Categories: धर्म

Know Your Traditions: कामाख्या मंदिर का रहस्य, अंबुबाची मेला में क्यों मनाया जाता है देवी का मासिक धर्म

Know Your Traditions: हिंदू धर्म में हर मंदिर का अपना अलग और विशेष महत्व है. असम का कामाख्या मंदिर का रहस्य ऐसा है कि जिसे सुनकर हर किसी का प्रकृति पर और देवी पर विश्वास बढ़ जाता है, जानते हैं क्यों मानाया जाता है हर वर्ष अंबुबाची मेला.

Published by Tavishi Kalra

Know Your Traditions: कामाख्या मंदिर गुवाहाटी, असर में स्थित है. यह मंदिर नीलांचल पर्वत पर बना हुआ है. कामाख्या देवी मंदिर भारत के सबसे पवित्र शक्तिपीठों में से एक है, जो तंत्र साधना के लिए माना जाता है. इस मंदिर में देवी कामाख्या योनि भाग की पूजा की जाती है. यह मंदिर  यह 51 शक्तिपीठों में सबसे पुराना और पवित्र माना जाता है.

जब माता सती ने अपने पिता के यज्ञ में आत्मदाह किया, तो भगवान शिव उनके मृत शरीर को लेकर तांडव करने लगे.  भगवान विष्णु ने सुदर्शन चक्र से सती के शरीर के 51 टुकड़े किए, जिनमें से योनि और गर्भ का हिस्सा नीलांचल पर्वत पर गिरा.  यह स्थान ‘कामाख्या’ (कामरूप) कहलाया, और यहां देवी सती की योनि की पूजा होती है, जो सृष्टि की जननी है. 
कामाख्या मंदिर में देवी सती के शरीर का ‘योनि’ भाग है जो असम के नीलांचल पर्वत पर गिरा था, जिससे यह एक प्रमुख शक्तिपीठ बना जहां देवी मासिक धर्म (रजस्वला) के दौरान तीन दिन के लिए “रक्तस्राव” करती हैं . एक अन्य कथा के अनुसार, कामदेव ने इस स्थान पर अपनी खोई हुई शक्ति वापस पाई थी, इसलिए इसका नाम कामाख्या (कामदेव + आख्या) पड़ा और यहां कोई मूर्ति नहीं, बल्कि एक योनि-आकार की चट्टान की पूजा होती है.  

अंबुबाची पर्व और मासिक धर्म

कामाख्या मंदिर में हर साल जून-जुलाई यानि आषाढ़ के महीने में अंबुबाची पर्व  या अंबुबाची मनाया जाता है. इस दौरान मंदिर तीन दिनों के लिए बंद रहता है ऐसा इसलिए होता है कि क्योंकि माना जाता है कि देवी सती मासिक धर्म में होती हैं और इस दौरान गर्भगृह से रक्तस्राव होता है.

अंबुबाची मेला कामाख्या मंदिर में देवी कामाख्या के वार्षिक मासिक धर्म चक्र का प्रतीक है, जो स्त्री शक्ति और सृजन का उत्सव है. इस दौरान मंदिर के द्वार तीन दिनों के लिए बंद रहते हैं और फिर चौथे दिन खुलते हैं, जिसके बाद भक्तों को प्रसाद मिलता है, और यह समय पृथ्वी की प्रजनन क्षमता को बढ़ाने वाला माना जाता है.  भक्तों को देवी का आशीर्वाद, पवित्र जल और मासिक धर्म के प्रतीक के रूप में एक लाल कपड़ा प्रसाद के रूप में दिया जाता है. 

Makar Sankranti 2026: 23 साल के बाद मकर संक्रांति और एकादशी का संयोग, जानें पुण्यकाल और शुभ मुहूर्त

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Tavishi Kalra

Recent Posts

Elderly Doctor Rescue: ऑस्ट्रेलिया में परिवार, घर में अकेले पिता…दिल दहला देगा बुज़ुर्ग डॉक्टर के रेस्क्यू का वीडियो

Haryana News: अपना आशियाना ऑर्गनाइज़ेशन के मेंबर राज कुमार अरोड़ा ने कहा कि हालाँकि वह…

February 25, 2026

Braj Holi 2026 Dates: 40 दिनों का रंगोत्सव, जानें पूरी तारीखें और शेड्यूल

Braj Holi 2026 schedule: वृंदावन, बरसाना, मथुरा और नंदगांव में मनाया जाने वाला यह लंबा…

February 25, 2026

Samsung Galaxy S26 Ultra vs S25 Ultra: दोनों फोन में क्या है अंतर, दाम से लेकर जानें सबकुछ

Samsung Galaxy S26 Ultra vs S25 Ultra Price: सैमसंग गैलेक्सी S26 आज लॉन्च होने वाला…

February 25, 2026

Rinku Singh News: जिम्बाब्वे मैच से पहले सस्पेंस खत्म, कोच सीतांशु कोटक ने रिंकू सिंह को लेकर दी बड़ी जानकारी

T20 World Cup 2026: कोटक ने बुधवार को चेन्नई में जिम्बाब्वे के खिलाफ भारत के…

February 25, 2026

Samsung Galaxy S26 Launch: आज लॉन्च हो रहा है सैमसंग का धमाकेदार फोन, जान लें फीचर्स और दास से लेकर सबकुछ

Samsung Galaxy S26 Launch: आज सैमसंग गैलेक्सी की S26 सीरीज लॉन्च होने वाली है. इससे…

February 25, 2026

UP Election 2027: कौन हैं आशीष पांडेय, जिन पर मायावती ने खेला बड़ा दांव; BJP-SP दोनों के सामने पेश की चुनौती

UP Election 2027: बहुजन समाज पार्टी ने आने वाला 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के…

February 25, 2026