Rapido Rider Story: हाल के सालों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के तेज़ी से बढ़ने से जॉब मार्केट में कॉम्पिटिशन इतना बढ़ गया है कि बहुत काबिल लोगों को भी नौकरी पाने में मुश्किल हो रही है. हाल ही में एक सोशल मीडिया स्टोरी ने इस ट्रेंड को हाईलाइट किया, जिसमें एक पढ़े-लिखे रैपिडो ड्राइवर के अनुभव के बारे में बताया गया, जिसे पैसे की तंगी की वजह से पैसेंजर को ड्राइव करना पड़ा. एक महिला ने पोस्टग्रेजुएट डिग्री वाले एक रैपिडो राइडर के बारे में कहानी शेयर की है, जो अब गुज़ारा करने के लिए गाड़ी चला रहा है.
रैपिडो राइडर की स्टोरी की शेयर
X यूज़र साक्षी ने एक पोस्ट में कहा कि उसने काम के बाद एक राइड बुक की थी, तभी राइडर ने बातचीत शुरू की और पूछा कि वह गुज़ारे के लिए क्या करती है. जब उसने उसे बताया कि उसके पास नौकरी है, तो उसने कहा कि वह अपनी रोज़मर्रा की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए “किसी भी तरह का काम” ढूंढ रहा है और पूछा कि क्या वह उसे कहीं रेफर कर सकती है.
इसी वजह से, उसने उसके एजुकेशनल बैकग्राउंड के बारे में पूछा, और कहा कि उसने जो बताया उससे वह हैरान थी. उसने कहा कि रैपिडो राइडर के पास मैथ्स में बैचलर डिग्री, मैथ्स में मास्टर डिग्री और B.Ed है. उसने सरकारी टीचिंग एग्जाम की तैयारी में भी लगभग पाँच से छह साल बिताए थे.
गुज़ारा करने के लिए रैपिडो चलाता है…
उसने कहा, “लेकिन आज, वह गुज़ारा करने के लिए रैपिडो चलाता है.” आखिर में, उसने स्टूडेंट्स को दी जाने वाली आम सलाह पर सवाल उठाया – कि कड़ी मेहनत से पढ़ाई करना, डिग्री हासिल करना और एग्जाम की तैयारी करने से एक स्टेबल ज़िंदगी पक्की हो जाएगी. उसने पूछा, “क्या होता है जब कोई सब कुछ सही करता है और फिर भी उसके पास कोई पक्की नौकरी नहीं होती.”
पोस्ट पर कमेंट कर रहे यूजर्स
पोस्ट के कमेंट सेक्शन में, कई यूज़र्स ने अपने पर्सनल एक्सपीरियंस शेयर किए. एक यूज़र ने कहा कि उसने छह साल तक एक मार्केटिंग एजेंसी चलाई, जिससे 16 करोड़ रुपये का रेवेन्यू कमाया, लेकिन नए क्लाइंट्स न मिलने पर उसे बंद करना पड़ा. उसने आगे कहा कि वह नौ महीने से बेरोज़गार था और हाल ही में गुज़ारा करने के लिए ब्लिंकिट पिकर के तौर पर काम करना शुरू किया.
एक और यूज़र ने कहा कि यह “वह हिस्सा है जिसके बारे में कोई बात नहीं करता,” और तर्क दिया कि यह हमेशा कड़ी मेहनत की कमी के बारे में नहीं होता है. यूज़र ने लिखा, “कभी-कभी सिस्टम में उन सभी के लिए जगह नहीं होती जिन्होंने सब कुछ सही किया हो.”

