Viral Video: बेंगलुरु के पास स्थित अवलाहल्ली जंगल क्षेत्र में जॉगिंग करने गई एक महिला ने कुछ नाबालिग लड़कों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया है. महिला ने इस घटना का जिक्र एक वीडियो के जरिए सोशल मीडिया पर किया, जो अब चर्चा का विषय बन गया है. महिला के अनुसार, वो करीब पांच किलोमीटर दौड़ने के बाद जंगल से बाहर की ओर पैदल लौट रही थीं. उसी दौरान सामने से 10 से 13 साल की उम्र के तीन लड़के आ रहे थे. उन्होंने हंसना शुरू किया और कुछ टिप्पणियां कीं.
महिला ने बताया कि उन्होंने स्पोर्ट्स ब्रा और टैंक टॉप पहन रखा था, जो उनके अनुसार दौड़ने के लिए आम और सामान्य कपड़े हैं. उन्होंने कहा कि इन कपड़ों में कुछ भी गलत नहीं है और वह इन्हें रोज पहनती हैं.
भाषा न समझने के बावजूद इरादा साफ
लड़के कन्नड़ भाषा में बोल रहे थे, जिसे महिला समझ नहीं पाईं. फिर भी उनका कहना है कि हंसी और बोलने के तरीके से उनका इरादा साफ समझ आ रहा था. उन्होंने बताया कि जब कोई आपको चिढ़ाता है, तो भाषा न समझने पर भी बात समझ में आ जाती है.
पहले नजरअंदाज किया, फिर गुस्सा आया
शुरुआत में महिला ने लड़कों को अनदेखा कर दिया. उन्हें लगा कि वे छोटे बच्चे हैं और समय के साथ सीख जाएंगे. लेकिन जब लड़कों ने रुककर उनके शरीर को लेकर टिप्पणी की, तो महिला को गुस्सा आ गया.
महिला ने वापस मुड़कर बच्चों को डांटा और उन्हें सही व्यवहार सीखने की सलाह दी. उन्होंने सवाल उठाया कि इतनी कम उम्र में बच्चों में ऐसी सोच कहां से आ रही है और इसके लिए परवरिश को भी जिम्मेदार ठहराया.
मानसिक असर और चिंता
इस घटना के बाद महिला काफी परेशान और चिंतित नजर आईं. उन्होंने कहा कि अब उन्हें ये सोचने पर मजबूर होना पड़ रहा है कि क्या छोटे बच्चों की वजह से भी उन्हें अपने कपड़ों को लेकर डरना चाहिए.
महिला के वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है. लोग सार्वजनिक जगहों पर व्यवहार, बच्चों की परवरिश और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं. कई लोगों ने महिला का सपोर्ट किया और कहा कि लड़कियों को ही नहीं, बल्कि लड़कों को भी सही व्यवहार सिखाने की जरूरत है. कुछ लोगों ने अपने पुराने अनुभव भी साझा किए और बताया कि ऐसी घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं.