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A.R. Rahman Controversy: मशहूर सिंगर एआर रहमान इन दिनों खूब सुर्खियों में हैं. उनके एक बयान ने सोशल मीडिया से लेकर सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है. लोगों ने उनकी सांप्रदायिकता वाली टिप्पणी को लेकर खूब आलोचना की है. इस लिस्ट में बांग्लादेश की निर्वासित लेखिका तस्लीमा का नाम भी शामिल हो चुका है. उन्होंने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किया है. उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि “एआर रहमान भारत के शायद अमीर सिंगर है. सभी धर्मों के लोग उन्हें प्यार करते हैं.”
तस्लीमा नसरीन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया
लेखिका ने लिखा, “ए.आर. रहमान एक मुस्लिम हैं और भारत में उनका बहुत सम्मान किया जाता है. मैंने सुना है कि वह सबसे ज़्यादा पैसे लेने वाले कलाकारों में से एक हैं. वह शायद सबसे अमीर म्यूज़िशियन हैं. वह शिकायत कर रहे हैं कि उन्हें बॉलीवुड में ज़्यादा काम नहीं मिलता क्योंकि वह मुस्लिम हैं. शाहरुख खान अभी भी बॉलीवुड के किंग हैं; सलमान खान, आमिर खान, जावेद अख्तर, शबाना आज़मी – ये सभी सुपरस्टार हैं.”
A. R. Rahman is a Muslim and is extraordinarily famous in India. His remuneration, as far as I have heard, is higher than that of all other artists. He is probably the richest musician. He is complaining that he is not given work in Bollywood because he is a Muslim. Shah Rukh…
— taslima nasreen (@taslimanasreen) January 18, 2026
“पश्चिम बंगाल से निर्वासित”
तस्लीमा ने आगे लिखा, “मशहूर और अमीर लोगों को कहीं भी मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़ता. वे किसी भी धर्म, जाति या समुदाय के हो सकते हैं. मुश्किलें मेरे जैसे गरीब लोगों के लिए हैं. मैं पक्की नास्तिक हूं, लेकिन मेरे नाम की वजह से मुझे मुस्लिम माना जाता है. जो लोग मुस्लिम विरोधी हैं, उन्हें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि कोई नास्तिक है या आस्तिक.” उन्होंने आगे कहा, “कोई मुझे अपार्टमेंट किराए पर नहीं देना चाहता. जब भी मैं अस्पताल जाती हूं, वे मुझे धोखा देते हैं और मेरा पैर काट देते हैं.”
“प्यार की वजह से भारत में नहीं रह रही हूं”
अपनी पोस्ट में तस्लीमा ने लिखा, “ये तस्वीरें ए.आर. रहमान की ज़िंदगी या बॉलीवुड के मुस्लिम सितारों की ज़िंदगी के आस-पास भी नहीं हैं. मैं नागरिक नहीं हूं. नागरिक और निवासी के बीच, वोट देने के अधिकार को छोड़कर सभी अधिकार समान हैं. कम से कम कानून तो यही कहता है. कई नागरिक प्यार की वजह से भारत में नहीं रहते; मैं यहां इसलिए हूं क्योंकि मुझे इससे प्यार है. मैं कभी सिद्धांतों और आदर्शों की बात नहीं करती.”
“दया दिखाना सही नहीं है”
उन्होंने कहा, “इस्लाम के खोखले अवशेषों और बुनियादों को तोड़ने के बाद, मैं निर्वासन की ज़िंदगी जी रही हूं, फिर भी लोग मुझसे कहते हैं, ‘तुम लोग अपनी पहचान के लिए चांद देखते हो,’ या ‘तुम्हारे समुदाय में बहुविवाह होता है.’ अगर मैं यह सब पीछे छोड़ दूं तो मैं कितनी दूर जा सकती हूं? ए.आर. रहमान का सम्मान हिंदुओं, मुसलमानों, बौद्धों, ईसाइयों, नास्तिकों और आस्तिकों द्वारा समान रूप से नहीं किया जाना चाहिए.”