Viral Video: अक्सर कहा जाता है कि कुत्ता इंसान का सबसे अच्छा दोस्त होता है. ये बात एक रेस्क्यू डॉग ‘अलोका’ ने सच कर दिखाई है. कभी भारत की सड़कों पर छोड़ा गया ये कुत्ता आज अमेरिका में शांति का संदेश फैलाने वाली यात्रा का हिस्सा बन गया है. इसकी कहानी सादगी, भरोसे और साथ निभाने की मिसाल है. अलोका एक भारतीय नस्ल का कुत्ता है, जिसे आमतौर पर इंडियन पैराया कहा जाता है. ‘अलोका’ शब्द का अर्थ है ‘रोशनी’. भारत में शांति यात्रा पर निकले कुछ बौद्ध भिक्षुओं से इसकी मुलाकात हुई. भिक्षुओं ने जब इस बेसहारा कुत्ते को देखा तो उसकी मदद की. इसके बाद अलोका ने उनका साथ नहीं छोड़ा. एक बार वो सड़क हादसे में बुरी तरह घायल भी हुआ, लेकिन ठीक होने के बाद फिर भिक्षुओं के पास लौट आया. यहां तक कि जब उसे अलग ले जाने की कोशिश की गई, तो वह वापस उन्हीं के पास पहुंच गया.
भिक्षुओं के साथ लंबी शांति पदयात्रा
भारत में करीब 112 दिनों तक चली इस शांति पदयात्रा के बाद भिक्षुओं ने अमेरिका में भी पैदल यात्रा शुरू की. अक्टूबर 2025 में शुरू हुई ये यात्रा टेक्सास से वॉशिंगटन डीसी तक जाएगी. इस दौरान लगभग 10 राज्यों से गुजरते हुए 110 दिनों तक चलने का लक्ष्य है. इस यात्रा का मकसद लोगों को आपसी समझ, करुणा और मिल-जुलकर रहने का संदेश देना है. फिलहाल भिक्षु टेक्सास के एक बौद्ध आश्रम में ठहरे हुए हैं.
अलोका बना यात्रा का खास हिस्सा
इस पूरी यात्रा में अलोका हमेशा भिक्षुओं के साथ चलता है. रास्ते में लोग उसे देखकर रुकते हैं, प्यार करते हैं और उसकी देखभाल भी करते हैं. कई जगहों पर डॉक्टरों ने उसकी मुफ्त जांच की और लोगों ने उसे खाना दिया. धीरे-धीरे अलोका इस यात्रा की पहचान बन गया है. भिक्षुओं का कहना है कि अलोका बिना किसी शब्द के लोगों को सच्ची दोस्ती, धैर्य और साथ निभाने की सीख देता है.
‘पीस डॉग’ के नाम से मशहूर
आज अलोका को लोग प्यार से ‘पीस डॉग’ कहने लगे हैं. उसकी कहानी ये दिखाती है कि अपनापन और करुणा इंसान और जानवर के बीच गहरा रिश्ता बना सकते हैं. अलोका की ये यात्रा सिर्फ पैरों की नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ने की भी यात्रा है.