Khamenei Death: ईरान-इजराइल के बीच चल रही जंग के कारण पूरी दुनिया में तनाव का माहौल है. वहीं हाल ही में ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई. जिसके बाद ईरान में जहां एक तरफ जश्न का माहौल है वहीँ मातम छाया हुआ है. ऐसे में ईरान के सरकारी टीवी और कई अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने शहादत पा ली है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस शाहदत का मतलब क्या है और खामेनेई की मौत को शाहदत से जोड़ कर क्यों देखा जा रहा है. आज हम आपको इन्ही सब सवालों का जवाब देने वाले हैं.
क्या है शाहदत ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दुनिया भर में, शहादत का मतलब है किसी मकसद या धार्मिक मकसद के लिए अपनी जान कुर्बान करना, जी हाँ! जब कोई किसी मकसद के लिए कुर्बान होता है या अपने देश और धर्म के लिए कुर्बान होता है तो उसे शहीद माना जाता है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि शिया इस्लाम, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का ऑफिशियल धर्म है. ईरान में शहादत सिर्फ़ एक धार्मिक कॉन्सेप्ट नहीं है, बल्कि ईरान की पॉलिटिकल सोच का एक अहम हिस्सा है. आज से 1400 साल पहले हुई कर्बला की जंग में इमाम हुसैन और उनका पूरा खानदान शहीद हो गया था. जिसके बाद खामेनेई की मौत को उनसे जोड़ कर देखा जा रहा है. चलिए जान लेते हैं ऐसा क्यों?
अगर ईरान की इतिहास की बात की जाए तो, शहादत के कॉन्सेप्ट पर कई मौकों पर ज़ोर दिया गया है. खास तौर पर, 1980-1988 के ईरान-इराक युद्ध के दौरान दी गई कुर्बानियों को ईरान की नेशनल पहचान का एक अहम हिस्सा बनाया गया. 2022 में, महसा अमीनी नाम की एक जवान औरत की मौत के बाद, देश भर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, और इन विरोध प्रदर्शनों के दौरान मारे गए प्रदर्शनकारी “औरतें, ज़िंदगी, आज़ादी” के नारे की निशानी बन गए.
क्यों हो रही इमाम हुसैन और खमेनेई की तुलना ?
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अली के बाद, उनके दो बेटों, हसन इब्न अली और हुसैन इब्न अली ने उनकी लड़ाई को आगे बढ़ाया. 680 CE में, हुसैन और उनके कुछ साथी कर्बला की लड़ाई में शहीद हो गए. दरअसल, उन्होंने उस समय के खलीफ़ा, यज़ीद के प्रति वफ़ादारी की कसम खाने से साफ इंकार कर दिया था. ऐसा इसलिए क्योंकि यज़ीद के राज को गलत और इस्लाम के बुनियादी उसूलों से भटका हुआ माना गया. इन सब के बाद मुहर्रम की 10 तारीख को हुई कर्बला की लड़ाई ने इस शहादत को एक बड़े लेवल पर पहुंचा दिया. वहीं अब जब खमेनेई की इजराइल द्वारा किए गए हमले में मौत हुई तो उसे भी इसी शाहदत से जोड़कर देखा जा रहा है.
खामेनेई के मौत पर जश्न
खामेनेई की मौत पर दुनिया भर में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आई हैं. ईरान, अमेरिका और UK के कुछ हिस्सों में लोगों ने खामेनेई की मौत पर खुशी जताई है. ईरान की राजधानी तेहरान और दूसरे शहरों में लोग इस खबर का जश्न मनाने के लिए सड़कों पर उतर आए. कुछ लोगों का मानना है कि लंबे समय तक सख्त शासन के बाद अब बदलाव का मौका मिल सकता है.

