Home > धर्म > Chandra Grahan 2026: होली के दिन लगेगा 2026 का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, भारत में नजर आएगा या नहीं, जानें सूतक काल का समय

Chandra Grahan 2026: होली के दिन लगेगा 2026 का सबसे लंबा चंद्र ग्रहण, भारत में नजर आएगा या नहीं, जानें सूतक काल का समय

Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है. साल 2026 का पहला और सबसे लंबा चंद्र ग्रहण जल्द ही लगने वाला है. जानते हैं साल का पहला ग्रहण कब और कहां-कहां नजर आएगा.

By: Tavishi Kalra | Last Updated: January 28, 2026 1:28:54 PM IST



Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण एक खगोलीय घटना है. साल 2026 का पहला और सबसे लंबा चंद्र ग्रहण जल्द ही लगने वाला है. जानते हैं साल का पहला ग्रहण कब और कहां-कहां नजर आएगा.

साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण 3 मार्च 2026, मंगलवार को लगेगा. यह खण्डग्रास चंद्र ग्रहण होगा. जो भारत में नजर आएगा. इस दिन चन्द्र ग्रहण की शुरुआत शाम 6 बजकर 26 मिनट पर होगी, चन्द्र ग्रहण समाप्त 6 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. जिसकी कुल अवधि 20 मिनट्स 28 सेकण्ड्स रहेगी. इस दिन चन्द्रोदय का समय शाम 6 बजकर 26 मिनट रहेगा.

चंद्र ग्रहण 2026 सूतक काल (Chandra Grahan 2026 Sutak Kaal)

  • सूतक काल की शुरुआत सुबह 9 बजकर 39 मिनट पर होगी.
  • सूतक काल का अंत ग्रहण के समाप्त होने के साथ शाम 6 बजकर 46 मिनट पर होगा.

होलिका दहन 2026 शुभ मुहूर्त (Holika Dahan 2026 Shubh Muhurat)

साल 2026 में होलिका दहन 3 मार्च, 2026 को किया जाएगा. इस दिन होलिका दहन के समय चंद्र ग्रहण का साया रहेगा, हालांकि चंद्र ग्रहण बहुत ज्यादा देर तक नहीं रहेगा, साल 2026 के पहले चंद्र ग्रहण की कुल अवधि 20 मिनट रहेगी.

होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 3 मार्च, 2026 को शाम 6 बजकर 22 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 50 मिनट तक रहेगा. जिसकी कुल अवधि 2 घंटे 28 मिनट रहेगी.

 साल का पहला चंद्र ग्रहण भारत के कुछ राज्यों में नजर आएगा, बंगाल के उत्तरी पूर्वी क्षेत्र, मिजोरम, नागालैंड, मणिपुर, असम, अरुणाचल प्रदेश में देखा जा सकेगा.

होलिका दहन का मुहूर्त चंद्र ग्रहण के शुरू होने से पहले का रहेगा. इसलिए इस दौरान पूजा-अर्चना ना करें, चंद्र के समाप्त होने का इंतजार करें और उसके बाद होलिका दहन की पूजा करें. ग्रहण के दौरान पूजा-अर्चना या शुभ कार्य करना वर्जित होता है. इसीलिए इस दौरान किसी प्रकार का पूजा का काम करें और ग्रहण के समाप्त होने का इंतजार करें.

रंगवाली होली 4 मार्च 2026, जिसे धुलण्डी के नाम से भी जाना जाता है, होलिका दहन के बाद ही मनाई जाती है और इसी दिन को होली खेलने के लिये मुख्य दिन माना जाता है.

Bhajan Clubbing: Gen Z में बढ़ता भजन क्लबिंग का ट्रेंड तेजी पकड़ रहा है, जानें क्या है यह और इसके फायदे

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता 

Advertisement