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Joginder Sharma News: ICC T20 वर्ल्ड कप 2007 में पाकिस्तान के खिलाफ आइकॉनिक आखिरी ओवर फेंककर मशहूर हुए हरियाणा में जन्मे क्रिकेटर जोगिंदर शर्मा, जिन्होंने धोनी की कप्तानी में भारत ने पहला T20 टाइटल जीता. छोटे इंटरनेशनल करियर के बावजूद, उनके धैर्य और मेंटल स्ट्रेंथ ने उन्हें नेशनल हीरो बना दिया. रिटायरमेंट के बाद, जोगिंदर हरियाणा पुलिस में शामिल हो गए और अब एक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) के तौर पर काम कर रहे हैं, और क्रिकेट के अलावा समाज के लिए भी योगदान दे रहे हैं, जिसमें हाल ही में अंबाला में बाढ़ राहत के काम भी शामिल हैं.
डोमेस्टिक क्रिकेट से T20 लेजेंड और पब्लिक सर्विस तक का उनका सफर एक इंस्पायरिंग कहानी है, जो मैदान पर और मैदान के बाहर हिम्मत, डेडिकेशन और लीडरशिप की निशानी है. एक छोटे ODI मैच के बावजूद, फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में हरियाणा के लिए जोगिंदर के लगातार परफॉर्मेंस ने उन्हें भारत की पहले T20 वर्ल्ड कप टीम में जगह दिलाई, जिससे इंटरनेशनल क्रिकेट में डोमेस्टिक टैलेंट की वैल्यू दिखाई दी.
पाकिस्तान के साथ वो फाइनल मैच
कांटे की टक्कर वाले फाइनल में, पाकिस्तान को 13 रन चाहिए थे और एक विकेट बचा था. MS धोनी ने जोगिंदर शर्मा को आखिरी ओवर दिया, और उन्होंने बहुत ज़्यादा प्रेशर में अच्छा खेला, जिससे क्रिकेट की दुनिया में उनका नाम दर्ज हो गया.
छक्का खाने के बाद भी जोगिंदर डटे रहे. उनकी सटीक डिलीवरी की वजह से मिस्बाह की स्कूप की कोशिश नाकाम हो गई, जिसे शॉर्ट फाइन लेग पर श्रीसंत ने कैच किया, जिससे भारत को ऐतिहासिक T20 वर्ल्ड कप जीत मिली.
रातों-रात हीरो बन गए जोगिंदर
2007 की जीत ने जोगिंदर को रातों-रात क्रिकेट हीरो बना दिया, जिसका पूरे भारत में जश्न मनाया गया. प्रेशर में उनका शांत रहना स्पोर्ट्स साइकोलॉजी में बड़े हालात को संभालने के लिए एक केस स्टडी बन गया.
जोगिंदर का सफर स्पोर्ट्स में मेंटल मजबूती के महत्व को दिखाता है, यह साबित करता है कि धैर्य और फोकस अहम पलों को तय कर सकते हैं, कभी-कभी सिर्फ रॉ टैलेंट से भी ज़्यादा.
क्रिकेट मैदान से, पुलिस की सेवा तक
रिटायरमेंट के बाद, जोगिंदर ने हरियाणा पुलिस में शामिल होकर देश की सेवा जारी रखी, जहाँ उनकी स्पोर्ट्स उपलब्धियों ने उन्हें डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस (DSP) के तौर पर नियुक्त करने में मदद की.
समाज सेवा में भी एक्टिव जोगिंदर
क्रिकेट के अलावा, जोगिंदर समाज सेवा में भी एक्टिव रहते हैं, हाल ही में उन्होंने अंबाला में बाढ़ राहत के कामों में मदद की, जिससे उनकी लीडरशिप क्वालिटी का पता चलता है जो पिच से लेकर कम्युनिटी तक फैली हुई है.
2007 के फाइनल ने धोनी और जोगिंदर के बीच स्ट्रेटेजिक तालमेल को भी दिखाया, जहाँ भरोसे और टैक्टिकल फैसले लेने की क्षमता ने खेल का रुख भारत के पक्ष में बदल दिया.
जोगिंदर शर्मा का आखिरी ओवर भारत-पाकिस्तान क्रिकेट राइवलरी में एक अहम पल बना हुआ है, जिसने आने वाली पीढ़ियों को इंस्पायर किया है और T20 क्रिकेट इतिहास में उनकी लेगेसी को मज़बूत किया है.