रविवार को दक्षिणी नेपाल के मधेश प्रांत से आई खबरों ने प्रशासन में हड़कंप मचा दिया. बीरगंज और जनकपुर में धार्मिक तनाव बढ़ गया जिससे सड़कों पर विरोध प्रदर्शन हुए और स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा. स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि प्रशासन को बीरगंज में सभी तरह की सभाओं और प्रदर्शनों पर रोक लगानी पड़ी. परसा जिले के जिला प्रशासन कार्यालय (DAO) ने बीरगंज मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू कर दी है. इस आदेश के तहत सभी प्रकार की सभाएं, बैठकें, जुलूस और प्रदर्शन पूरी तरह से प्रतिबंधित हैं. यह आदेश सोमवार को दोपहर 1 बजे से लागू हुआ और अगले आदेश तक लागू रहेगा.
किस कानून के तहत प्रतिबंध लगाया गया?
DAO के अनुसार, यह फैसला जिला सुरक्षा समिति की बैठक के बाद लिया गया. प्रशासन ने यह आदेश स्थानीय प्रशासन अधिनियम 2028 की धारा 6(3A) के तहत जारी किया. आदेश में साफ तौर पर कहा गया है कि इस नियम का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लिया जाएगा और कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी.
टिकटॉक वीडियो से विवाद कैसे शुरू हुआ?
अधिकारियों के अनुसार, पूरा तनाव धनुषा जिले की कमला नगर पालिका में शुरू हुआ. टिकटॉक पर पोस्ट किए गए एक वीडियो को लेकर दो समुदायों के बीच विवाद हो गया. वीडियो में कुछ ऐसी टिप्पणियां थीं जिन्हें लोगों ने धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला माना. रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदर अंसारी और अमानत अंसारी नाम के दो युवकों ने धनुषा के जनकपुर से यह वीडियो टिकटॉक पर पोस्ट किया था. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वीडियो से उनकी धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं. इसके बाद दोनों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया गया.
एक मस्जिद में तोड़फोड़ से स्थिति और बिगड़ गई
कमला नगर पालिका के वार्ड नंबर 6 में एक मस्जिद में तोड़फोड़ की खबर सामने आने के बाद तनाव और बढ़ गया. इस घटना के बाद लोगों का गुस्सा भड़क गया और विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए. मस्जिद की घटना के विरोध में लोग बीरगंज और जनकपुर में सड़कों पर उतर आए. प्रदर्शनकारियों ने कई जगहों पर टायर जलाए नारे लगाए और प्रशासन के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर किया. बीरगंज के छपकैया ईदगाह चौक पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच संक्षिप्त झड़प हुई. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को पांच राउंड आंसू गैस के गोले दागने पड़े. झड़प में कई पुलिस अधिकारी घायल हो गए.
मधेस में सुरक्षा बढ़ाई गई
इन घटनाओं के बाद नेपाल के मधेस प्रांत के सभी आठ जिलों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. जिन इलाकों में तनाव फैलने का खतरा है वहां अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं. परसा के मुख्य जिला अधिकारी भोला दहल ने ANI को बताया कि मुस्लिम समुदाय के लोग सड़कों पर उतर आए थे और दो-तीन जगहों पर टायर जलाए गए थे. हमने समुदाय के नेताओं और प्रदर्शनकारियों से बातचीत की. अब स्थिति नियंत्रण में है और शांति बनी हुई है.
सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी
जिला प्रशासन कार्यालय (DAO) ने कहा कि फेसबुक, टिकटॉक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर निगरानी रखी जा रही है. जो लोग समाज में नफरत फैलाने धार्मिक तनाव भड़काने या झूठी अफवाहें फैलाने की कोशिश करेंगे. उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. प्रशासन ने सभी नागरिकों से शांति बनाए रखने और सतर्क रहने की अपील की है.