Shab-e-Barat 2026 Date: शब-ए-बारात, जिसे शाबान की 15वीं रात या मगफिरत की रात भी कहा जाता है, हर साल रमज़ान के पवित्र महीने से 15 दिन पहले, शाबान के बीच में मनाई जाती है. वहीं, कुछ लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज हो जाते हैं कि शब-ए-बारात कब मनाई जाए और ‘शब-ए-बारात 2026 कब है’ सर्च कर रहे हैं. कंफ्यूजन इसलिए हुआ क्योंकि शाबान का चांद नहीं दिखा और महीने का पहला दिन भी नहीं दिखा, जो हिजरी कैलेंडर का आठवां महीना है, जो चांद के 12 चक्रों पर आधारित लूनर सिस्टम को फॉलो करता है.
भारत में शब-ए-बारात 2026 कब है?
शाबान 1447 का चांद 21 जनवरी को देखा गया था. इस्लामिक कैलेंडर के अनुसार, नया दिन सूरज डूबने (मग़रिब के बाद) के बाद शुरू होता है, इसलिए इस साल शब-ए-बारात मंगलवार शाम, 3 फरवरी से बुधवार शाम, 4 फरवरी तक मनाया जाएगा. लोग अक्सर इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि आखिर शब-ए-रात किस दिन मनाई जाएगी.
माफ़ी की रात कैसे मनाई जाती है?
शब-ए-बारात पर, मुसलमान अल्लाह से अपने गुनाहों की माफ़ी मांगते हैं और अल्लाह से रमज़ान के पवित्र महीने तक पहुंचने की ताकत मांगते हैं. कुछ लोगों का मानना है कि आज रात अगले साल की किस्मत का फैसला होता है. इस पवित्र मौके पर लोग पूरी रात मस्जिदों या घरों में जागकर इबादत करते हैं. कुछ लोग पवित्र कुरान पढ़ते हैं, अपने पूर्वजों की कब्रों पर जाते हैं और उनके लिए दुआ करते हैं और जहन्नम की आग से हिफ़ाज़त मांगते हैं.
कुछ लोगों का मानना है कि जो लोग माफ़ी की रात में इबादत करते हैं और अल्लाह से रहम की दुआ मांगते हैं, उनके गुनाह माफ़ हो जाते हैं. मान्यताओं के अनुसार, इस रात अल्लाह लोगों की आने वाले साल की किस्मत लिखते हैं. लोग इस मौके के लिए खास डिश बनाते हैं और अपने घरों को सजाते हैं. कई जगहों पर धार्मिक कार्यक्रम भी होते हैं.