Vrat ka niyam: व्रत केवल खाने-पीने से परहेज़ करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त करने का साधन भी है. सही तरीके से व्रत रखने से न केवल शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार होता है, बल्कि मानसिक शांति और सहनशक्ति भी बढ़ती है.
व्रत में क्या खाना चाहिए?
- व्रत के दौरान हल्का, पौष्टिक और easily digestible खाना लेना बेहद जरूरी है. विशेषज्ञों के अनुसार, इन चीज़ों का सेवन सबसे फायदेमंद है:
- फल और सूखे मेवे: सेब, केला, संतरा, किशमिश, बादाम, काजू. ये तुरंत ऊर्जा देते हैं और पेट को हल्का रखते हैं.
- साबुत अनाज और फली: साबूदाना, मखाना, राजगिरा, कुट्टू के आटे से बनी चीज़ें. यह पेट भरते हैं और पाचन में मदद करते हैं.
- दूध और डेयरी उत्पाद: दूध, दही, पनीर और घी. यह शरीर को ताकत और कैल्शियम प्रदान करते हैं.
- संतुलित व्रत भोजन: हल्का और पौष्टिक भोजन लेने से दिनभर ऊर्जा बनी रहती है.
व्रत में क्या नहीं खाना चाहिए?
नॉन-वेजिटेरियन चीज़ें: मांस, मछली, अंडा.
- सामान्य अनाज और गेहूं-चावल: आम भोजन से बनने वाली डिश, जैसे आटे या चावल की डिश.
- तेल-मसाले वाला भोजन: तैलीय और भारी मसालेदार खाना पेट को परेशान कर सकता है.
- अल्कोहल और तंबाकू: व्रत में इनका सेवन पूरी तरह वर्जित है.
व्रत रखने के सही नियम
- साफ-सफाई और शुद्धता: व्रत शुरू करने से पहले स्नान और पूजा करें.
- अनाज/सामान्य आटे से बचें: व्रत में केवल साबूदाना, कुट्टू आदि लें.
- भोजन का समय: व्रत में सही समय पर हल्का और पौष्टिक भोजन करें.
- जल का सेवन: पर्याप्त मात्रा में पानी पीना जरूरी है.
- सकारात्मक सोच और ध्यान: व्रत के दौरान ध्यान, पूजा और साधना को अपनाएं.
पर्याप्त पानी पीना है जरूरी
स्वास्थ्य और आयुर्वेद विशेषज्ञों के अनुसार, व्रत में हल्का और संतुलित भोजन लेना, पर्याप्त पानी पीना और मानसिक रूप से शांत रहना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है. व्रत केवल उपवास ही नहीं बल्कि शरीर और मन को मजबूत करने का प्राकृतिक उपाय है.