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Paush Amavasya Katha In Hindi: पौष अमावस्या आज, जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, हर मनोकामना होगी पूर्ण

Paush Amavasya Katha In Hindi: पौष माह की अमावस्या आज है. इस दिन स्नान, दान और पितरों के नाम से दान करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है. इस दिन व्रत करने का विधान है. इस दिन का व्रत तभी पूर्ण माना जाता है जब व्रत की कथा का पाठ किया जाए, यहां पढ़ें संपूर्ण व्रत कथा.

Published by Tavishi Kalra

Paush Amavasya Katha In Hindi (पौष अमावस्या व्रत कथा): हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है. आज 19 दिसंबर, 2025 शुक्रवार को पौष अमावस्या है. इस दिन कई लोग व्रत भी रखते हैं. इस अमावस्या पर स्नान दान के साथ-साथ पितरों का तर्पण करने का भी विशेष महत्व होता है. माना जाता है इस दिन स्नान और दान से व्यक्ति की हर मनोकामना पूर्ण हो जाती है जानिए पौष अमावस्या की व्रत कथा.

पौष अमावस्या की कथा (Paush Amavasya Vrat Katha In Hindi)

पौष अमावस्या की पौराणिक कथा के अनुसार, एक ब्राह्मण था जो बेहद गरीब था. उसकी एक सुंदर, गुणवान और संस्कारी बेटी थी. लेकिन गरीब होने के कारण उसका विवाह नहीं हो पा रहा था. एक दिन गरीब ब्राह्मण के घर पर एक साधु आए जिनकी ब्राह्मण ने बहुत सेवा की. साधु ने ब्राह्मण की सेवा से खुश होकर उन्हें आशीर्वाद दिया. फिर ब्राह्मण ने अपनी कन्या के विवाह के लिए साधु से कोई उपाय पूछा. साधु ने कहा कि यहां से कुछ दूरी पर एक परिवार रहता है. यदि तुम्हारी कन्या हर रोज जाकर उसकी पत्नी की सेवा करें तो इसका विवाह हो जाएगा. अगले दिन सुबह उठकर कन्या उनके घर साफ सफाई करके अपने घर वापस लौटती है.

उस घर में रहने वाली स्त्री हैरान हो जाती है कि रोज-रोज कौन उसके घर में आकर सफाई करके चला जा रहा है. कुछ दिन बाद उस महिला ने ब्राह्मण की पुत्री को पकड़ लिया और पूछने लगी कि आप कौन हैं और क्यों रोज सुबह उनके घर की साफ-सफाई करती हैं. तब कन्या ने साधु द्वारा कही गई सारी बातें महिला को बता दीं. महिला ने उस कन्या की सेवा से खुश होकर जल्द उसका विवाह होने का आशीर्वाद दिया लेकिन जैसे ही महिला ने यह आशीर्वाद दिया वैसे ही उस महिला के पति की मृत्यु हो गई. लेकिन फिर भी महिला ने हार नहीं पानी और अपने आंगन में लगे पीपल के पेड़ की 108 परिक्रमा करके भगवान विष्णु से अपने पति को पाने के लिए प्रार्थना की.

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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