Home > धर्म > सावन के महीनें मे सुहागिनों को करने चाहिए ये 5 श्रृंगार, भगवान शिव की कृपा से बढ़ेती है आपके पति की आयु! मां पार्वती भी रहती है प्रसन्न

सावन के महीनें मे सुहागिनों को करने चाहिए ये 5 श्रृंगार, भगवान शिव की कृपा से बढ़ेती है आपके पति की आयु! मां पार्वती भी रहती है प्रसन्न

Sawan 2025 : सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशियाँ आती हैं। सावन के महीने में विवाहित महिलाओं के लिए श्रृंगार का भी विशेष महत्व माना जाता है।

By: Akriti Pandey | Published: July 17, 2025 11:21:09 AM IST



Sawan 2025 : सावन के महीने में भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से वैवाहिक जीवन में खुशियाँ आती हैं। सावन के महीने में विवाहित महिलाओं के लिए श्रृंगार का भी विशेष महत्व माना जाता है।

सावन में विवाहित महिलाओं के लिए सबसे महत्वपूर्ण श्रृंगार

सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है और इस महीने में भक्त उन्हें प्रसन्न करने के लिए विधि-विधान से उनकी पूजा करते हैं। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी आयु के लिए शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और कामना करती हैं कि उनका सुहाग भी हमेशा अमर रहे। सावन में विवाहित महिलाओं के लिए श्रृंगार का विशेष महत्व माना जाता है। कहा जाता है कि इससे देवी पार्वती प्रसन्न होती हैं और सभी मनोकामनाएँ पूरी करती हैं।

सावन में हरे रंग के वस्त्र पहनें

सावन का प्रकृति से भी गहरा संबंध है। इस महीने में चारों ओर वर्षा होती है और हरियाली दिखाई देती है। इसलिए सावन में हरे रंग का विशेष महत्व माना जाता है। शास्त्रों के अनुसार, अगर महिलाएं सावन में हरे रंग के वस्त्र पहनती हैं, तो भोलेनाथ और देवी पार्वती प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं।

एक ही रात मे अरबपति बन जाते हैं इस मूलांक के लोग, बनी रहती है कुबेर देव की खास कृपा, पूर्वजन्म के कर्मों का मिलता है

हरी चूड़ियाँ होती हैं बेहद शुभ

हिंदू धर्म में हरी चूड़ियों को सुहाग का प्रतीक माना गया  है और सावन के महीने में हरी चूड़ियाँ पहनना बहुत ही शुभ माना जाता है। ऐसा कहते है कि ऐसा करने से देवी पार्वती प्रसन्न होती हैं और उनकी कृपा बनी रहती है। साथ ही साथ और वैवाहिक जीवन में खुशहाली आती है।

सावन में मेहंदी लगाना


सावन के महीने में महिलाओं के हाथों में मेहंदी लगाना बेहद शुभ होता है। कहा जाता है कि भोलेनाथ और देवी पार्वती को मेहंदी बेहद पसंद है और मेहंदी को सुहाग का प्रतीक भी माना जाता है। इसलिए सावन में मेहंदी लगाने से पति-पत्नी के रिश्ते में प्रेम बढ़ता है।

सावन में भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना शिव जी हो सकते हैं नाराज़


माथे पर बिंदी

हिंदू धर्म में बिंदी के बिना विवाहित स्त्री का श्रृंगार अधूरा माना जाता है और विवाहित महिलाओं को सावन के महीने में बिंदी जरूर लगानी चाहिए।हिंदू धर्म  के अनुसार, सावन में जब विवाहित महिलाएं हरी बिंदी लगती है तो भगवान शिव सुहाग की रक्षा करते हैं।

आलता

पैरों में आलता लगाना एक विवाहित स्त्री के मुख्य श्रृंगार मे से एक माना गया है। सावन के महीने में महिलाओं को अपने पैरों में आलता जरूर लगाना चाहिए। ऐसा करने से देवी पार्वती प्रसन्न होती हैं और उनकी कृपा बनी रहती है।

Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।

Advertisement