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Garhkundar Fort: आज भी गूंजती हैं चीखें! भारत का ऐसा खूनी किला, जहां से अचानक गायब हो गई बरात

Madhya Pradesh Quila:आज हम आपको मध्य प्रदेश के एक ऐसे किले के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि वहां एक पूरी बारात गायब हो गई थी.

By: Heena Khan | Published: February 6, 2026 12:57:21 PM IST



Madhya Pradesh: भारत का इतिहास काफी रंग बिरंगा है, ऐसा इसलिए क्योंकि यहां मुगलों से लेकर ब्रिटिश शासन तक का दौर देखा गया है. वहां मुगल शासन के दौरान किलों की खूबसूरती देखने लोग देश-विदेश से आते थे. भारतीय इतिहास को इसके किलों के बिना अधूरा माना जाता है. देश के अलग-अलग राज्यों में कई शानदार किले और महल फैले हुए हैं, जिनका इतिहास और कहानियाँ बेहद खूबसूरत है. भारत का दिल कहे जाने वाले मध्य प्रदेश में भी कई किले और महल हैं जिनकी कहानियाँ बहुत दिलचस्प हैं. लेकिन आज हम आपको मध्य प्रदेश के एक ऐसे किले के बारे में बताने जा रहे हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि वहां एक पूरी बारात गायब हो गई थी.

आलिशान महल का इतिहास 

कहा जाता है कि गढ़ कुंडार किले की नींव 11वीं-12वीं सदी में चंदेल राजाओं ने रखी थी. लेकिन, इसे असली पहचान और मज़बूती 1180 ईस्वी के आसपास मिली जब खंगार वंश के राजा खेत सिंह खंगार ने इसे अपना बना लिया. उन्होंने ऐसी मज़बूत सुरक्षा व्यवस्था की कि ये किला अपने समय का सबसे मज़बूत गढ़ बन गया. साथ ही बता दें कि 13वीं सदी के बाद यह किला बुंदेला शासकों के कब्ज़े में आ गया और लंबे समय तक इस किले पर उनका ही राज रहा. वहीं फिर 1531 में राजा रुद्र प्रताप देव ने अपनी राजधानी गढ़ कुंडार से ओरछा में पहुंचा दी. जिसके बाद इस आलिशान किले की खूबसूरती और शान धीरे धीरे ढलने लगी और ये एक अंधेरी कोठरी बन गया. 

इस किले की खास बात ये है कि यह किला एक जादुई वास्तुकला डिज़ाइन पर बना है. बताया जाता है कि ये किला एक पहाड़ी पर इस तरह से बना है कि 4-5 किलोमीटर दूर से साफ़ दिखाई देता है, लेकिन जैसे-जैसे आप पास जाते हैं, यह नज़र से ओझल हो जाता है. पास आने पर मुख्य रास्ता गायब हो जाता है और दूसरा रास्ता दिखाई देता है, जिससे दुश्मन रास्ता भटक जाते थे. वहीं आपको बता दें कि यह किला 5 मंज़िला है, जिसमें तीन मंज़िलें ज़मीन के ऊपर और दो मंज़िलें ज़मीन के नीचे बनी हैं. डरावनी बात ये है कि ये नीचे की दो मंज़िलें दिन में भी अंधेरे में डूबी रहती हैं. यह हिस्सा एक भूलभुलैया जैसा है, और आज भी वहाँ अकेले जाना खतरनाक साबिक होता है. 

अचानक बरात हुई गायब 

वहीं अब हम आपको बताएंगे इस किले से जुड़ी एक ऐसी कहानी जिसे जानकर आपके रौंगटे खड़े हो जाएंगे. इस किले से जुड़ी सबसे मशहूर कहानी एक बारात का लापता होना है. कहा जाता है कि सालों पहले एक बारात यहां घूमने आई थी. घूमते-घूमते वो ज़मीन के नीचे के कमरों में चले गए और अचानक बिना किसी निशान के गायब हो गए. ये 50-60 लोग कभी वापस नहीं लौटे, जिसके बाद सरकार ने उन मंज़िलों के दरवाज़ों को हमेशा के लिए बंद कर दिया.

क्या था बरात के गायब होने का कारण? 

उस बरात के गायब होने के बाद हर कोई इस ही सोच में डूबा था कि आखिर वो लोग कहां गए जो बरात लेकर पहुंचे थे. लेकिन इस हादसे से पहले कुछ ऐसा हुआ था जो बेहद खौफनाक है. दरअसल, बुंदेला शासकों ने खंगार राजाओं को एक शादी समारोह में बुलाया था. जब खंगार पार्टी जश्न में डूबी हुई थी, तभी उन पर अचानक हमला हो गया, और पूरी बारात का कत्लेआम कर दिया गया.

इतिहास को जानने के बाद माना जाता है कि उस खूनी हमले की आवाजे आज भी किले की डरावनी शांति में महसूस की जा सकती है. यह भी माना जाता है कि किले के गुप्त कमरों में चंदेल और खंगार राजाओं का सोने, हीरे और जवाहरात का बहुत बड़ा ढेर मौजूद है. कई लोगों ने इस खजाने को खोजने की कोशिश की है, लेकिन किले के जटिल डिज़ाइन और छिपे हुए रास्तों की वजह से किसी के हाथ वो खजाना नहीं लग सका है. 

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