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इस बार 77वीं रिपब्लिक डे परेड होगा खास, मूक योद्धाओं का दस्ता दिखाएगा अपना शौर्य; कर्तव्य पथ पर दिखेगी सैन्य ताकत

Republic Day 2026 : गणतंत्र दिवस परेड में हर बार की तरह इस बार भी भारतीय सेना अपने शौर्य का प्रदर्शन करेगी. सेना पहली बार कर्तव्य पथ पर वास्तविक युद्ध की व्यूह रचना पेश करेगी. वहीं परेड में मूक योद्ध भी नजर आएंगे. आइए जानें इस बार गणतंत्र दिवस पर क्या है खास?

By: Preeti Rajput | Published: January 18, 2026 8:23:35 AM IST



Republic Day 2026: इस साल की रिपब्लिक डे परेड की मेन थीम “वंदे मातरम” की 150वीं एनिवर्सरी होगी. लाइन ऑफ ड्यूटी से बने सर्कल के बैकग्राउंड में नेशनल एंथम की शुरुआती लाइनें वाली पुरानी पेंटिंग्स चलेंगी, और मेन स्टेज पर इसके कंपोजर बंकिम चंद्र चटर्जी को श्रद्धांजलि देने के लिए फूलों की सजावट होगी.

नदियों के नाम पर होगी बैठने की जगह 

डिफेंस मिनिस्ट्री के सीनियर अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि इस बार रेड वेन्यू सर्कल पर “VVIP” और पहले इस्तेमाल होने वाले दूसरे लेबल का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा. इसके बजाय, सभी सर्कल के नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखे गए हैं. उन्होंने कहा कि इनमें ब्यास, ब्रह्मपुत्र, चंबल, चिनाब, गंडक, गंगा, घाघरा, गोदावरी, सिंधु, झेलम, कावेरी, कोसी, कृष्णा, महानदी, नर्मदा, पेन्नार, पेरियार, रावी, सोन, सतलुज, तीस्ता, वैगई और यमुना शामिल हैं. इसी तरह, 29 जनवरी को बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी के लिए, भारतीय इंस्ट्रूमेंट्स – बांसुरी, डमरू, इकतारा, इसराज, मृदंगम, नगाड़ा, पखावज, संतूर, सारंगी, सरिंदा, सरोद, शहनाई, सितार, सुरबहार, तबला और वीणा – परेड के लिए चुने जाएंगे.

कौन होगा मुख्य गेस्ट?

यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा परेड में चीफ गेस्ट होंगे.

इस साल की थीम ‘वंदे मातरम’

इस साल की थीम ‘वंदे मातरम’ के 150 साल हैं, और परेड इसी को सेलिब्रेट करेगी. इनविटेशन कार्ड पर 150वीं सालगिरह का लोगो होगा, और परेड के आखिर में, ‘वंदे मातरम’ थीम वाले बैनर वाले गुब्बारों का झुंड हवा में छोड़ा जाएगा. इनमें आर्मी, नेवी, इंडियन एयर फोर्स और इंडियन कोस्ट गार्ड के बैंड शामिल होंगे. मिनिस्ट्री ने कहा कि परफॉर्मेंस की जगहों में पश्चिम बंगाल के नॉर्थ 24 परगना जिले के नैहाटी में कंथलपारा में बंकिम चंद्र चटर्जी का पुश्तैनी घर और जन्मस्थान शामिल होगा, जिसे अभी ‘बंकिम भवन रिसर्च सेंटर’ (बंकिम म्यूजियम भी कहा जाता है) के नाम से जाना जाता है.

राज्यों की झांकियां

कर्तव्य पथ पर 17 अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, और 13 मंत्रालयों और सेवाओं की 30 झांकियां दिखाई जाएंगी.

  • असम (थीम: आशिरकांडी: क्राफ्ट विलेज)
  • गुजरात (थीम: आज़ादी का मंत्र: वंदे मातरम)
  • जम्मू और कश्मीर (थीम: J&K के हैंडीक्राफ्ट और लोक नृत्य)
  • पश्चिम बंगाल (थीम: भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में बंगाल)
  • उत्तर प्रदेश (बुंदेलखंड की संस्कृति)
  • केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां दिखाई जाएंगी.

सेना हेडक्वार्टर का थीम 

मंत्रालय के मुताबिक, एयर हेडक्वार्टर (थीम: वेटरन्स की झांकी: युद्ध के ज़रिए राष्ट्र निर्माण), नेवल हेडक्वार्टर (थीम: समुद्र से खुशहाली), और डिपार्टमेंट ऑफ़ मिलिट्री अफेयर्स (ऑपरेशन सिंदूर पर तीनों सेनाओं की झांकी, एक साथ जीत) भी संस्कृति मंत्रालय (थीम: वंदे मातरम: एक राष्ट्र की आत्मा की पुकार) के साथ झांकी दिखाएंगे.ट

टिकटों की बिक्री 

26 जनवरी 2026 को होने वाली गणतंत्र दिवस परेड के टिकटों की बिक्री 5 जनवरी से शुरू हो चुकी है.

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