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‘चुप्पो गन्ने, घड़े ते कौला’… मनाली की वादियों में सिद्धू ने पकड़ी बादल परिवार की ‘चोरी’, वायरल वीडियो में बड़ा खुलासा!

हिमाचल में बाहरी व्यक्ति कैसे खरीद सकता है जमीन? सिद्धू ने वीडियो शेयर कर बादल परिवार को घेरा. पीर पंजाल की पहाड़ियों में जमीन खरीद पर छिड़ा नया राजनीतिक संग्राम.

By: Shivani Singh | Published: January 1, 2026 2:15:11 PM IST



पूर्व क्रिकेटर और पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अपनी बेटी के साथ मनाली और पीर पंजाल पहाड़ी इलाके में घूम रहे हैं. सिद्धू को पीर पंजाल पहाड़ी इलाके में पंजाब के बादल परिवार की ज़मीन भी मिली. सिद्धू ने वहां एक स्थानीय लड़की से बात की और बातचीत के दौरान उन्होंने बादल परिवार की कड़ी आलोचना की.

नवजोत सिंह सिद्धू ने स्थानीय लड़की के साथ अपनी बातचीत का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया. इस वीडियो के ज़रिए सिद्धू ने बादल परिवार पर निशाना साधा और कहा कि पंजाब के बादल हिमाचल प्रदेश तक पहुंच गए हैं। सिद्धू ने बादल परिवार पर तंज कसने के लिए एक पंजाबी कहावत, “चुपो गन्ने, घड़े ते कौला” का भी इस्तेमाल किया. सिद्धू का कहना है कि बादलों ने यहां भी अपना धंधा जमा लिया है.

नवजोत सिंह सिद्धू अपनी बेटी के साथ हिमाचल प्रदेश की वादियों में घूम रहे हैं. उन्होंने अपनी बेटी के साथ दो वीडियो शेयर किए हैं. एक वीडियो मनाली के एक होटल के लॉन का है, जबकि दूसरा पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला का है। दोनों वीडियो में वह अपनी बेटी के साथ हंसते-मज़ाक करते दिख रहे हैं.

नवजोत सिंह सिद्धू और स्थानीय लड़की के बीच बातचीत:

नवजोत सिंह सिद्धू: बेटा, ये घर, ये घोड़े, ये ज़मीन… क्या यहां भी खरीद-फरोख्त हो रही है?

स्थानीय लड़की: हां सर, यह ज़मीन बिक गई है.

सिद्धू: बाहर वाले तो यहां खरीद नहीं सकते.

लड़की: यह ज़मीन बादल सिंह ने खरीदी है.

सिद्धू: पंजाब वाले बादल सिंह?

लड़की: हां सर

सिद्धू: यह जो सड़क आ रही है… क्या यह पहले से बनी हुई थी?

लड़की: यह सड़क बहुत पुरानी थी. ब्रिटिश ज़माने की। यह बंद थी. पुल टूट गया था, और यह 30-40 साल से बंद थी. जब बादल सिंह ने यह ज़मीन ली, तो उन्होंने सड़क भी बनवाई, पुल भी बनवाया, और अब वे सड़क भी बना रहे हैं.

सिद्धू:  मुझे ये बता बेटा बादल सिंह यहां चलकर पहुंचे कैसे, मैं तो इस बात से हैरान हूं.

लड़की: उनके साथ पांच-छह लोग थे जो उन्हें यहां लाए थे.

सिद्धू: इसी रास्ते से? 

लड़की: हां सर

सिद्धू: वे उन्हें ज़बरदस्ती लाए होंगे

लड़की: हां सर

सिद्धू: कुर्सी भी होगी साथ में। बादल सिंह जी यहां पहुंच गए। गुरु, कमाल हो गई। ले भई चुप्पो गन्ने, घड़े ते कौला, बादल सिंह इन हिमाचल प्रदेश, चलो बेटा

(हालांकि यह ज़मीन बादल परिवार की है, इसकी औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है.)

कौन हैं बादल सिंह पंजाब वाले 

पंजाब के अनुभवी नेता प्रकाश सिंह बादल पहली बार 1970 में मुख्यमंत्री बने थे. उन्होंने एक गठबंधन सरकार का नेतृत्व किया था जो अपना पूरा कार्यकाल पूरा नहीं कर पाई. उन्होंने 1977-80, 1997-2002, 2007-12 और 2012-2017 तक भी मुख्यमंत्री के रूप में काम किया. प्रकाश सिंह बादल 11 बार विधायक चुने गए और राज्य विधानसभा चुनाव में सिर्फ़ दो बार हारे. 1977 में, उन्होंने मोरारजी देसाई की सरकार में कुछ समय के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री के रूप में भी काम किया. 2008 में बादल ने शिरोमणि अकाली दल (SAD) की कमान अपने बेटे सुखबीर सिंह बादल को सौंप दी. वह 1995 से पार्टी के प्रमुख थे.

बाहरी लोग हिमचाल में नहीं खरीद सकते जमीन

अब बात आती है कि पंजाब के बादल परिवार ने हिमाचल में जमीन कैसे खरीद ली जिसपर सिद्धू ने भी अपने वीडियो में टिप्पणी की है. जब हिमाचल में कोई बाहरी व्यक्ति जमीन नहीं खरीद सकता फिर बादल परिवार ने यह जमीन कैसे खरीदी.

हिमाचल प्रदेश के नियमों (धारा 118) के अनुसार, राज्य के बाहर का कोई भी व्यक्ति हिमाचल में कृषि भूमि नहीं खरीद सकता. बादल परिवार द्वारा खरीदी गई जमीन को लेकर अतीत में काफी विवाद और कानूनी जांच हुई थी. समय-समय पर यह आरोप लगे कि यह जमीन नियमों को ताक पर रखकर खरीदी गई. हिमाचल की राजनीति में कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने अक्सर बादल परिवार की इस जमीन का मुद्दा उठाया.

सिद्धू मनाली पहुँचे राजनीतिक पारा बढ़ा

नवजोत सिंह सिद्धू अब नए साल का जश्न मनाने के लिए अपनी बेटी के साथ हिमाचल प्रदेश की वादियों में पहुँच गए हैं. जहाँ नवजोत कौर सिद्धू रोज़ाना ट्वीट करके सरकार और अलग-अलग पार्टियों के नेताओं को निशाना बना रही हैं, वहीं सिद्धू सोशल मीडिया पर मज़ेदार वीडियो शेयर करके अपने विरोधियों को चिढ़ा रहे हैं.

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