Magh Gupt Navratri Day 2: माघ माह के गुप्त नवरात्रि 19 जनवरी से शुरू हो गए है. आज गुप्त नवरात्रि का दूसरा दिन है. इस दिन मां तारा की पूजा-अर्चना की जाती है. हीं, गुप्त नवरात्रि में दस महाविद्याओं की पूजा की जाती है. देवी तारा को ‘तारिणी’ भी कहा जाता है. मां तारा की आराधना करने से बड़े से बड़े संकटों का नाश होता है. गुप्त नवरात्रि के दूसरे दिन ज्ञान और मार्गदर्शन की देवी मां तारा की आराधना होती है.
जो लोग अपनी लाइफ में दिक्कतों, कोर्ट-कचहरी, पुलिस और अन्य समस्याओं से जूझ रहे हैं वो लोग गुप्त नवरात्रि के आज दूसरे दिन मां तारिणी की आराधना करें. मां तारा की विधिवत पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है. गुप्त नवरात्रि को तंत्र साधना के लिए उत्तम माना जाता है.
मां तारा को बुद्धि, वाणी और संतान सुख प्रदान करने वाली देवी माना जाता है. इस दिन की गई साधना से मानसिक स्थिरता और निर्णय क्षमता मजबूत होती है.
मंत्र जाप
मां तारा की उपासना में ‘ॐ ह्रीं स्त्रीं हूं फट’ मंत्र का जप विशेष फलदायी माना गया है.
मां तारिणी की संपूर्ण आरती-
।। तारा देवी की आरती ।।
जय तारा तुम जग विख्यात,
ब्रह्माणी रूप सुन्दर भात।
चंद्रमा कोहनी भ्राजत,
हंस रूप बन माँ तुम आई।
कनकवाले केशों में,
धूप-दीप फिर सजे।
कंबल नीला, वस्त्र सुंदर,
चरणों में अंगूर सजे।
चन्दन बासम बिलोचन पर,
बेल पत्रानि मला धरू।
भक्तों के काज राखो,
शंकर मन्दिर विशेष आयूं।
जय तारा तुम जग विख्यात,
ब्रह्माणी रूप सुन्दर भात।।
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