. शिकायत में आरोप है कि पीड़ित के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया गया, बल्कि कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग भी हुआ और मारपीट की स्थिति भी बनी.
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है, और सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल की जा रही है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष और कानून के दायरे में की जाएगी. जांच के दौरान बयान दर्ज किए जाएंगे और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
कैसे शुरु हुआ पूरा विवाद?
आदिवासी कर्मी रामफूल मीणा ने एक विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. रियाजुद्दीन पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें जातिसूचक गालियां, शारीरिक हमला और धार्मिक आधार पर उत्पीड़न शामिल है. शिकायत के अनुसार, यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब डॉ. रियाजुद्दीन के खिलाफ कर्मचारीों से दुर्व्यवहार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ. हालांकि रामफूल मीणा का उस वीडियो या शिकायत से कोई सीधा संबंध नहीं था, लेकिन संदेह के आधार पर उन्हें निशाना बनाया गया.
मीणा का आरोप है कि 13 जनवरी 2026 को डॉ. रियाजुद्दीन उनके डेस्क पर आए और बिना किसी ठोस कारण के आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया. जब मीणा ने इसका विरोध किया, तो प्रोफेसर ने उनके साथ अभद्र भाषा में बात की और उन्हें डराने-धमकाने की कोशिश की. मामला यहीं नहीं रुका, बल्कि 16 जनवरी 2026 को स्थिति और गंभीर हो गई.
‘तुम्हारी औकात कैसे हुई कि तुम मेरे खिलाफ शिकायत करो?’
शिकायत के मुताबिक, 16 जनवरी को डॉ. रियाजुद्दीन फिर से मीणा के ऑफिस में आए और उन पर हमला कर दिया. इस दौरान उन्होंने कथित तौर पर जातिसूचक गालियां दीं और कहा, “तुम्हारी औकात कैसे हुई कि तुम मेरे खिलाफ शिकायत करो? तुम आदिवासी जंगली हो, मुसलमानों के इदारे में रहकर मेरे खिलाफ शिकायत करने की जुर्रत कैसे की?” मीणा का कहना है कि प्रोफेसर ने उनके चेहरे पर कई मुक्के मारे, जिससे उनके होंठ फट गए और आंख के नीचे सूजन आ गई. इसके बाद उन्हें विश्वविद्यालय के अंसारी स्वास्थ्य केंद्र में इलाज कराना पड़ा.
प्रोफेसर ने कर्मचारी को ‘काफिर’ कहा!
रामफूल मीणा ने अपनी शिकायत में यह भी दावा किया है कि उन्हें उनकी धार्मिक पहचान के कारण भी टारगेट किया गया. उन्होंने कहा कि वह हिंदू हैं और इसी वजह से उन्हें परिसर में कई बार “काफिर” कहकर अपमानित किया गया. मीणा का आरोप है कि उन्हें केवल उनकी हिंदू और आदिवासी पहचान के कारण लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया.
यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उल्टा कर्मचारी पर लिया एक्शन
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि जब मीणा ने रजिस्ट्रार ऑफिस में इस हमले की शिकायत दर्ज कराई, तो कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने उसी दिन उनका तबादला आदेश जारी कर दिया. मीणा ने इसे दंडात्मक कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह सच को दबाने की कोशिश है.
🔸Why no SC/ST act on Riyazuddin?
– Asst. Professor at Jamia Polytechnic
– Kicks tribal man Ram Phool Meena
– Calls him as “Meena Kamina, Kaffir” for complaining against him@DelhiPolice @JamiaMilliaUni
— Kreately.in (@KreatelyMedia) January 20, 2026
आरोपी प्रोफेसर का एक वीडियो भी हो रहा वायरल
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच जारी है. इस बीच, आरोपी प्रोफेसर का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें वह क्लासरूम में एक कर्मचारी को लात मारते हुए दिखाई दे रहे हैं. इस वीडियो ने शिक्षण संस्थानों में कर्मचारीों के साथ व्यवहार को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल, आरोपी प्रोफेसर की ओर से इस पूरे मामले पर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.