Home > शिक्षा > राष्ट्रीय युवा दिवस पर ओडिशा की नई पीढ़ी गाएगी ‘वंदे मातरम्’, आत्मनिर्भर भारत का लेगी संकल्प

राष्ट्रीय युवा दिवस पर ओडिशा की नई पीढ़ी गाएगी ‘वंदे मातरम्’, आत्मनिर्भर भारत का लेगी संकल्प

Odisha News: 'वंदे मातरम' की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर ओडिशा में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है. आज यानी 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस पर राज्य भर के सभी शिक्षण संस्थानों में ‘वंदे मातरम’ का राज्यव्यापी सामूहिक गायन आयोजित किया जाएगा.

By: Mohammad Nematullah | Published: January 12, 2026 10:59:47 AM IST



Odisha News: ‘वंदे मातरम’ की 150वीं वर्षगांठ के मौके पर ओडिशा में एक ऐतिहासिक पहल की जा रही है. आज यानी 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती और राष्ट्रीय युवा दिवस पर राज्य भर के सभी शिक्षण संस्थानों में ‘वंदे मातरम’ का राज्यव्यापी सामूहिक गायन आयोजित किया जाएगा.

इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में देशभक्ति, सांस्कृतिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करना है. इस अवसर पर छात्र सामूहिक रूप से ‘वंदे मातरम’ गाएंगे और “आत्मनिर्भर भारत स्वदेशी प्रतिज्ञा” भी लेंगे. प्रत्येक शिक्षण संस्थान एक छात्र को आत्मनिर्भर भारत राजदुत के रूप में नामित करेगा. छात्रों के लिए विभिन्न रचनात्मक और बौद्धिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा, और जो प्रतिभागी असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन करेंगे, उन्हें सम्मानित किया जाएगा.

बार-बार पेशाब जाना नॉर्मल या खतरे की घंटी, कहीं किडनी की समस्याओं का कोई संकेत तो नहीं?

तैयारी के लिए व्यापक प्रशिक्षण व्यवस्था

ओडिया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग ने इस कार्यक्रम के सफल आयोजन के संबंध में सभी जिला कलेक्टरों को आवश्यक निर्देश जारी किए हैं. इसके तहत राज्य में एक ‘वंदे मातरम प्रशिक्षण कार्यक्रम’ आयोजित किया जा रहा है.

ओडिशा को पांच क्षेत्रों में बांटा गया है

जयपुर, बरहामपुर, बालासोर, संबलपुर और भुवनेश्वर, और आंचलिक स्तर पर प्रशिक्षण आयोजित किया गया है. ये प्रशिक्षण कार्यक्रम बरहामपुर, बालासोर और जयपुर में क्रमशः 23, 30 और 31 दिसंबर, 2025 को पूरे हुए है.

Prashant Tamang Last Performance: प्रशांत का आखिरी Performance! Video देख भर आएंगी आंखें

संबलपुर आंचलिक प्रशिक्षण 2 जनवरी 2026 को और भुवनेश्वर आंचलिक प्रशिक्षण 3 जनवरी 2026 को पूरा हुआ. प्रत्येक ब्लॉक, नगर पालिका और एनएसी से नामित तीन शिक्षकों दो स्कूल स्तर से और एक कॉलेज/विश्वविद्यालय स्तर से इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लिय है.

ये प्रशिक्षित शिक्षक आगे स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षण देंगे. विभाग ने निर्देश दिया है कि सभी ब्लॉक, नगर पालिका और एनएसी स्तर के प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 जनवरी 2026 तक पूरे कर लिए जाएं. 

‘वंदे मातरम’ राष्ट्रीय चेतना का स्रोत है: संस्कृति मंत्री

उत्कल विश्वविद्यालय में आयोजित भुवनेश्वर आंचलिक प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्कृति मंत्री श्री सूर्यबंशी सूरज ने कहा कि ‘वंदे मातरम’ भारत के स्वतंत्रता आंदोलन की एक प्रेरणादायक आवाज रही है और आज भी यह गीत राष्ट्रीय चेतना और देशभक्ति की भावना को मजबूत करता है. उन्होंने कहा कि यह गीत नागरिकों में साहस आत्मविश्वास और एकता की भावना पैदा करता है. इस अवसर पर एकामरा के विधायक बाबू सिंह, उड़िया भाषा, साहित्य और संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. विजय केतन उपाध्याय, खुर्दा कलेक्टर अमृत ऋतुराज और प्रशासन, शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्रों की कई प्रमुख हस्तियां मौजूद थीं.

Prashant Tamang Death Reason: पत्नी के बराबर में ही सो रहे थे प्रशांत तमांग अचानक… आखिर कैसे हुई इंडियन आइडल विनर की मौत?

Advertisement