Categories: देश

Uttar Pradesh: मेरठ के थापरनगर में सजे गणपति, कोलकाता से आती हैं खास मूर्तियां, 4 महीने पहले से होने लगती है सजावट

Uttar Pradesh: जैसे ही गणेश चतुर्थी का पावन पर्व नजदीक आ रहा है, मेरठ की गलियों में भगवान गणेश की मूर्तियों की रौनक छा गई है। शहर के बाजार रंग-बिरंगी, इको-फ्रेंडली मूर्तियों से सज चुके हैं, जहां पगड़ी वाले गणेश से लेकर तकिया गणेश तक, हर स्वरूप भक्तों का मन मोह रहा है। थापर नगर के मूर्तिकारों की दुकानों पर 6 इंच की छोटी मूर्तियों से लेकर 5 फुट की भव्य मूर्तियों तक का मेला सजा है, जो न सिर्फ आंखों को सुकून दे रहा है, बल्कि पर्यावरण की रक्षा का संदेश भी दे रहा है।

Published by Mohammad Nematullah

पंकज गुप्ता की रिपोर्ट, Uttar Pradesh: जैसे ही गणेश चतुर्थी का पावन पर्व नजदीक आ रहा है, मेरठ की गलियों में भगवान गणेश की मूर्तियों की रौनक छा गई है। शहर के बाजार रंग-बिरंगी, इको-फ्रेंडली मूर्तियों से सज चुके हैं, जहां पगड़ी वाले गणेश से लेकर तकिया गणेश तक, हर स्वरूप भक्तों का मन मोह रहा है। थापर नगर के मूर्तिकारों की दुकानों पर 6 इंच की छोटी मूर्तियों से लेकर 5 फुट की भव्य मूर्तियों तक का मेला सजा है, जो न सिर्फ आंखों को सुकून दे रहा है, बल्कि पर्यावरण की रक्षा का संदेश भी दे रहा है। छोटी से लेकर भव्य मूर्तियां, हर घर और पंडाल की शान मेरठ के गणपति मूर्ति कला केंद्र के मालिक प्रजापति ने बताया कि उनके पास 6 इंच से लेकर 5 फुट तक की मूर्तियां उपलब्ध हैं, और खास बात यह है कि सभी मूर्तियां इको-फ्रेंडली हैं। इनमें मिट्टी का इस्तेमाल किया जाता है और कई मूर्तियों में बीज डाले जाते हैं, जिन्हें विसर्जन के बाद पौधे के रूप में उगाया जा सकता है। प्रजापति बताते हैं, “6 से 12 इंच की मूर्तियां घरों की शोभा बढ़ाती हैं, जबकि 30 इंच से ढाई फुट तक की मूर्तियां पंडालों में भक्ति का माहौल बनाती हैं|

10 रुपए में जिस्म के बाजार में बेच जाते है अपने, Bihar के Red Light Area में लड़कियों को गुड़िया बनाकर नोंचते हैं दरिंदे, कहानी…

पगड़ी, मुकुट और तकिया गणेश का अनोखा अंदाज

मार्केट में गणेश जी की मूर्तियों की विविधता देखने को मिल रही है। पगड़ी वाले गणेश, मुकुट वाले गणेश, सिंहासन गणेश, गाय गणेश, चौकड़ी गणेश, कुर्ता गणेश, तिरुपति बालाजी, बड़े कान वाले गणेश और तकिया गणेश जैसी मूर्तियाँ ग्राहकों को आकर्षित कर रही हैं। थापर नगर के दुकानदारों का कहना है कि इन मूर्तियों की माँग हर साल बढ़ती है। इस बार बाजार में गणेश जी के अनोखे स्वरूप भक्तों को लुभा रहे हैं। पगड़ी वाले गणेश, मुकुट वाले गणेश, सिंहासन गणेश, गाय गणेश, चौकड़ी गणेश, कुर्ता गणेश, तिरुपति बालाजी गणेश और बड़े कान वाले गणेश के साथ-साथ तकिया गणेश की मूर्तियां खूब चर्चा में हैं। थापर नगर के दुकानदारों का कहना है कि हर साल भक्त कुछ नया चाहते हैं, और इस बार तकिया गणेश और कुर्ता गणेश की डिमांड सबसे ज्यादा है।

Related Post

Who is Sudarshan Reddy: कौन हैं बी सुदर्शन रेड्डी? जिन्हें INDIA ब्लॉक ने उपराष्ट्रपति के लिए बनाया उम्मीदवार

कोलकाता से आती हैं बड़ी मूर्तियां

मूर्ति निर्माण की प्रक्रिया भी कम रोचक नहीं है। प्रजापति बताते हैं कि छोटी मूर्तियां (14 से 20 इंच) यहीं मेरठ में बनती हैं, लेकिन 24 इंच और 30 इंच से बड़ी मूर्तियां कोलकाता से मंगवाई जाती हैं। मूर्ति निर्माण का काम 6 महीने पहले शुरू हो जाता है, जबकि पेंटिंग और सजावट का काम 3-4 महीने पहले। खास बात यह है कि डेढ़ महीने पहले मूर्तियों को सजाने-संवारने का दौर शुरू होता है, ताकि गणेश चतुर्थी तक हर मूर्ति भक्तों के लिए तैयार हो। दुकानदारों के मुताबिक, 12 से 18 इंच की मूर्तियां बनाने में 3 से 4 घंटे लगते हैं, जबकि 24 से 30 इंच की मूर्तियों को तैयार करने में 8 से 9 घंटे का समय लगता है। थापर नगर के एक दुकानदार ने बताया, “हर मूर्ति में जान डालने के लिए हम दिल से मेहनत करते हैं। मिट्टी से बनी ये मूर्तियां न सिर्फ भक्ति का प्रतीक हैं, बल्कि पर्यावरण के लिए भी सुरक्षित हैं।”

Mohammad Nematullah
Published by Mohammad Nematullah

Recent Posts

नोएडा एयरपोर्ट के लिए खुशखबरी, टेकऑफ के लिए तैयार फ्लाइट्स; कब से शुरु होगी उड़ान?

Noida Airport: उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर जल्द ही विमान…

March 6, 2026

Salim Khan health update: जावेद अख्तर ने दी सलीम खान की हेल्थ अपडेट, बताई मौजूदा हालत

Salim Khan health update: मामूली ब्रेन हैम्ब्रेज के बाद अस्पताल में भर्ती सलीम खान की…

March 6, 2026

Remarriage trend: 36 गुणों की चिंता छोड़, परफेक्ट पार्टनर की तलाश, देश में 43% तक बढ़ा री-मैरिज का चलन

Remarriage trend: भारत में शादी को लेकर युवाओं की सोच तेजी से बदल रही है.…

March 6, 2026

Burning candles is dangerous: मोमबत्ती जलाना हुआ खतरनाक, रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा, बीमारी भी ऐसी कि जा सकती है जान

Burning candles is dangerous: नए शोध के अनुसार सुगंधित और पैराफिन मोम से बनी मोमबत्तियां…

March 6, 2026