The Chemistry of Love: बॉलीवुड में कई बार सितारे केवल एक्टिंग ही नहीं बल्कि लोगों को हर एक इमोशन महसूस कराते हैं. इंटिमेट सीन और बरदस्त ऑन-स्क्रीन केमिस्ट्री के जरिए कई स्टार्स ने यादगार पल बनाए. बॉलीवुड ने प्यार की भाषा मेटाफर में पेश की गई है. जैसे दो लोगों का किस करना, टकराती लहरे और इंसानी सच्चाई नहीं.कई बार बॉलीवुड ने पवित्र परियों का कहानियों या भद्दी अश्लीलता के बीच चुनने का मौका दिया था. इसके बीच में कुछ भी नहीं था. लेकिन इसके बावजूद एक बड़ा बदलाव देखने को मिला. कुछ मेनस्ट्रीम फिल्मों ने उस हिस्से में जाने की हिम्मत की, जो शायद जनता ने सोचा भई नहीं था.
बॉलीवुड का बदलाव
इन बॉलीवुड फिल्मों ने हमें कुछ ऐसा दिया जो शायद ज़्यादा ट्रांसग्रेसिव था. फिल्में बेहतरीन तरीके से शूट की गई, मल्टी कैमरा सेंसुअलिटी जो सीधे आपकी आंखों में देखती थी. यह कोई रियलिटी नहीं थी, लेकिन दिखावा भी नहीं था. यह एक सिनेमाई इंटीमेसी थी, जिसके दिखाया गया था. जिसके कारण बॉलीवुड ने दर्शकों को अपनी तरफ आकर्षित किया.
एनाटॉमी ने इंटरनेट पर मचाई धूम
- टच से पहले की सांस: कोई भी किस को फिल्मा सकता है. मास्टर लोग उससे ठीक पहले के आधे सेकंड को कैप्चर करते हैं. वह एक साथ ली गई, कांपती हुई सांस. वह नज़र जो पूछती है, “क्या यह ठीक है?” पूरे सीन को खूबसूरत अंदाज में पेश करना, जिसे दर्शक महसूस कर सकते हैं.
- असलीपन की आवाज: एक परफेक्ट सिम्फनी को भूल जाइए. खामोशी को सुनिए. कपड़े की सरसराहट, अस्थिर सांस, वह नरम, अनजाने में निकलने वाली आवाज एकदम रियलिटी का अहसास दिलाता है.
- सच का अहसास: असली कहानी कभी भी सेक्स में नहीं होती. यह उसके बाद जो होता है, उसमें होती है. वह हैरान कर देने वाली, एक साथ की खामोशी. एक प्राइवेट दुनिया में एक-दूसरे से सटे माथे. वह सूक्ष्म, इंटिमेसी के बाद की नज़र जो पूरे रिश्ते को समेटे हुए है. यह सिनेमैटिक इंटिमेसी है जो अपने सबसे पावरफुल रूप में सामने आती है.
द प्रोवोकेटर एक्टर्स की लिस्ट
रणवीर सिंह और अनुष्का शर्मा
बैंड बाजा बारात में, उनकी नज़दीकी कोई बड़ा रोमांटिक ऐलान नहीं थी; यह एक हॉट, नशे में, सफलता के बाद का जोश था. ऑन-स्क्रीन कच्चा सेक्स जल्दी में, हड़बड़ी वाला और क्लासिक बॉलीवुड चमक से पूरी तरह से खाली था.
सैफ अली खान और करीना कपूर खान
कुरबान में, उनकी ऑफ-स्क्रीन चाहत लालच और खतरे की कहानी में बदल गई. सीन लंबा, जानबूझकर और शानदार तरीके से कोरियोग्राफ किया गया था, फिर भी हर टच में एक खास समझदारी थी. यह बिस्तर पर सच्ची केमिस्ट्री थी जिसका इस्तेमाल कहानी के हथियार के तौर पर किया गया था.
विद्या बालन
परिणीता में विद्या बालन ने एक शांत तूफान के साथ अपनी एंट्री की घोषणा की. सैफ अली खान और संजय दत्त के साथ उनके इंटीमेट सीन संदर्भ के सबक थे. उन्होंने चाहत को इमोशनल बातचीत के तौर पर दिखाया.