Ghar Mein Shivling Sthapna: हिंदू धर्म में भगवान शिव को संहार और सृजन के देवता के रूप में पूजा जाता है. शिवलिंग उनकी निराकार शक्ति का प्रतीक माना जाता है. मंदिरों में तो शिवलिंग की स्थापना सामान्य बात है, लेकिन कई लोग अपने घर में भी शिवलिंग स्थापित करना चाहते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या घर में शिवलिंग रखना उचित है, और यदि हां, तो उसकी स्थापना व प्राण-प्रतिष्ठा किस विधि से की जानी चाहिए.
क्या घर में शिवलिंग स्थापित करना चाहिए?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में शिवलिंग स्थापित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ नियमों का पालन अनिवार्य है. सबसे पहले शिवलिंग का आकार छोटा होना चाहिए. शास्त्रों में कहा गया है कि गृहस्थ जीवन के लिए अंगूठे के आकार से बड़ा शिवलिंग उपयुक्त नहीं माना जाता. बड़ा शिवलिंग अधिक नियमित और विस्तृत पूजन की अपेक्षा करता है, जो घर में संभव नहीं हो पाता. इसके अलावा यह भी जरूरी है कि जिस घर में शिवलिंग स्थापित किया जाए, वहां नित्य पूजा, जलाभिषेक और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए. शिवलिंग को कभी भी सूखा या उपेक्षित नहीं छोड़ना चाहिए. यदि प्रतिदिन विधिवत पूजा संभव न हो, तो केवल शिव-पार्वती का चित्र या छोटा पारद शिवलिंग रखना बेहतर माना जाता है.
प्राण-प्रतिष्ठा पूजा क्या है?
अब बात प्राण-प्रतिष्ठा की. प्राण-प्रतिष्ठा वह वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें मंत्रों और विधि-विधान के माध्यम से देवता का आवाहन कर मूर्ति या शिवलिंग में दिव्य चेतना स्थापित की जाती है. सामान्य स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा में अंतर होता है. यदि शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कराई जाती है, तो उसकी नियमित पूजा अनिवार्य हो जाती है. प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया आमतौर पर किसी विद्वान पंडित या आचार्य की देखरेख में की जाती है. इसमें सबसे पहले शुभ मुहूर्त का चयन किया जाता है. इसके बाद संकल्प लेकर गणेश पूजन, कलश स्थापना और हवन किया जाता है. वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ शिवलिंग में प्राणों का आवाहन किया जाता है. अंत में पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक कर आरती की जाती है.
क्या कहती है धार्मिक मान्यता
धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि प्राण-प्रतिष्ठित शिवलिंग केवल एक प्रतीक नहीं रहता, बल्कि पूजनीय और जागृत स्वरूप बन जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक वातावरण का संचार होता है. हालांकि विद्वानों का कहना है कि यदि परिवार नियमित पूजा-पाठ और नियमों का पालन करने में सक्षम न हो, तो बिना प्राण-प्रतिष्ठा के साधारण रूप से शिवलिंग स्थापित करना ही उचित रहता है. इसलिए घर में शिवलिंग स्थापना का निर्णय श्रद्धा के साथ-साथ जिम्मेदारी को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए. नियमों का पालन और नियमित पूजा ही इस स्थापना को सार्थक बनाती है.