Swami Vivekanand Jayanti 2026: 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद जयंती, जीवन के सफलता के लिए अपनाएं उनकी ये बातें

Swami Vivekananda Jayanti 2026: स्वामी विवेकानंद जयंती हर साल 12 जनवरी को मनाई जाती है. इस दिन पर खास उनके विचारों को पढ़ें औप अपने जीवन में उतारने का प्रयास करें.

Published by Tavishi Kalra

Swami Vivekanand Jayanti 2026: स्वामी विवेकानंद जी की जयंती 12 जनवरी 2026, सोमवार को मनाई जाएगी. स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के मौके पर पढ़ें उनके अनमोल वचन और अपने जीवन इन बातों को अपना लक्ष्य बनाकर आगे बढ़ें और उन्नति पाएं. युवाओं के लिए स्वामी विवकानंद जी के विचार बहुत महत्व रखते हैं और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं. यहां पढ़ें उनके 10 अनमोल विचार

1.एक समय में एक काम करो, ऐसा करते समय अपनी पूरी आत्मा उसमें डाल दो और बाकि सबकुछ भूल जाओ.

2. संगति आप को ऊंचा उठा भी सकती है और यह आपको ऊंचाई से गिरा भी सकती है, इसलिए संगति अच्छे लोगों से करें.

3. लोग तुम्हारी स्तुति करें या निंदा, लक्ष्य तुम्हारे ऊपर कृपालु हो या न हो, तुम्हारा देहांच आज हो या युग में, तुम न्यायपथ से कभी भ्रष्ट न हो.

4.”हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आप क्या सोचते हैं.”

(We are what our thoughts have made us; so take care about what you think.)

5.”खुद को कमजोर समझना सबसे बड़ा पाप है. आत्मा के लिए कुछ भी असंभव नहीं है.”

(Thinking yourself weak is the greatest sin. Nothing is impossible for the soul.)

6.”विश्व एक व्यायामशाला है, जहां हम खुद को मजबूत बनाने के लिए आते हैं.”

 (The world is a gymnasium where we come to make ourselves strong.)

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7.”सच्ची सफलता का रहस्य यह है: वह व्यक्ति जो कोई प्रतिफल नहीं मांगता, पूर्णतः निःस्वार्थ व्यक्ति, सबसे सफल है.”

(The great secret of true success is this: the man or woman who asks for no return, the perfectly unselfish person, is the most successful.)

8.”किसी की निंदा न करें. अगर आप मदद के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं, तो जरूर बढ़ाएं.”

(Do not condemn anyone. If you can help, extend your hand.)

9.”जब तक आप खुद पर विश्वास नहीं करते, तब तक आप भगवान पर विश्वास नहीं कर सकते.”

(You cannot believe in God until you believe in yourself.)

10.”शक्ति जीवन है, दुर्बलता मृत्यु है. विस्तार जीवन है, संकुचन मृत्यु है. प्रेम जीवन है, घृणा मृत्यु है.”

(Strength is life, weakness is death. Expansion is life, contraction is death. Love is life, hatred is death.) 

1893 में शिकागो में हुए विश्व धर्म सम्मेलन में दिए गए स्वामी विवेकानंद के भाषण ने उन्हें पूरी दुनिया में पहचान दिलाई. स्वामी विवेकानन्द के विचार आत्मबल, सेवा और आपसी समझ  का संदेश युवाओं को देते हैं.

Tavishi Kalra

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