Rahul Dravid: द ग्रेट वॉल ऑफ इंडिया…इंदौर से कर्नाटक तक की अद्भुत कहानी, साल 2004 में लगा था बॉल-टैंपरिंग का आरोप; यहां जानें पूरा मामला?

The Wall Rahul Dravid: 1973 में इंदौर (मध्य प्रदेश) में जन्मे द्रविड़ एक मराठी परिवार से आते हैं, लेकिन उनके पिता की नौकरी उन्हें बचपन में ही कर्नाटक ले गई.

Published by Shubahm Srivastava

Rahul Dravid Facts: राहुल शरद द्रविड़ भारतीय क्रिकेट के उन दुर्लभ सितारों में आते हैं जिनका महान होना सिर्फ रन बनाने से नहीं, बल्कि उनके चरित्र, अनुशासन और शांति से भी परिभाषित होता है. 1973 में इंदौर (मध्य प्रदेश) में जन्मे द्रविड़ एक मराठी परिवार से आते हैं, लेकिन उनके पिता की नौकरी उन्हें बचपन में ही कर्नाटक ले गई, जहां बेंगलुरु न सिर्फ उनका घर बना, बल्कि उनकी पूरी क्रिकेट यात्रा का आधार भी बना. एक साधारण मध्यमवर्गीय परिवार में पले-बढ़े द्रविड़ के भीतर खेल और पढ़ाई दोनों के लिए समान सम्मान था. 

सेंट जोसेफ बॉयज़ हाई स्कूल और बाद में सेंट जोसेफ कॉलेज में उनकी पहचान एक शांत छात्र और अथक अभ्यास करने वाले खिलाड़ी की थी, जो घंटों नेट्स में मेहनत करता और खेल को पढ़ता रहता था.

पहले रणजी और फिर कुछ इस तरह से हुआ डेब्यू

द्रविड़ की क्रिकेट प्रतिभा ने कम उम्र में ही आकार लेना शुरू कर दिया था. 12 वर्ष में उन्होंने औपचारिक प्रतियोगिताएं खेलना शुरू किया, और समय के साथ कर्नाटक की उम्र-समूह टीमों से होते हुए रणजी तक पहुंचे. उनकी स्थिरता और अनुशासन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और वे 1996 में लॉर्ड्स पर भारत के लिए टेस्ट डेब्यू करने उतरे, जहां उन्होंने 95 की शानदार और परिपक्व पारी खेलकर दुनिया को चौंका दिया. यह वही शुरुआत थी जिसने क्रिकेट जगत को संकेत दिया कि भारत को एक खिलाड़ी मिला है जो संकट का सामना करेगा, झुकेगा नहीं और गिरने के बाद तुरंत उठकर खड़ा हो जाएगा.

कैसे पड़ा नाम ‘जैमी’ और ‘द वॉल’ नाम?

द्रविड़ को मिले उपनाम उनके व्यक्तित्व और जीवन से गहरे जुड़े हुए हैं. ‘‘जैमी’’ नाम उन्हें सबसे पहले स्कूल और क्लब क्रिकेट में मिला क्योंकि उनके पिता किसान, यानी जैम बनाने वाली कंपनी में काम करते थे. साथी खिलाडियों ने मज़ाक में उन्हें “जैम बॉय” कहा, और बाद में यह प्यार से “Jammy” बन गया. यह उपनाम इतना लोकप्रिय हुआ कि किसान ने जूनियर क्रिकेट के लिए ‘जैमी कप’ नामक टूर्नामेंट भी शुरू किया.

वहीं, दुनिया उन्हें जिस नाम से सबसे ज्यादा जानती है—“द वॉल”—वह उनकी बल्लेबाज़ी की शैली का पूरा सार है. द्रविड़ अपनी अद्भुत तकनीक, धैर्य और गेंद दर गेंद सतर्क रहने की क्षमता से बगैर गलत खेल के पूरे सत्र खड़े रह सकते थे. यही कारण था कि संकट के समय भारत हमेशा द्रविड़ की ओर देखता.

क्रिकेट इतिहास में द्रविड़ के दमदार आकड़े

द्रविड़ के आंकड़े क्रिकेट इतिहास में दर्ज कुछ सबसे ठोस रिकॉर्ड्स में शामिल हैं. टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 13,288 रन, 164 मैच और 36 शतक दर्ज हैं. वे उन चुनिंदा बल्लेबाज़ों में शामिल हैं जिन्होंने हर टेस्ट खेलने वाले देश में शतक बनाया. वे 30,000 से ज्यादा गेंदें खेलने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने और उनकी स्लिप फील्डिंग इतनी भरोसेमंद थी कि 210 टेस्ट कैच लेने का रिकॉर्ड लंबे समय तक उनके नाम रहा. वनडे में भी उन्होंने 10,889 रन बनाए, 1999 विश्व कप के सर्वाधिक स्कोरर रहे और टीम के संतुलन के लिए उन्होंने कई बार विकेटकीपिंग की. कप्तान के रूप में द्रविड़ ने भारत को वेस्ट इंडीज में 36 साल बाद श्रृंखला जीताई और दक्षिण अफ्रीका में ऐतिहासिक टेस्ट जीत दिलाई.

