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पहाड़ों के लाल ने किया कमाल, संघर्ष को मात देकर JEE टॉपर बने योगेश जीना, जानें क्या है उनकी सफलता का मंत्र

उत्तराखंड के अल्मोड़ा (Almoda) के रहने वाले योगेश जीना (Yogesh Jeena) की सफलता की कहानी लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा है

By: DARSHNA DEEP | Published: January 15, 2026 5:55:09 PM IST



JEE Topper Yogesh Jeena’s struggle and success Mantra: उत्तराखंड के योगेश जीना की कहानी उन लाखों छात्रों के लिए प्रेरणा बन चुकी है जो अपने इरादों और हौसलों को पंख देने का सपना देख रहे हैं. अल्मोड़ा के एक बेहद ही साधारण परिवार से आने वाले योगेश ने अपनी बेहद ही कड़ी मेहनत और एक खास पढ़ाई की रणनीति के दम पर JEE जैसी कठिन परीक्षा में सफलता के परचम को लहराने का काम किया है. 

संघर्ष और मजबूत इरादा

योगेश की सफलता के पीछे कोई महंगा कोचिंग नहीं, बल्कि उनका बेहद ही अटूट अनुशासन था. एक छोटे शहर से होने के बाद भी उनके पास बड़े शहरों जैसी सुविधाएं नहीं थीं, लेकिन उन्होंने अपनी कमजोरी को अपनी ताकत के रूप में इस्तेमाल किया. इसके साथ ही उन्होंने लंबी अवधि तक एकाग्रता बनाए रखने के लिए एक सख्त दिनचर्या का पालन करना शुरू कर दिया. 

योगेश की सरल ‘रिवीजन विधि’ (The Secret Sauce)

इतना ही नहीं उन्होंने अपनी सफलता का सबसे बड़ा श्रेय अपनी रिवीजन तकनीक को दिया है, जिसे उन्होंने तीन मुख्य चरणों में खास तौर से बांटा था. 

शॉर्ट नोट्स का निर्माण

योगेश हर चैप्टर को पढ़ने के बाद उसके मुख्य फार्मूलों (Important Formulas) और कॉन्सेप्ट्स (Concept) को 1-2 पन्नों में पूरी तरह से समेट देते थे. तो वहीं, दूसरी तरफ इससे अंतिम समय में पूरे मोटे रजिस्टर पलटने की जरूरत नहीं पड़ती थी. 

इतना ही नहीं, वह सिर्फ नोट्स ही नहीं पढ़ते थे, बल्कि किताब बंद करके याद करते थे कि उन्होंने आखिर क्या कुछ पढ़ा है. यह दिमाग की मांसपेशियों को सक्रिय रखने का सबसे ज्यादा अच्छा तरीका होता है. 

इतना ही नहीं, योगेश ने एक डायरी बनाई थी जिसमें वे मॉक टेस्ट के दौरान की गई हर छोटी-बड़ी गलतियों को लिखा करते थे. इसके अलावा वे हर रिवीजन सत्र में उन गलतियों को दोबारा न दोहराने पर पूरी तरह से अपना ध्यान केंद्रित करते थे.

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