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Premanand Ji Maharaj: हम जो पूजा-पाठ करते हैं उसका फल कब प्राप्त होता है, जानें प्रेमानंद जी महाराज से

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज के अनमोल वचन लोगों को उनके जीवन के प्रेरित करते हैं. नाम जप, भगवान की सेवा, माता-पिता की सेवा करना ही परम सेवा है. जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज से पूजा-पाठ का फल कैसे प्राप्त होता है.

By: Tavishi Kalra | Published: January 17, 2026 8:11:39 AM IST



Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज, एक हिंदू तपस्वी और गुरु हैं, जो राधावल्लभ संप्रदाय को मानते हैं. प्रेमानंद जी महाराज अपनी भक्ति, सरल जीवन, और मधुर कथाओं के लिए लोगों में काफी प्रसिद्ध हैं. हर रोज लोग उनके कार्यक्रम में शामिल होते हैं जहां वह लोगों के सवालों के जवाब देते हैं.हजारों लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं. उनके प्रवचन, जो दिल को छू जाते हैं, ने उन्हें बच्चों और युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है. प्रेमानंद जी महाराज नाम जप करने के लिए के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं और साफ मन से अपने काम को करें और सच्चा भाव रखें.

भक्त के सवाल पर प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि पूजा-पाठ का फल कब प्राप्त होता है, जानें

प्रेमानंद जी महाराज का मानना है उसका फल तुरंत प्राप्त होता है, पापों का नाश, मन की मलिनता का नाश हम बहुत दिन के भूखे हो और एक बार दिखा के थाली आपके सामने से हटा ली जाए, तो आग लग जाएगी. जब तक पा नहीं रहे तो तब तक ठीक था, अब पाना शुरू किया तो भरपूर पाने दो. ऐसा करने से मनुष्य असंतुष्ट रहेगा.

तो ऐसे ही अनेक जन्मों से हम सुख की खोज कर रहे हैं की हम सभी लोगों की मांग है कि सुख कि दुख ना रहे,शांति रहें और हमें कोई प्यार करने वाला मिले. ऐसा प्यार करने वाला जो सिर्फ हमें प्यार करें, हमारे अवगुणों को ना देखे, हमारे दोषों को ना देखे और मैं मरूं नहीं. यह सब के अंदर आता है.

यह बातें सिर्फ भगवान से पूरी होंगी, ना धन से और ना किसी इंसान से. क्योंकि सुख समुद्र भगवान हैं, शांता कारम भगवान है, वह हमसे बहुत प्यार करते हैं. पर हम संसार में अपने प्यार को बिखेरे हुए हैं तो समझ नहीं आता. 

सभी प्रश्नों का एक ही उत्तर है नाम जप, सब कुछ आपके अधीन हो जाएगा. निरंतर इसका अभ्यास करना चाहिए.

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता 

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