Women Live Longer Than Men: यह सच है कि पूरी दुनिया में औसतन महिलाएँ पुरुषों से ज्यादा जीती हैं, और लोग अक्सर इसका कारण यह बताते हैं कि महिलाएँ स्वस्थ खाना खाती हैं और अपनी सेहत का ज्यादा ध्यान रखती हैं. यह आंशिक रूप से सही है, लेकिन असल वजहें इससे कहीं अधिक गहरी हैं. महिलाओं की लंबी आयु के पीछे सबसे बड़ा कारण उनकी जैविक संरचना है.
एस्ट्रोजन हार्मोन का कमाल
महिलाओं के शरीर में मौजूद एस्ट्रोजन हार्मोन हृदय और रक्त वाहिकाओं की रक्षा करता है, खराब कोलेस्ट्रॉल कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाता है. यही नहीं, महिलाओं में दो X-क्रोमोसोम होते हैं, जो एक तरह की जेनेटिक सुरक्षा प्रदान करते हैं. अगर एक X-क्रोमोसोम में कोई समस्या हो, तो दूसरा उसकी भरपाई कर सकता है, जबकि पुरुषों में केवल एक X-क्रोमोसोम होता है और वे कई आनुवंशिक बीमारियों के प्रति अधिक संवेदनशील हो जाते हैं.
इसके साथ ही, शोध बताते हैं कि महिलाओं का प्रतिरक्षा तंत्र पुरुषों की तुलना में अधिक मजबूत होता है, जिससे संक्रमण, महामारी और कई दीर्घकालीन बीमारियों के खिलाफ उनकी लड़ाई अधिक प्रभावी होती है.
महिलाओं की जीवनशैली
जीवनशैली भी इसमें बड़ा महत्व रखती है. महिलाओं में धूम्रपान, शराब और जोखिम भरी आदतों की संभावना कम होती है. वे नियमित हेल्थ चेक-अप कराती हैं और डॉक्टर की सलाह का पालन करती हैं, जबकि पुरुष आम तौर पर दर्द और बीमारी को अनदेखा करते हैं और देर से उपचार करवाते हैं. इसके अलावा पुरुषों में जोखिम लेने की प्रवृत्ति अधिक होती है—वे खतरनाक नौकरियों में काम करते हैं, तेज़ गाड़ी चलाते हैं या एडवेंचर गतिविधियों में हिस्सा लेते हैं, जिससे दुर्घटनाओं से मौत की संभावना बढ़ जाती है.
मानसिक स्वास्थ्य के मामले में भी फर्क दिखाई देता है. महिलाएँ अपनी भावनाएँ खुलकर व्यक्त करती हैं और तनाव को साझा करती हैं, जबकि पुरुष अक्सर समस्याओं को अपने भीतर दबा लेते हैं, जिससे अवसाद, तनाव और हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
जीवन की दौड़ में महिलाएँ पुरुषों से थोड़ा आगे
इन सभी कारणों से वैज्ञानिक, सामाजिक और व्यवहारिक रूप से महिलाएँ जीवन की दौड़ में पुरुषों से थोड़ा आगे निकल जाती हैं. इसका अर्थ यह भी है कि पुरुष अपनी उम्र बढ़ा सकते हैं, यदि वे सेहत को प्राथमिकता दें, नियमित जांच कराएं, जोखिम भरी आदतों से दूर रहें और मानसिक स्वास्थ्य के लिए खुलकर मदद मांगें. अंततः, लंबी उम्र सिर्फ भाग्य नहीं, बल्कि जीवनशैली, व्यवहार और स्वास्थ्य जागरूकता से भी तय होती है.
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