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Fact Check: क्या इजराइल ने नॉर्थ कोरिया के दूतावास पर किया हमला? किम जोंग बोले-‘बहुत बड़ी गलती की’, जानें क्या है सच्चाई

Israel Attack North Korea Embassy: ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे झगड़े के बीच, सोशल मीडिया पर एक वायरल दावा फैला कि इज़राइल ने तेहरान में नॉर्थ कोरिया की एम्बेसी पर हमला किया और किम जोंग उन ने गुस्से में रिएक्शन दिया.

By: Heena Khan | Published: March 12, 2026 1:46:30 PM IST



Israel Attack North Korea Embassy: ईरान, इज़राइल और अमेरिका के बीच चल रहे झगड़े के बीच, सोशल मीडिया पर एक वायरल दावा फैला कि इज़राइल ने तेहरान में नॉर्थ कोरिया की एम्बेसी पर हमला किया और किम जोंग उन ने गुस्से में रिएक्शन दिया. ऑनलाइन खूब शेयर किए गए पोस्ट में नॉर्थ कोरियाई लीडर के एक बयान के साथ कहा गया, “इज़राइल ने बहुत बड़ी गलती की है.” ऐसे दावों से मिडिल ईस्ट में तनाव में नॉर्थ कोरिया की भूमिका को लेकर दुनिया भर में कन्फ्यूजन और बहस छिड़ गई. हालांकि, फैक्ट-चेकिंग से पता चलता है कि ये रिपोर्ट्स अनवेरिफाइड हैं, और कोई भरोसेमंद सबूत उन्हें सपोर्ट नहीं करता है. हालांकि नॉर्थ कोरिया ने ईरान में US और इज़राइली मिलिट्री एक्शन की आलोचना की है, लेकिन उसने तेहरान में अपनी एम्बेसी पर खास तौर पर बात नहीं की है. इन अफवाहों के पीछे की सच्चाई को समझना ऐसे समय में बहुत ज़रूरी है जब इंटरनेशनल संकटों के दौरान गलत जानकारी तेज़ी से फैल सकती है.

क्या इज़राइल ने नॉर्थ कोरिया की एम्बेसी पर हमला किया?

सोशल मीडिया यूज़र्स ने ऐसे पोस्ट खूब शेयर किए जिनमें दावा किया गया कि इज़राइली मिसाइलों ने तेहरान में नॉर्थ कोरिया के डिप्लोमैटिक मिशन को निशाना बनाया. वायरल दावे से पता चला कि कथित हमले के बाद किम जोंग उन ने गुस्से में रिएक्ट किया था. हालांकि, बड़े इंटरनेशनल न्यूज़ सोर्स, नॉर्थ कोरियाई मीडिया और डिप्लोमैटिक चैनलों के रिव्यू से इस बात का कोई सबूत नहीं मिलता कि एम्बेसी पर हमला हुआ था या नॉर्थ कोरियाई लीडर ने ऐसा कोई बयान दिया था.

क्या किम जोंग उन ने कहा ‘इज़राइल ने बहुत बड़ी गलती की’?

कई सोशल मीडिया पोस्ट में “इज़राइल ने बहुत बड़ी गलती की” कोट किम जोंग उन के नाम से दिया गया, जिसमें दावा किया गया कि उन्होंने कथित हमले के बाद इज़राइल को चेतावनी दी थी. नॉर्थ कोरिया के ऑफिशियल बयानों, KCNA रिपोर्ट्स और इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट्स के फैक्ट-चेकिंग से इस कोट की कोई पुष्टि नहीं हुई. हालांकि नॉर्थ कोरिया ने ईरान पर US और इज़राइली हमलों की पब्लिकली निंदा की है और इसे “गैर-कानूनी हमला” बताया है, लेकिन ये बयान इलाके में मिलिट्री एक्शन की आम आलोचना थी, न कि किसी खास एम्बेसी हमले का जवाब. 

नॉर्थ कोरिया के फॉरेन मिनिस्ट्री के एक स्पोक्सपर्सन ने कहा कि “ईरानी असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स द्वारा इस्लामिक रेवोल्यूशन के नए लीडर को चुने जाने की हालिया ऑफिशियल घोषणा के बारे में, हम ईरानी लोगों के अपने सुप्रीम लीडर को चुनने के अधिकार और पसंद का सम्मान करते हैं.” स्पोक्सपर्सन ने यूनाइटेड स्टेट्स और इज़राइल के हमले की भी निंदा की, और इलाके की स्टेबिलिटी को लेकर चिंताओं पर ज़ोर दिया, लेकिन नॉर्थ कोरियाई एम्बेसी पर इज़राइली हमले का कोई ज़िक्र नहीं किया.

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