Home > विदेश > Israel Ceasefire: ऐसे ही नहीं आग बबूला हुआ इजरायल! मार्शियानो को अल-हाबील ने दी थी दर्दनाक मौत, जानें क्यों 2 कमांडरों को पहुँचाया जहन्नुम

Israel Ceasefire: ऐसे ही नहीं आग बबूला हुआ इजरायल! मार्शियानो को अल-हाबील ने दी थी दर्दनाक मौत, जानें क्यों 2 कमांडरों को पहुँचाया जहन्नुम

Israel Hamas Tension: एक बार फिर इज़राइल ने हमास पर एक बड़ा हमला कर दिया है. इज़राइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) और इज़राइली सिक्योरिटी एजेंसी (ISA) ने हमास के अल-हबील सेल को निशाना बनाया.

By: Heena Khan | Last Updated: February 5, 2026 8:00:41 AM IST



Israel Hamas Tension: एक बार फिर इज़राइल ने हमास पर एक बड़ा हमला कर दिया है. इज़राइली डिफेंस फोर्सेस (IDF) और इज़राइली सिक्योरिटी एजेंसी (ISA) ने हमास के अल-हबील सेल को निशाना बनाया. बता दें कि इस हमले में हमास कमांडर मोहम्मद अल-हबील और इस्लामिक जिहाद के अली राजियाना कोको को ढेर कर दिया गया है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अल-हबील पर महिला सैनिक नोआ मार्सियानो की हत्या का आरोप था, जिसे बंधक बनाया गया था. इस इज़राइली हमले को बदले की कार्रवाई के तौर पर भी देखा जा रहा है.

आखिर क्यों दी दर्दनाक मौत? 

IDF का सीधा-सीधा कहना है कि अल-हबील ने नोआ मार्शियानो की बेरहमी से हुई हत्या में भूमिका निभाई, जब उन्हें गाजा के अल-शिफा अस्पताल में बंदी बनाया गया था. नोआ के परिवार के अनुसार, कथित तौर पर एक डॉक्टर ने उनकी नसों में हवा का इंजेक्शन लगाकर उनकी हत्या कर दी. नोआ मार्शियानो 19 साल की IDF ऑब्जर्वर थीं और 7 अक्टूबर के हमले के दौरान किडनैप की गई कई महिलाओं में से एक थीं. जबकि पकड़ी गई दूसरी महिलाओं को बाद में जिंदा लौटा दिया गया, नोआ बच नहीं पाईं. इस घटना से इज़राइल में गहरा दुख और गुस्सा फैल गया.

अल हबील को कैसे मारा गया

IDF और शिन बेट ने 4 फरवरी को गाजा शहर के शाती कैंप इलाके में एक कोऑर्डिनेटेड एयरस्ट्राइक की. इंटेलिजेंस पर आधारित इस हमले में अल हबील को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया, जिसने पहले अल शिफा अस्पताल के अंदर नोआ मार्सियानो की हत्या की थी. नोआ के पिता के अनुसार, एक डॉक्टर ने उसकी नसों में हवा इंजेक्ट कर दी थी, जिससे उसकी मौत हो गई. नोआ उन कई महिलाओं में से एक थी जिन्हें 7 अक्टूबर को बंधक बनाया गया था, लेकिन वह अकेली थी जो जिंदा वापस नहीं लौटी. अल हबील इजरायली सेना के लिए एक हाई-प्रायोरिटी टारगेट बन गया था, जब उसका नाम एक गोलीबारी की घटना से जुड़ा, जिसमें एक IDF रिजर्व ऑफिसर गंभीर रूप से घायल हो गया था. इस हमले को हमास द्वारा सीजफायर का एक और उल्लंघन माना गया.

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