Women Reservation Bill India: महिला आरक्षण लागू होने के बाद लोकसभा की कुल सीटों में बड़ा इजाफा होने की संभावना है. नई जानकारी के अनुसार सांसदों की संख्या बढ़कर 850 तक पहुंच सकती है, जबकि पहले यह आंकड़ा 816 बताया जा रहा था. प्रस्ताव के तहत 815 सीटें राज्यों से और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों से होंगी, जिनमें 11 सीटें दिल्ली की होंगी.
महिलाओं के लिए 33% आरक्षण
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के तहत लोकसभा और विधानसभाओं में 33 फीसदी सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित की जाएंगी. इसके अनुसार लोकसभा में कम से कम 273 सीटें महिलाओं के लिए सुरक्षित होंगी. यह कदम भारतीय राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से उठाया गया है.
एससी-एसटी सीटों में भी बढ़ोतरी
महिला आरक्षण के साथ-साथ अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों में भी वृद्धि प्रस्तावित है. SC सीटें 84 से बढ़कर 136 हो सकती हैं, जबकि ST सीटों की संख्या 47 से बढ़कर 70 तक पहुंचने की संभावना है. इससे सामाजिक प्रतिनिधित्व को और मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है.
2029 से लागू करने की तैयारी
सरकार की योजना है कि महिला आरक्षण को 2029 के आम चुनाव से लागू किया जाए, जबकि पहले इसे 2034 से लागू करने का प्रस्ताव था. इसके लिए 2011 की जनगणना के आधार पर सीटों का परिसीमन किया जाएगा. इस प्रक्रिया में करीब दो साल लग सकते हैं, इसलिए सरकार बिल को जल्द मंजूरी दिलाने की कोशिश कर रही है.
राजनीति और विरोध के सुर
इस मुद्दे पर राजनीतिक हलचल भी तेज है. पीएम मोदी खुद महिला आरक्षण के समर्थन में माहौल बनाने में जुटे हैं और उन्होंने महिलाओं से सांसदों को समर्थन के लिए पत्र लिखने की अपील की है. वहीं विपक्ष का आरोप है कि सरकार इसे राजनीतिक लाभ के लिए जल्द लागू करना चाहती है. कुछ दक्षिणी राज्यों ने परिसीमन के बाद सीटों में संभावित कमी को लेकर चिंता भी जताई है.