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Premanand Ji Maharaj: दूसरों को भजन के लिए प्रेरित करने से क्या अपना भजन  प्रभावित होता है, जानें प्रेमानंद जी के अनमोल विचार

Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज के अनमोल वचन लोगों को उनके जीवन के प्रेरित करते हैं. नाम जप, भगवान की सेवा, माता-पिता की सेवा करना ही परम सेवा है. जानते हैं प्रेमानंद जी महाराज से दूसरों को भजन के लिए प्रेरित करने से क्या अपना भजन  प्रभावित होता है

By: Tavishi Kalra | Published: January 18, 2026 8:01:31 AM IST



Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज, एक हिंदू तपस्वी और गुरु हैं, जो राधावल्लभ संप्रदाय को मानते हैं. प्रेमानंद जी महाराज अपनी भक्ति, सरल जीवन, और मधुर कथाओं के लिए लोगों में काफी प्रसिद्ध हैं. हर रोज लोग उनके कार्यक्रम में शामिल होते हैं जहां वह लोगों के सवालों के जवाब देते हैं.हजारों लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं. उनके प्रवचन, जो दिल को छू जाते हैं, ने उन्हें बच्चों और युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है. प्रेमानंद जी महाराज नाम जप करने के लिए के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं और साफ मन से अपने काम को करें और सच्चा भाव रखें.

भक्त के सवाल पर प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि पूजा-पाठ का फल कब प्राप्त होता है, जानें दूसरों को भजन के लिए प्रेरित करने से क्या अपना भजन  प्रभावित होता है

प्रेमानंद जी का मानना है कि हमारा खुद का भजन प्रभावित हो सकता है. क्योंकि अभी सिद्ध तो हम हो नहीं गए, जो प्रचार करने का कार्य है जब तक अपने में द्दढ़ता ना आ जाए, जब तक अपने भजन में अभ्यास में निरंतर रहे, तो भगवान ने सेवा दी है, सेवा मान कर के सुनाया और सब डिलीट किया, जैसे किसी से नहीं मिले.  इस बात का चिंतन नहीं करना, मैंने क्या बोला. शांत में अपने भजन में लगे रहें. अपने भजन का आनंद आप लोगों को थोड़ी देर के लिए दिया फिर एकांत हो गए, अगर हम स्वंय परिपक्व नहीं हुए तो हमारे उपदेशों का प्रभाव किसी पर नहीं पड़ेगा. हमे चाहिए पहले खुद परिपक्व हो जाए और अगर किसी को उपदेश देना भी पड़े तो कहे हमने संतों से सुना है, शास्त्र में पढ़ा है, स्वंय साधन को गुप्त रखें.

जो आपने नियम लिया है उसे चला नहीं पाएगा. इसीलिए शास्त्रों में कहा गया है कि जब तक आप दृढ़ ना हो जाएं किसी को अपनी बात ना बताएं. 

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता 

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