Russian Tu-160 : यूरोप में इस वक्त हड़कंप मचा हुआ है. पोलैंड में रूसी ड्रोन घुसपैठ के बाद से तनाव काफी बढ़ गया है. वहीं ऊपर से रूस और बेलारूस ‘जापाद-2025’ नाम से एक बड़ा परमाणु युद्धाभ्यास शुरू किया है. इससे यूक्रेन से लेकर अमेरिका तक सनसनी मची हुई है. ‘जापाद-2025’ परमाणु युद्धाभ्यास में सबकी नजरें रूसी परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम TU-160 बॉम्बर पर है. खास बात ये है कि भारतीय सेना भी इस एक्सरसाइज में हिस्सा ले रही है.
रूस के इस घातक विमान को नाटो देश ‘ब्लैकजैक’ बुलाते हैं, तो वहीं रूस इसे ‘व्हाइट स्वान’ सफेद हंस कहता है. इस बॉम्बर को सोवियत संघ ने शीत युद्ध के दौरान बनाया था. लेकिन आज भी इसका नाम सुनकर दुश्मन देशों को टेंशन हो जाती है. चलिए इसकी ताकत पर एक नजर डाल लेते हैं.
TU-160 के नाम है ये रिकॉर्ड
जानकारी के लिए बता दें कि TU-160 वर्तमान समय का सबसे बड़ा और भारी सुपरसोनिक विमान है। इसके अलावा, सबसे बड़े वेरिएबल-स्वीप विंग का रिकॉर्ड भी इसी नाम का है। हवाई जहाज की लंबाई लगभग 54 मीटर है। इसका वज़न लगभग 110,000 किलोमीटर है।
पेलोड क्षमता और स्पीड
टीयू-160 की पेलोड क्षमता की बात करें तो यह क्रूज मिसाइलों सहित 45,000 किलोग्राम तक के परमाणु और पारंपरिक हथियार ले जा सकता है। इसके अत्यधिक पेलोड के कारण इसे ‘मिसाइल ट्रक’ भी कहा जाता है। इसके अलावा, गति की बात करें तो यह अधिकतम मैक 2 यानी 2,220 किलोमीटर प्रति घंटे से भी अधिक की गति से उड़ सकता है। इसे गति प्रदान करने के लिए इसमें चार कुजनेत्सोव एनके-32 आफ्टरबर्निंग टर्बोफैन इंजन भी लगे हैं।
एक बार में 12 हजार KM तक की रेंज
सबसे खास बात यह है कि TU-160 एक बार ईंधन भरने पर 12,000 किलोमीटर (7,500 मील) से ज़्यादा की दूरी तय कर सकता है। इसके साथ ही, उड़ान के दौरान ईंधन भरकर इसकी रेंज को और बढ़ाया जा सकता है। इस विमान को उड़ाने के लिए कुल चार लोग होते हैं जिनमें, पायलट, को-पायलट, बमवर्षक और रक्षात्मक प्रणाली संचालक.
200000 लोगों के खुन से सने हैं इजरायल के हाथ! पूर्व IDF चीफ का चौंकाने वाला खुलासा