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Liuor Scam: शराब घोटाले के सबूत नष्ट करने की साजिश? बाबूलाल मरांडी ने CM सोरेन को लिखा पत्र

Liuor Scam: शराब घोटाले के सबूत नष्ट करने की साजिश? बाबूलाल मरांडी ने CM सोरेन को लिखा पत्र, ट्रक भर कर कागजात ले जाना नहीं है सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया

Published by Swarnim Suprakash

रांची, झारखण्ड से मनीष मेहता की रिपोर्ट 
Liuor Scam: झारखंड की सियासत में एक नया बवाल खड़ा हो गया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को पत्र लिखकर एसीबी (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मरांडी ने दावा किया है कि उत्पाद विभाग कार्यालय से मंगलवार की रात गुप्त तरीके से भारी मात्रा में कागजात जब्त कर ले जाए गए, जिससे यह संदेह गहरा हो गया है कि शराब घोटाले से जुड़े सबूतों को मिटाने की कोशिश की जा रही है।

ट्रक भर कर कागजात ले जाना नहीं है सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया

मरांडी ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई रात के अंधेरे में एक ट्रक भरकर कागजात ले जाने की तरह की गई, जो किसी सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा नहीं थी। उन्होंने दावा किया कि पूरी कार्रवाई कथित तौर पर मौजूदा पुलिस महानिदेशक (DGP) की प्रत्यक्ष देखरेख और हस्तक्षेप में हुई।

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पत्र में उन्होंने सवाल उठाए कि आखिरकार आधी रात को ही ट्रक भरकर फाइलें क्यों हटाई गईं? क्या यह सब कुछ चुनिंदा अधिकारियों और राजनीतिक सरगनाओं को बचाने की साजिश है? उन्होंने लिखा कि यह कदम आगामी समय में संभावित ईडी और सीबीआई जांच से पहले साक्ष्यों को नष्ट करने की ओर इशारा करता है।

राज्य के राजस्व की सुरक्षा से सीधा जुड़ा है यह मुद्दा

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि यह मामला राज्य की जनता के हितों और राजस्व सुरक्षा से सीधा जुड़ा है। उन्होंने अखबारों का हवाला देते हुए कहा कि पूर्व में भी एसीबी कुछ फाइलें उठा ले गई थी, जिसके चलते शराब दुकानों के आवंटन में कठिनाइयाँ खड़ी हुईं और राज्य को राजस्व का नुकसान उठाना पड़ा। ऐसे में मौजूदा घटना से संदेह और गहरा हो गया है कि शराब घोटाले के महत्वपूर्ण दस्तावेजों को जानबूझकर नष्ट किया जा रहा है ताकि शराब माफियाओं और सत्ता से जुड़े लोगों को बचाया जा सके।

साक्ष्य नष्ट न होने देना मुख्यमंत्री की संवैधानिक जिम्मेदारी

मरांडी ने पत्र में मुख्यमंत्री को याद दिलाया कि यह उनकी संवैधानिक जिम्मेदारी है कि जनता के हितों की रक्षा हो और किसी भी परिस्थिति में साक्ष्य नष्ट न होने पाएँ। उन्होंने लिखा कि जनता को यह जानने का अधिकार है कि किसके इशारे पर यह कार्रवाई हो रही है और किन लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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मामले की गंभीरता को समझ, तत्काल निष्पक्ष जांच करवाएं मुख्यमंत्री

पूर्व मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अपराध कितना भी चालाक क्यों न हो, वह हमेशा कुछ न कुछ सुराग छोड़ता है। यही सुराग एक दिन पूरे भ्रष्टाचार के खेल को उजागर करेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री इस गंभीर मामले में तत्काल और निष्पक्ष कार्रवाई करेंगे।

Swarnim Suprakash
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