चाइल्ड हेल्पलाइन से 68 मासूमों को मिली नई जिंदगी, समय पर मदद से बच्चों का सुरक्षित हुआ भविष्य

Balrampur News:कठिन परिस्थितियों में फंसे मासूमों के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 बलरामपुर जिले में लगातार जीवनरक्षक साबित हो रही है

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बलरामपुर से  रवि कुमार गुप्ता किम रिपोर्ट,बलरामपुर : कठिन परिस्थितियों में फंसे मासूमों के लिए चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 बलरामपुर जिले में लगातार जीवनरक्षक साबित हो रही है। 1 अप्रैल 2025 से अब तक हेल्पलाइन की मदद से 68 बच्चों को तुरंत राहत और सुरक्षा प्रदान की गई है। इससे पहले वित्तीय वर्ष 2024-25 में 105 बच्चों को संकट से निकाला गया था। जिले में बच्चों से जुड़े संकट के मामले कम नहीं हैं, लेकिन सही समय पर पहुंची मदद ने दर्जनों जिंदगियों को सुरक्षित भविष्य दिया है।

हर वक्त तैयार रहने वाली सेवा

चाइल्ड हेल्पलाइन बच्चों के लिए 24 घंटे और सातों दिन चलने वाली आपातकालीन सेवा है। यह न केवल तत्काल बचाव और सुरक्षा उपलब्ध कराती है, बल्कि जरूरत पड़ने पर दीर्घकालिक देखभाल, पुनर्वास, शिक्षा और परामर्श सेवाओं से भी जोड़ती है। किसी भी व्यक्ति को अगर लगता है कि कोई बच्चा संकट में है, तो वह सीधे 1098 पर कॉल कर सकता है। कॉल मिलने के तुरंत बाद टीम मौके पर पहुंचकर बच्चे को सुरक्षित स्थान, भोजन, चिकित्सकीय देखभाल और कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराती है।

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स्थानीय स्तर पर बढ़ी सक्रियता

जिले में चाइल्ड हेल्पलाइन की सक्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि औसतन हर महीने कई बच्चों को इसके जरिए राहत मिल रही है। सेवा को और बेहतर बनाने के लिए स्थानीय स्तर पर चार कर्मियों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि शेष पदों के लिए चयन प्रक्रिया जारी है। टीम के पूरी तरह तैयार हो जाने के बाद यह सेवा और तेज गति से काम करेगी, ताकि किसी भी बच्चे को मदद में देर न हो।

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बचाव के बाद पुनर्वास

चाइल्ड हेल्पलाइन सिर्फ तत्काल बचाव तक ही सीमित नहीं है। कई मामलों में बच्चों को परिजनों से मिलाने, सुरक्षित आश्रय गृह में रखने या फिर दीर्घकालिक पुनर्वास योजनाओं में शामिल करने का काम भी किया जाता है। इस दौरान बच्चों की मानसिक और भावनात्मक देखभाल पर विशेष जोर दिया जाता है, ताकि वे फिर से सामान्य जीवन में लौट सकें।

जिला प्रोबेशन अधिकारी सुशील सिंह ने बताया—
“चाइल्ड हेल्पलाइन बच्चों की सुरक्षा के लिए जीवनरेखा है। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा मदद से वंचित न रहे। सभी लोगों से अपील है कि अगर उन्हें किसी बच्चे के संकट में होने की जानकारी मिले तो तुरंत 1098 पर कॉल करें।”

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