साल 2004 जब लगा था बॉल-टैंपरिंग का आरोप

द्रविड़ लगभग विवादों से पूरी तरह दूर रहे, लेकिन 2004 में एक घटना उनकी छवि पर हल्का दाग छोड़ गई. VB ट्राई-सीरीज़ के दौरान कैमरे में उन्होंने गेंद पर लॉन्ज़ बरसाते हुए दिखे, जिसे आईसीसी ने बॉल-टैंपरिंग माना. मैच रैफरी क्लाइव लॉयड ने उन पर 50% मैच फीस का जुर्माना लगाया. हालांकि द्रविड़ ने कहा कि उनका उद्देश्य गेंद की स्थिति बदलना नहीं था और इसे आकस्मिक मानते हुए मामला वहीं खत्म हो गया, आलोचक बाद में भी इस घटना को याद करते रहे. फिर भी इस एक घटना के अलावा उनके 16 साल के अंतरराष्ट्रीय करियर में कोई बड़ा विवाद नहीं आया, जो क्रिकेट में बेहद दुर्लभ है.

कोच के तौर पर हुई वापसी

करियर के बाद द्रविड़ ने उतनी ही शांत और प्रभावशाली नई भूमिका निभाई. उन्होंने भारतीय क्रिकेट के भविष्य की गढ़न की जिम्मेदारी ली. इंडिया-ए और अंडर-19 टीमों को तैयार करते हुए उन्होंने शुभमन गिल, पृथ्वी शॉ, ऋषभ पंत, सरफराज ख़ान जैसे नए सितारों को रास्ता दिखाया. बाद में वे टीम इंडिया के मुख्य कोच बने और विश्व मंच पर टीम के प्रदर्शन को दिशा दी. उनका कोचिंग दौर भरोसा और तैयारी की शक्ति को सामने लाता है, बिल्कुल उसी तरह जैसे उनके बल्लेबाज़ी के दिन.

राहुल द्रविड़ की नेट-वर्थ पर एक नजर

राहुल द्रविड़ की संपत्ति और कमाई के बारे में भी रुचि बनी रहती है. उनकी नेट-वर्थ का अनुमान 200–250 करोड़ रुपये के बीच माना जाता है. यह आय क्रिकेट, बीसीसीआई अनुबंध, ब्रांड एंडोर्समेंट—जैसे Pepsi, Reebok, Castrol, Kissan और CRED— कोचिंग कॉन्ट्रैक्ट, निवेश और संपत्तियों का परिणाम है. उनकी छवि साफ-सुथरी होने के बावजूद वे ब्रांडिंग के लिए भरोसे का चेहरा बने, और यही उनकी असली ताकत है.

हमेशा से रहे शांत

कुछ आलोचक द्रविड़ को अत्यधिक तकनीकी, बहुत शांत या धीमा मानते थे और T20 जमाने में उन्हें पुराना मानने लगे. लेकिन यही शांत स्वभाव और टीम-फर्स्ट मानसिकता द्रविड़ को बाकी खिलाड़ियों से अलग बनाती है. वे शायद एकमात्र ऐसे सुपरस्टार हैं जिनकी विनम्रता ही सबसे बड़ा विवाद है—“इतना बड़ा खिलाड़ी इतना शांत कैसे रह सकता है?”

इंदौर में जन्मे, कर्नाटक में ढले, और दुनिया भर के बल्लेबाजों की किताबों में अमर हो चुके यह खिलाड़ी हमेशा याद किया जाएगा—द वॉल, जैमी और भारतीय क्रिकेट का विश्वसनीय चेहरा.

Rohit vs Virat: रोहित से बेहतर हैं कोहली! न्यूज़ीलैंड के खिलाफ किसके आंकड़े हैं ज़्यादा खौफनाक? यहां देखें पूरा कंपैरिजन!

Shubahm Srivastava
Published by Shubahm Srivastava

Recent Posts

Thalapathy Vijay divorce case: अभिनेता थलापति विजय के घर में कलह, पत्नी संगीता ने दायर की तलाक की अर्जी

Thalapathy Vijay divorce case: तमिल सिनेमा के सुपरस्टार और टीवीके के प्रमुख विजय की पत्नी…

February 27, 2026

The Kerala Story 2 controversy:‘द केरल स्टोरी 2’ को केरल हाईकोर्ट से मिली हरी झंडी, रिलीज का रास्ता हुआ साफ

The Kerala Story 2 film controversy: केरल हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ के…

February 27, 2026

Liver Cancer: लिवर कैंसर से रिंकू सिंह के पिता की मौत, जानिए कितनी खतरनाक है ये बीमारी, कब हो जाता है जानलेवा

भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह के पिता खानचंद सिंह का स्टेज-4 लिवर कैंसर से निधन होने…

February 27, 2026

Galaxy S26 Series: गैलेक्सी S26 सीरीज का धमाकेदार AI, सभी काम होंगे मिंटो में, खाना भी खुद से होगा ऑर्डर

Galaxy S26 Series: गैलेक्सी S26 सीरीज में नया AI सिस्टम रोजमर्रा के काम जैसे ऑर्डर…

February 27, 2026

Children Health: बदलते मौसम से बिगड़ सकती है बच्चों की सेहत, ऐसे रखें ध्यान, चाइल्ड स्पेशलिस्ट ने दिए ये टिप्स

Children health: फरवरी में तेजी से बदलते मौसम का सबसे ज्यादा असर बच्चों की सेहत…

February 27, 2026