Categories: विदेश

अपना एयरस्पेस इस्तेमाल नहीं करने देंगे…ट्रंप की मिडिल ईस्ट स्ट्रैटेजी हुई ध्वस्त? ईरान के मामले में सहयोगी देश ने छोड़ा साथ

USA-Iran Tension: सऊदी रास्ते के बिना, अमेरिकी बॉम्बर विमानों के लिए ईरान तक पहुंचना एक नामुमकिन मिशन हो जाएगा.

Published by Shubahm Srivastava

Saudi Arabia On USA: ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध के बढ़ते डर के बीच, कई मिडिल ईस्ट देश तबाही की आशंका से डरे हुए हैं. इस बीच, सऊदी अरब ने अमेरिकी मिशन को बड़ा झटका दिया है. सऊदी अरब ने अमेरिका से साफ तौर पर कह दिया है कि वह ईरान पर हमले के लिए अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल नहीं करने देगा. ट्रंप, जो बार-बार ईरान को धमकी दे रहे थे, अब उन्हें अपनी मिडिल ईस्ट रणनीति पर फिर से सोचना होगा. जिस देश पर वह भरोसा कर रहे थे, उसने युद्ध में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया है.

ईरान के लिए अच्छी, अमेरिका के लिए बुरी खबर

सऊदी अरब का यह फैसला अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है. सऊदी रास्ते के बिना, अमेरिकी बॉम्बर विमानों के लिए ईरान तक पहुंचना एक नामुमकिन मिशन हो जाएगा. रियाद ने साफ कर दिया है कि वह अपनी ज़मीन को किसी दूसरे देश को तबाह करने के लिए लॉन्चपैड नहीं बनने देगा. सऊदी अरब के इस ‘धोखे’ ने ट्रंप के युद्धक विमानों के पंख काट दिए हैं. सऊदी अरब का यह फैसला ईरान के लिए अच्छी खबर से कम नहीं है. यह खामेनेई के लिए एक ‘सुरक्षा कवच’ साबित हो सकता है.

अमेरिकी जेट और मिसाइलों को तय करना होगा लंबा रास्ता

खाड़ी में अमेरिकी बेस से ईरान तक का सबसे छोटा और आसान रास्ता सऊदी अरब के ऊपर से गुज़रता है. अगर सऊदी अरब अपना एयरस्पेस बंद कर देता है, तो अमेरिकी लड़ाकू विमानों और मिसाइलों को बहुत लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा. इससे ईंधन की कमी होगी और रास्ते में पकड़े जाने का खतरा भी बढ़ जाएगा. सऊदी अरब के ‘ना’ का मतलब है कि ईरान के आधे से ज़्यादा हिस्से पर हमले का खतरा टल जाएगा.

अमेरिकी और इज़राइली जेट ‘अचानक हमले’ से ईरान की परमाणु सुविधाओं को नष्ट करना चाहते थे. सऊदी एयरस्पेस के बिना, उन्हें इराक या तुर्की जैसे देशों से मुश्किल रास्तों से गुज़रना होगा, जहाँ ईरानी रडार उन्हें आसानी से पकड़ सकते हैं.

Related Post

ईरान द्वारा लाइव फायरिंग अभ्यास

ईरान द्वारा फारस की खाड़ी के तट और इराक और अज़रबैजान से सटे इलाकों में लाइव फायरिंग अभ्यास चल रहा है. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इन सैन्य अभ्यासों में दुश्मन विमानों को मार गिराने के लिए डिज़ाइन की गई एंटी-एयरक्राफ्ट गन का इस्तेमाल किया जा रहा है. पिछले हफ्ते, ईरान के एविएशन अथॉरिटी ने कम से कम 20 नोटिस टू एयरमेन (NOTAMs) जारी किए, जिसमें पायलटों को दक्षिणी और उत्तर-पश्चिमी ईरान में तय किए गए खतरनाक इलाकों से बचने की चेतावनी दी गई.

ईरान की वर्चुअल दीवार

NDTV की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने बहरीन और कतर के सामने अपने दक्षिणी तट पर आग की एक वर्चुअल दीवार खड़ी कर दी है, जहाँ अमेरिका के बड़े सैन्य ठिकाने हैं. इनमें से कई डेंजर ज़ोन कोम के पास हैं, जो तेहरान से 150 किलोमीटर दूर है. कोम में तेल और गैस के खेत, एयरपोर्ट और बंदरगाह भी हैं. ये अभ्यास अगले हफ़्ते तक जारी रहेंगे. इनमें से कुछ ड्रिल पहले ही शुरू हो चुके हैं.

Iran Threatened Trump: ईरान से ट्रंप को जान से मारने की धमकी, सरकारी टीवी से दिया संदेश- ‘इस बार गोली चूकेगी नहीं’

Shubahm Srivastava
Published by Shubahm Srivastava

Recent Posts

NASA का डीप स्पेस फूड चैलेंज क्या है? कब तक कर सकते हैं आवेदन; यहां जानें- पूरी जानकारी

NASA Deep Space Food Challenge: मंगल ग्रह पर जीवन को सुगम बनाने के लिए NASA…

January 15, 2026

4200 बैंक खातों से करोड़ों की ठगी! 22 साल का ड्रॉपआउट निकला साइबर सिंडिकेट का मास्टरमाइंड; विदेश तक फैला कनेक्शन

cybercrime operation: जांचकर्ताओं के अनुसार, बीकॉम कोर्स छोड़ने वाले उज़ैफ़ ने एक "मनी म्यूल" नेटवर्क…

January 15, 2026

30 लाख में बनी, 54 करोड़ कमाए लेकिन नहीं मिला अवॉर्ड…जानें किस फिल्म को लेकर छलका मनोज तिवारी का दर्द

Bhojpuri Industry News: मनोज तिवारी ने INCA के मुंबई लॉन्च पर सबको चौंका दिया, उन्होंने…

January 15, 2026

BMC Elections 2026 Exit Poll: किस पार्टी को मिल रहा बहुमत? 3 एजेंसी के हिसाब से किसने मारी बाजी; यहां देखें- पूरा विश्लेषण

BMC Elections 2026 Exit Poll: महाराष्ट्र में नगरपालिका का चुनाव खत्म हो चुका है. कल…

January 15, 2026