Categories: धर्म

Hindu Marriage Rituals: शादी के बाद क्यों नहीं पहनी जाती है सोने की बिछिया? जानें इसके पीछे की वजह

Silver Toe Ring Significance: हमारे देश में कई तरह की प्रथाएं सदियों से चली आ रही हैं. ऐसी ही प्रथाओं में से एक है शादी के बाद पैरों में बिछिया पहनने की प्रथा. आज के दौर में बिछिया पहनना भले ही फैशन का हिस्सा बन गया हो पर यह विवाहित स्त्रियों के लिए सुहाग की निशानी मानी जाती है. अब कई बार आपके मन में ये सवाल उठता होगा कि बिछिया चांदी की हो क्यों होती है सोने की क्यों नहीं? तो आइए आपकी इसी कंफ्यूजन को दूर करते हैं.

Published by Shivi Bajpai

Silver Toe Ring Significance: बिछिया को विवाह की निशानी के रूप में देखा गया है. सोलाह श्रृंगार का खास हिस्सा माना जाता है. शादी के बाद दोनों पैरों की दो या तीन उंगलियों में बिछिया पहनी जाती है. इससे वैवाहिक संबंध अच्छे बने रहते हैं. इसके साथ ही बिछिया को ऐसा आभूषण माना जाता है जो माता लक्ष्मी को आकर्षित करता है. यही वजह है कि शादी के बाद बिछिया पहनने का रिवाज़ है. 

बिछिया का महत्व

शादी के बाद बिछिया पहनने का महत्व रामायण काल से चला आ रहा है. ऐसा माना जाता है कि जब माता सीता का अपहरण करके रावण ले जा रहा था तब उन्होंने रास्ते में अपनी बिछिया निकालकर फेंक दी थी. जिससे श्री राम उन्हें आसानी से ढूंढ सकें. उसी समय से बिछिया एक शादीशुदा महिला के सोलह श्रृंगार का जरूरी हिस्सा बन गई. बिछिया वैसे तो पैर की मध्यम उंगली पर पहनी जाती है क्योंकि ऐसा माना जाता है कि उंगली का सीधा संबंध आपके ह्रदय से होता है. जब आप पैरों में चांदी की बिछिया पहनती हैं तो इसे चंद्रमा का कारक माना जाता है. इसलिए हमेशा पैरों में चांदी की बिछिया पहनी जाती है. ये आपके पति-पत्नी के संबंध को मजबूत बनाने में मदद करता है. 

Related Post

सोने की बिछिया क्यों नहीं पहनी जाती है?

ज्योतिष की मानें तो पैर में कभी भी सोने की बिछिया या पायल नहीं पहननी चाहिए. धार्मिक मान्यता के अनुसार सोना धातु भगवान विष्णु से संबंधित है जिसकी पूजा की जाती है. इसलिए पैरों में इस धातु को पहनना भगवान विष्णु का अपमान करना माना जाता है. 

Utpanna Ekadashi 2025: एकादशी व्रत की शुरुआत करें इस एकादशी से, विष्णु कृपा से मिलेगा सुख-समृद्धि का वरदान

चांदी की ही बिछिया क्यों पहनी जाती है?

चांदी की बिछिया पहनने के कई फायदे हैं. चांदी की धातु हमारे शरीर के लिए शुभ मानी जाती है. चांदी में पृथ्वी की ध्रुवीय ऊर्जा को अवशोषित करने करने की क्षमता होती है और ये चंद्रमा की धातु मानी जाती है. ज्योतिष के अनुसार चांदी की बिछिया पहनने से आपके शरीर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और ये प्रेम का कारक भी मानी जाती है. 

काल भैरव के आठ रूप कौन-से होते हैं? जानें इनका महत्व और पूजा करने का लाभ क्या है?

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Shivi Bajpai
Published by Shivi Bajpai

Recent Posts

Bareilly DM order: जनता दर्शन में ढिलाई नहीं चलेगी, अधिकारियों पर कसा शिकंजा, 48 घंटे में शिकायतों का निस्तारण अनिवार्य

Bareilly DM order: बरेली में जनता दर्शन की शिकायतों का 48 घंटे में निस्तारण अनिवार्य…

April 20, 2026

Bareilly wedding violence: बरेली में शादी समारोह में  खूनी खेल, युवक पर लाठी-डंडों और हथियारों से जानलेवा हमला

Bareilly wedding violenceबरेली के मैरिज लॉन में शादी के दौरान युवक पर लाठी-डंडों और हथियारों…

April 20, 2026

Mathura Junction security: मथुरा जंक्शन पर हाईटेक निगरानी, 211 कैमरों से लैस हुआ स्टेशन

Mathura Junction security: मथुरा जंक्शन पर 211 4K कैमरों से लैस केंद्रीकृत सुपर सर्विलांस सिस्टम…

April 20, 2026

बलरामपुर में वन विभाग का बड़ा एक्शन! अवैध शिकार में 5 गिरफ्तार, एक आरोपी फरार

Balrampur illegal hunting: बलरामपुर के धमनी वन क्षेत्र में अवैध शिकार का खुलासा करते हुए…

April 20, 2026

Maihar Accident: तेज रफ्तार ट्रेलर ने दो युवकों को कुचला, गुस्साए ग्रामीणों ने सड़क किया जाम

Maihar Accident: मैहर के बदेरा थाना क्षेत्र में तेज रफ्तार ट्रेलर ने बाइक सवार दो…

April 20, 2026